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जिसे सब छुपाते है उसे हम छापते है



पूरब टाइम्स रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेशवासियों से कोविड एप्रोप्रिएट बिहेवियर का सतत रूप से पालन करते रहने की अपील की है।  उन्होने कहा है कि हम सभी ने बहुत मुश्किलें झेलकर कोरोना की दूसरी लहर को नियंत्रित किया है, हमें हर हाल में तीसरी लहर की आशंका को समाप्त करना है। इस दूसरी लहर में न केवल हमें बड़ा आर्थिक नुकसान पहुंचाया, बल्कि बहुत से करीबियों को भी हमसे छीन लिया है। 
  उन्होंने कहा कि सभी के सम्मिलित प्रयासों से कोरोना संक्रमण दर को हम 30 प्रतिशत से 9 प्रतिशत तक लाने में कामयाब हुए हैं। कोरोना की स्थिति में तेजी से हो रहे सुधार को देखते हुए राज्य शासन ने लाकडाउन के प्रतिबंधों में थोड़ी छूट देने का निर्णय लिया है। यह छूट जन-सामान्य की मुश्किलों को थोड़ा आसान करने के लिए दी जा रही है। 

           इस छूट के दौरान भी बहुत सावधानी बरतने की आवश्यकता है। मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग, सैनेटाइजिंग का पालन करते रहना होगा, अन्यथा निकट भविष्य में हमें और भी बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है। मुख्यमंत्री नेे लोगों से यह भी अपील की है कि कोरोना महामारी से बचाव के लिए अपनी बारी आने पर टीका जरूर लगवाएं, जिन लोगों को टीका का पहला डोज लग गया है वो निर्धारित समय अवधि के बार टीका का दूसरा डोज अवश्य लगवाए तभी हम इस महामारी पर विजय प्राप्त कर सकेंगे।

पूरब टाइम्स  रायपुर। मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल 16 मई को दोपहर 12:00 बजे अपने रायपुर निवास कार्यालय में आयोजित वर्चुअल कार्यक्रम में बिलासपुर में 93 करोड़ 70 लाख रूपये की लागत के अरपा उत्थान एवं तट संवर्धन कार्य का शिलान्यास और इसके बाद अपरान्ह 1 बजे जांजगीर-चांपा जिले में 500 बिस्तर वाले कोविड-19 अस्पताल का उद्घाटन करेंगे। जांजगीर चांपा के इस अस्पताल में 300 ऑक्सीजन बेड्स की सुविधा भी है।

बिलासपुर में बिलासपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा आयोजितअरपा उत्थान एवं तट संवर्धन कार्य के शिलान्यास कार्यक्रम की अध्यक्षता गृहमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री  ताम्रध्वज साहू करेंगे तथा विशिष्ट अतिथि के तौर पर नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के मंत्री डाॅ.शिवकुमार डहरिया वर्चुअल रूप से जुड़ेंगे।बिलासपुर में जल संसाधन विभाग के प्रार्थना सभा कक्ष में  आयोजित कार्यक्रम में अतिथि के रूप में सांसद  अरूण साव,संसदीय सचिव  रश्मि आशीष सिंह,महापौर  रामशरण यादव, विधायक  शैलेश पाण्डेय, जिला पंचायत अध्यक्ष  अरूण सिंह चौहान,निगम के सभापति  शेख नजीरूद्दीन तथा  अटल श्रीवास्तव मौजूद रहेंगे। इस कार्यक्रम में अरपा तट संवर्धन पर एक वीडियो का प्रस्तुतिकरण भी किया जाएगा।

पूरब टाइम्स  रायपुर।  राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके ने आज आदिवासी सेवा मंडल भोपाल द्वारा कोरोना से बचाव एवं उपचार के संबंध में आयोजित वर्चुअल कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए कहा कि आदिवासी समाज स्वाभिमानी होता है। वह स्वयं से बढ़कर किसी चीज की मांग नहीं करता, लेकिन यह समय है कि समाज के पढ़े-लिखे और सक्षम लोग सामने आकर अपना योगदान दें, उनकी मदद करें। उनकी मदद करने का यही सही समय है। राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके ने कहा कि कोरोना ने जैसी परिस्थिति उत्पन्न की है वैसा किसी ने कल्पना भी नहीं किया था। केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार कोरोना से लड़ने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। कई तरह की योजनाएं, पैकेज, टीकाकरण आदि का काम तेजी से किया जा रहा है, लेकिन वनांचल क्षेत्र में रहने वाले आदिवासी समाज के लोग जिनके पास टीवी, रेडियो या समाचार पत्र के साधन नहीं है, उन तक शासन की योजनाओं की जानकारी नही पहुंच पातीहै। ऐसे में समाज के शिक्षित और सक्षम वर्ग की जिम्मेदारी बढ़ जाती है कि उन्हें जागरूक करें। आखिरी व्यक्ति तक शासन की योजनाएं पहुंचाने में मदद करें। 
    उन्होंने कहा कि प्रकृति प्रेमी आदिवासी समाज के लोग सीधे-साधे होते हैं। आदिवासी भाइयों को एकजुट होकर जागरूक करने का यही अवसर है। शिक्षित होने के कारण आपका दायित्व और बढ़ जाता है कि रोजगार, इलाज इन तक पहुंचाएं। सबसे बड़ी बात इनके मन से कोरोना का डर निकालना जरूरी है। आदिवासी समाज बहुत मजबूत होता है इनकी इम्यूनिटी बहुत अधिक होती है, वे वन्य औषधियों का प्रयोग कर अपने इम्यूनिटी कैसे बढ़ा सकते हैं, इन्हें क्या खाना चाहिए हमें यह बताना है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी कोरोना का संक्रमण बढ़ रहा है इसका बड़ा कारण लापरवाही है। लक्षण दिखने पर भी ग्रामीण सामान्य बुखार और खांसी सर्दी की बात कहकर जांच नहीं करा रहे हैं। हमें अपने आदिवासी समाज के भाइयों को जागरूक करना है कि एक-दो दिन में ही लक्षण दिखने पर कोरोना की जांच कराएं क्योंकि यह वायरस दो-तीन दिन में ही फेफड़ों को प्रभावित कर देता है। जांच में देरी होने से हमें नुकसान हो सकता है। 

पूरब टाइम्स  रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य बेहतर टेस्टिंग, ट्रेसिंग, टीकाकरण और उपचार से कोरोना पर नकेल कसने में कामयाब हुआ है। राज्य में हर रोज प्रति दस लाख आबादी पर 2197 टेस्ट किए जा रहे है जबकि राष्ट्रीय स्तर पर यह औसत 1245 ही है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की सतत् माॅनिटंरिग और निर्देशन से अब 39 लैबों में ट्रूनाट और 15 में आरटीपीसीआर टेस्ट की सुविधा मुहैया करायी जा ही है। इसके साथ ही आरटीपीसीआर टेस्ट के लिए बलौदाबजार, दुर्ग, दंतेवाड़ा, जांजगीर-चांपा, जशपुर और कोरबा में 6 नये शासकीय लैब और तैयार हो रहे है। एंटिजन टेस्ट राज्य के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों स्तर तक उपलब्ध है जबकि प्रत्येक जिले में अतिरिक्त मशीन प्रदाय कर टूªनाअ लैब की जांच क्षमता भी बढ़ाई जा रही है। 

   कोरोना संक्रमण के लिए राज्य में किए जा रहे प्रयासों से संक्रमण दर में तेज गिरावट आयी है, अप्रैल में जो संक्रमण दर 30 प्रतिशत के करीब थी वह उतरकर अब 12 प्रतिशत हो गई है। पिछले साल जहां कोविड संक्रमित मरीज पर औसत 4 से 4 काॅंटेक्ट्स को ही टेªक किया जा रहा था वहीं अब हर कोविड मरीज के 7 संपर्को की तलाश और उनकी जांच सुनिश्चित की जा रही है जिससे संक्रमण को रोकने में काफी मदद मिली है। प्रदेश में वर्तमान में 1063 काॅटेन्मेंट क्षेत्र घोषित किये गए हैं जहां घर-घर जाकर टेस्टिंग की जा रही है। राज्य में 6 मेडिकल कॉलेज और एम्स रायपुर सहित 37 डेडिकेटेड कोविड हॉस्पिटल तथा कुल 154 कोविड केयर सेण्टर बनाए गए हैं इसके साथ ही राज्य के प्रत्येक जिले में डेडिकेटेड कोविड अस्पताल भी बनाए गए है। शासकीय डेडिकेटेड कोविड हॉस्पिटल में 5294 बेड तथा कोविड केयर सेण्टर में 16405 बेड की सुविधा उपलब्ध करायी गई है। निजी कोविड अस्पतालों में 9 हजार 596 बेड उपलब्ध कराए गए है। इसके साथ ही कुल 1151 वेटिंलेटर उपलब्ध कराए गए है जिसमें 526 शासकीय और 625 निजी अस्पतालों में है। 

      ऑक्सीजेनेटेड बेड की संख्या बढ़ाये के लिए राज्य में 18 नए ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट्स स्थापित किये गए हैं इसके अतिरिक्त 6 प्लांट्स प्रक्रियाधीन हैं इनमे से 3 प्लांट अगले एक सप्ताह में स्थापित हो जायेंगे। रायपुर मेडिकल कॉलेज में एक विशेष टेलीकंसल्टेशन हब स्थापित किया गया है जिसके माध्यम से मई 2020 से कॉलेज के विषय विशेषज्ञों द्वारा प्रत्येक दिन सभी शासकीय डेडिकेटेड कोविड अस्पतालों से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से संपर्क स्थापित कर उन्हें टेलीकंसल्टेशन प्रदान किया जा रहा है। आवश्यकता पड़ने पर टेली राउंड भी लिए जाते हैं। 


पूरब टाइम्स रायपुर। कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए जरूरी वैक्सीन समय पर छत्तीसगढ़ को नहीं मिल पा रहे हैं। वैक्सीन की कमी औैर लोगों के विरोध के बीच छत्तीसगढ़ सरकार भी वैक्सीन के लिए ग्लोबल टेंडर कर सकती है। लेकिन टेंडर कब औैर किन परिस्थितियों में की जाएगी इसे लेकर अभी कुछ भी स्पष्ट नहीं है। हालांकि स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव का साफ कहना है कि ग्लोबल टेंडर केन्द्र सरकार को करना चाहिए राज्यों को नहीं। दरअसल छत्तीसगढ़ में 18 साल से अधिक उम्र के लोगों के लिए कुल दो करोड़ 60 लाख वैक्सीन की जरूरत पड़ेगी।

राज्य सरकार ने टीका बनाने वाली दोनों कंपनियों को भारत बायोटेक औैर सीरम इंस्टीट्यूट को एक करोड़ 25 लाख टीकों का ऑर्डर दिया है लेकिन इन दोनों कंपनियों की ओर से कभी एक लाख तो कभी डेढ़ लाख औैर कभी ढाई लाख वैक्सीन ही भेजे जा रहे हैं जो कि टीकाकरण केन्द्रों में जाते ही खत्म हो जा रहे हैं। ऐसे में सरकार के सामने टीकाकरण को लेकर संकट पैदा हो गई है। इसके कारण सरकारी अमले को विरोध भी झेलना पड़ रहा है। इसी विरोध को देखते हुए सरकार दूसरे विकल्पों पर विचार कर रही है।

स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने बताया कि सीएम भूपेश बघेल ने वैक्सीन के ग्लोबल टेंडर के संबंध में बातचीत की है। इसलिए ग्लोबल टेंडर करने का विकल्प खुला हुआ है। लेकिन कब औैर किन परिस्थितियों में करेंगे यह अभी तय नहीं हैं। लेकिन यदि ग्लोबल टेंडर करने की नौबत आती है तो केन्द्र सरकार को करना चाहिए क्योंकि एक देश में 36 स्थानों से ग्लोबल टेंडर होगा तो यह स्थिति तो बेहद ही हास्यास्पद है।

सरकार ने पहले से चल रही रियायताें के अलावा स्थापित बाजारों को खोलने की अनुमति दे दी है। लेकिन इसकी दुकानें ऑड-ईवन आधार पर खुलेंगी। मतलब एक दिन 1, 3, 5, 7, और 9 नंबर की दुकानें खुलेंगी तो दूसरे दिन 2, 4, 6, 8, 10 नंबर की दुकान। सड़क के एक तरफ की दुकान एक दिन और सड़क की दूसरी ओर की दुकान अगले दिन खोलने का प्रयोग भी किया जा सकता है।



पूरब टाइम्स दुर्ग।  एमसीसीआर, यूनिसेफ और राज्य सरकार के निर्देश में रोको टोको अभियान के तहत आज वॉलिंटियर्स की टीम वार्ड-21 तितुरडीह हनुमान नगर व वार्ड-22 स्टेशन पारा तितुरडीह जय स्तम्भ चौक में जागरूकता अभियान के लिए पहुंची थी। जहाँ वार्ड-22 स्टेशन पारा जयकरण होटल के समीप उड़िया बस्ती में पार्षद  काशीराम कोसरे के द्वारा टीम के साथ मिलकर वार्डवासियों को जागरूकता संदेश दिया जा रहा था। उसी दौरान बस्ती के सभी छोटे बच्चे स्वतः ही टीम के वॉलिंटियर्स से मिलने आये और अभियान के संबंध में पूछने लगे और टीम का उनके वार्ड पहुंचने पर खुशी जाहिर करने लगे। एक तरफ टीम वार्ड में बड़े बुजुर्गों को जागरूक कर रही थी तो वही सभी छोटे बच्चे मास्क लगाकर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर रहे थे। ये सभी नन्हे बच्चे उन सबके लिए एक शिक्षा या संदेश है जो मास्क न पहनने की लापरवाही कर घर से बाहर निकलते है और खुद की जिंदगी खतरे में डालते है साथ ही अपने परिवार और समाज में भी कोरोना के संक्रमण को बढ़ाते है। आइये ईन नन्हे बच्चों से सबक ले और मास्क के बिना कही बाहर न निकले।

बच्चों ने टीम के साथ मिलकर खुशी जाहिर करते हुए रोको टोको अभियान के संदेश को अपने घर और वार्ड में पालन करने की बात कहते हुए सभी सदस्यों का उनके वार्ड में आने के लिए मुस्कुराते हुए धन्यवाद किया। इस दौरान एनसीसी के  राहुल श्रीवास्तव , एनएसएस के अभिषेक जोसफ, समाजसेवी  हरि शंकर व  जनक देवांगन, किरण,  चंद्रकांत समेत वार्ड पार्षद  काशीराम कोसरे की अहम भूमिका रही।उल्लेखनीय है कि जिला प्रशासन और यूनिसेफ द्वारा यह अभियान चलाया जा रहा है

पूरब टाइम्स रायपुर। शहर में शुक्रवार से एपीएल  और फ्रंट लाइन वॉरियर्स के लिए टीकाकरण फिलहाल बंद कर दिया गया है। वजह है टीके का न होना। सरकार की तरफ से जारी की गई जानकारी के मुताबिक टीके का नया स्टॉक आने तक रायपुर में इन दो कैटेगरी के लोग टीका नहीं लगवा सकेंगे। वैक्सीन का नया स्टॉक आने के बाद ही जानकारी जारी की जाएगी और टीकाकरण शुरू हो सकेगा। अब शुक्रवार से राजधानी के सभी 18 टीकाकरण केंद्रों में सिर्फ 

राज्य की सरकार रायपुर जिले में 18-44 एज ग्रुप के लोगों के लिए चार कैटेगरी निर्धारित की गई है। इसके मुताबिक किसी केंद्र पर कुल उपलब्ध वैक्सीन का 20% फ्रंटलाइन वर्कर और कोमार्बिडिटी (गंभीर बीमारियों से पीड़ित) वाले लोगों के लिए होगा। वैक्सीन का 12% अन्त्योदय, निराश्रित, अन्नपूर्णा और नि:शक्त श्रेणी के राशन कार्ड वालों के लिए होगा। वैक्सीन का 16% हिस्सा एपीएल  श्रेणी के लोगों के लिए होगा और सबसे बड़ा 52% हिस्सा बीपीएल श्रेणी के कार्ड धारकों के लिए सुरक्षित है।

10 मई से इस नई व्यवस्था के तहत टीकाकरण शुरू हुआ था। रायपुर जिले में 10 मई को 30 हजार कोवीशील्ड वैक्सीन थी। 13 मई तक एपीएल  श्रेणी के 4820,बीपीएल  श्रेणी के 8678, अंत्योदय श्रेणी के 952 और फ्रंटलाईन श्रेणी के 6078 लोगों का पहली डोज का वैक्सीनेशन हुआ है। इन्हीं 30 हजार वैक्सीन डोज में से बीपीएल के लिये लगभग 7 हजार और अंत्योदय के लिए 2600 डोज उपलब्ध हैं। अब अगले स्टॉक के आने तक इन्हीं वर्गाें का शहर के 18 वैक्सीनेशन सेंटर में टीकाकरण होगा। नया स्टॉक मिलने के बाद सरकार जिला न्यायालय, विधानसभा और पत्रकारों के लिए टीकाकरण कैंप का आयोजन करेगी।

प्रदेश में 12 मई तक की स्थिति में 18 से 44 एज कैटेगरी में कुल 3,04,349 लोगों का वैक्सीनेशन हुआ है। इसके लिए प्रदेश में 997 वैक्सीनेशन सेंटर बने हैं। रायपुर के मारुति मंगलम गुढियारी, शासकीय कला एवं वाणिज्य कन्या महाविद्यालय देवेन्द्र नगर, जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (BTI) परिसर, डिग्री गर्ल्स कॉलेज, सांस्कृतिक भवन चंगोराभाठा, पं.दीनदयाल उपाध्याय आडिटोरियम, सामुदायिक भवन कबीरनगर, शासकीय माध्यमिक शाला पुरैना, अडवानी आलिकान उच्चतर माध्यमिक शाला बीरगांव , शासकीय उच्च माध्यमिक शाला सरोरा में वैक्सीनेशन किया जा रहा है।

इनके अलावा दाऊ पोषण लाल चंद्रवंशी शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय परसतराई धरसींवा, पूर्व माध्यमिक शाला बरबंदा धरसींवा,सांस्कृतिक भवन, वार्ड क्रमांक 18 तिल्दा, भारत देवांगन शाला उच्च माध्यामिक विद्यालय खरोरा, शासकीय कन्या उच्चतर विद्यालय अभनपुर, शासकीय हरिहर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नवापारा और बद्री प्रसाद लोधी स्नातकोत्तर महाविद्यालय आरंग में भी वैक्सीनेशन जारी है।

पूरब टाइम्स रायपुर।  चालू वर्ष 2021 के दौरान अब तक 4 लाख 76 हजार 631 मानक बोरा तेंदूपत्ता का संग्रहण हो चुका है, जो लक्ष्य के एक चौथाई से अधिक है। राज्य में चालू वर्ष के दौरान 16 लाख 71 हजार मानक बोरा तेंदूपत्ता के संग्रहण का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के निर्देश पर पिछले साल की तरह इस साल भी कोरोना-संकट के दौरान आर्थिक गतिविधियों के सुचारु संचालन के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं।  

वन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर ने बताया है कि कोविड-19 की गाइडलाइन तथा आवश्यक सावधानियों का पालन करते हुए वनवासियों द्वारा तेंदूपत्ता का संग्रहण द्रुत गति से जारी है। राज्य में अब तक संग्रहित मात्रा में से वनमण्डल बीजापुर में 40 हजार 239 मानक बोरा तथा सुकमा में 56 हजार 996 मानक बोरा तेंदूपत्ता का संग्रहण शामिल है। इसी तरह वनमण्डल दंतेवाड़ा में 10 हजार 252 मानक बोरा, जगदलपुर में 14 हजार 736 मानक बोरा, दक्षिण कोण्डागांव में 12 हजार 453 मानक बोरा तथा केशकाल में 17 हजार 255 मानक बोरा तेंदूपत्ता का संग्रहण हुआ है। वनमण्डल नारायणपुर में 11 हजार 238 मानक बोरा, पूर्व भानुप्रतापपुर में 13 हजार 911 मानक बोरा, पश्चिम भानुप्रतापपुर में 11 हजार 30 मानक बोरा तथा कांकेर में 20 हजार 167 मानक बोरा तेंदूपत्ता का संग्रहण हो चुका है।

    इसी तरह वनमण्डल राजनांदगांव में 12 हजार 677 मानक बोरा, खैरागढ़ में 4 हजार 3 मानक बोरा, बालोद में 13 हजार 565 मानक बोरा तथा कवर्धा में एक हजार 373 मानक बोरा तेंदूपत्ता का संग्रहण हुआ है। वनमण्डल धमतरी में 13 हजार 510 मानक बोरा, गरियाबंद में 61 हजार 126 मानक बोरा, महासमुंद 47 हजार 619 मानक बोरा तथा बलौदाबाजार 12 हजार 183 मानक बोरा तेंदूपत्ता का संग्रहण किया गया है। वनमण्डल बिलासपुर में 5 हजार 311 मानक बोरा, मरवाही में 104 मानक बोरा, जांजगीर-चांपा में 3 हजार 297 मानक बोरा, रायगढ़ में 23 हजार 20 मानक बोरा, धरमजयगढ़ में 29 हजार 100 मानक बोरा, कोरबा में 9 हजार 872 मानक बोरा तथा कटघोरा में 10 हजार 202 मानक बोरा का संग्रहण हुआ है। इसी तरह वनमण्डल जशपुर में 7 हजार 978 मानक बोरा, मनेन्द्रगढ़ में 5 हजार 161 मानक बोरा, कोरिया में 464 मानक बोरा, सरगुजा में 6 हजार 963 मानक बोरा और सूरजपुर में 813 मानक बोरा तेंदूपत्ता का संग्रहण हो चुका है।

पूरब टाइम्स रायपुर। एक तरफ शहरी एरिया में 18+ वैक्सिनेशन के लिए सुबह 5 बजे से टीका लगवाने वालों की लाइन लग रही है तो दूसरी ओर गरियाबंद के देवभोग ब्लॉक का धुंगियामुड़ा गांव में अब तक किसी भी उम्र के किसी भी व्यक्ति ने टीका नहीं लगवाया है। आसपास पड़ोस के गांवों में वैक्सीन लगवाने के बाद महीनेभर बुखार, अपाहिज होने व मौत की अफवाह के कारण यहा के लोग कोविड वैक्सीन नहीं लगाना चाहते हैं। जबकि गांव में 45 + आयु वालों की संख्या अच्छी खासी है।

 धुंगियामुड़ा गांव में   मितानिन पद्मनी सौरी से मुलाकात हुई, उसने बताया कि यहां सिर्फ 6 महिलाओं ने ही कोरोना का दोनों टीका लगवाया है, जिनमें 4 मितानिन व 2 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हैं। इसके अलावा कोई नहीं, समझाने व टीका का महत्व समझाने जाते हैं तो वे नहीं मानते हैं। पास में ही घर के बाहर खटिया पर लेटे मौजूद बुजुर्ग मोतीराम से वैक्सीन लगवाने को लेकर पूछा गया तो वे कहने लगे मेरी तबीयत ठीक नहीं है, इसलिए नहीं लगाया, फिर बोले माता आई है। इतने में ही एक बुजुर्ग आए और हमें कहा कि यहां क्या पूछते हो, बरगद के पेड़ के नीचे जाओ, वहां सब हैं।

उनसे पूछना तब जवाब मिलेगा। बरगद के पेड़ के नीचे करीबन 30 लोग बिना किसी मास्क व सोशल डिस्टेसिंग के बैठे हुए थे। वहां भीड़ में खड़ा एक शख्स गांव का सरपंच हेमंत कुमार नागेश भी थे। उनसे ही जब अब तक गांव में एक भी वैक्सीन नहीं लगवाने को सवाल किया गया तो वे कहने लगे कि अब बगल के ही मेरे गाँव मुखागुड़ा में अधिकतर लोगों को पहला डोज लग गया है, उनमें से कई को बुखार आया, चलने में परेशानी आने लगी है। यह सुनकर यहाँ के लोग नहीं लगा रहे हैं।

उन्हें डर भी है। सरपंच कहने लगे के अब उनका डर सही भी है, महीनेभर बुखार आता है, जब उन्हें टीम ने बताया कि महीनेभर नहीं, कुछ दिन आता है, वह भी सभी को नहीं। तो वे कहने लगे अब कुछ गांव में टीका लगवाने के बाद मरने की घटना सुनाई दी है, इसलिए और नहीं लगा रहे हैं। अब सीईओ, स्वास्थ्य अधिकारी भी आकर समझा चुके हैं। ये नहीं मान रहे हैं, तो क्या कर सकते हैं। देखते ही देखते उस बरगद के नीचे 50-60 व्यक्ति इकट्ठा हो गए, जिनमें अधिकतर 50-70 उम्र वाले ही थे। सभी सरपंच की बातों पर हामी भर रहे थे।

पूरब टाइम्स रायपुर। छत्तीसगढ़ में 01 मई 2021 के बाद कोरोना संक्रमण की स्थिति में लगातार सुधार हो रहा है। तब से लेकर अब तक जहां प्रतिदिन नये मामलों में कमी हो रही है, वहीं संक्रमण दर भी लगातार घट रही है। इन 12 दिनों में पाजिटिविटी दर 26.1 से घट कर अब 14 प्रतिशत रह गई है।  अस्पतालों में सभी तरह के बिस्तरों और आक्सीजन की उपलब्धता बढ़ने के साथ-साथ प्रतिदिन होने वाली मृत्यु में भी कमी आ रही है। इस बीच टेस्ट और टीकाकरण में भी तेजी आई है। राज्य ने प्रतिदिन किए जा रहे टेस्ट में नया रिकार्ड कायम किया है। 12 मई को एक दिन में 71 हजार 138 से टेस्ट किए गए।

      छत्तीसगढ़ में बीते 1 मई को जहां कोरोना संक्रमण के 15 हजार 905 नये मामले सामने आए थे, वहीं 12 मई को 10 हजार 150 नये मामले दर्ज किए गए। इसी तरह प्रतिदिन होने वाली मृत्यु का आंकड़ा जहां 01 मई को 229 था, वहीं 12 मई को 153 लोगों की मृत्यु हुई। 12 दिन पहले तक राज्य के अस्पतालों में जहां खाली बेड उपलब्ध नहीं हो पा रहे थे, वहीं कल 12 मई की स्थिति में 318 वेन्टीलेटर बेड, 852 आई.सी.यू. बेड, 750 एच.उी.यू. बेड, 6364 ऑक्सीजन बेड एवं 11,883 अन्य बेड उपलब्ध थे। राज्य में शुरु से आक्सीजन की कमी नहीं रही है। सुविधाओं में किए जा रहे विस्तार के कारण अब संभावित कोरोना संक्रमितों की प्रतिदिन जांच का आंकड़ा भी बढ़ा है। 12 मई को राज्य ने 71 हजार 138 लोगों की जांच कर नया रिकार्ड कायम किया है।

     इस बीच टीकाकरण की मुहिम को व्यवस्थित तरीके से संचालित करने के लिए मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने 12 मई को राज्य में सीजी-टीका वेब पोर्टल की शुरुआत की है। इस पोर्टल की शुरुआत होने से गरीब, निराश्रित और अंत्योदय सहित ऐसे लोग भी अपना पंजीयन करा सकेंगे, जिनके पास मोबाइल या इंटरनेट की सुविधा नहीं है। राज्य के 13 नगर निगमों में आज 13 मई से सप्ताह में सातों दिन चैबीसों घंटे रेपिड एंटीजन टेस्ट की सुविधा शुरु कर दी गई है। सैंपलों की आरटीपीसीआर जांच सुविधाओं में किए जा रहे विस्तार के तहत बैकुंठपुर में नये वायरोलाजी लैब की शुरुआत की जा चुकी है। इस लैब को मिलाकर अब राज्य के दस शासकीय लैबों में आरटीपीसीआर जांच की सुविधा उपलब्ध हो चुकी है। इससे प्रतिदिन जांच की संख्या में बढ़ोतरी होने के साथ-साथ जांच-रिपोर्ट भी जल्दी मिलने लगेगी। 

पूरब टाइम्स  रायपुर । मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने आज शाम राजधानी स्थित अपने निवास कार्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 4 जिलों के चेम्बर ऑफ कॉमर्स के प्रतिनिधियों से कोविड-19 के संबंध में चर्चा की। इस अवसर पर गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू, कृषि मंत्री  रविन्द्र चौबे तथा वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री  मोहम्मद अकबर सहित रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव तथा बिलासपुर के कलेक्टर और व्यापारिक प्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक में अपर मुख्य सचिव  सुब्रत साहू तथा मुख्यमंत्री के सचिव सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी उपस्थित थे। 
  मुख्यमंत्री श्री बघेल ने चर्चा के दौरान कहा कि राज्य में सभी वर्ग के लोगों के हित को ध्यान में रखते हुए कार्य किया जा रहा है। इनमें व्यापार-व्यवसाय का भी कोविड अनुकूल व्यवहार तथा शासन की दिशा-निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन सहित संचालन की जरूरत है। जिससे लोगों को कोई असुविधा न होने पाए। उन्होंने इसके मद्देनजर संबंधित जिला कलेक्टरों को स्थानीय परिस्थिति के अनुरूप अति आवश्यक दुकानों को अलग-अलग अवधि तथा समय में खोलने के लिए छूट देने के संबंध में निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इनमें कहीं भी भीड़ एकत्र न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। इसी तरह वहां कोविड-19 के नियमों का भी नियमतः पालन सुनिश्चित करने के संबंध में निर्देशित किया। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने इसके लिए कलेक्टरों को चेम्बर ऑफ कॉमर्स सहित सभी वर्ग के लोगों से चर्चा कर उन्हें विश्वास में लेते हुए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
  मुख्यमंत्री श्री बघेल ने चर्चा करते हुए कहा कि राज्य में कोरोना संकट से निपटने में शासन-प्रशासन के साथ-साथ सभी वर्ग के लोगों की भागीदारी रही है। यहां सबके सहयोग से कोरोना को जल्द से जल्द हराना है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्रदेश भर में लॉकडाउन की स्थिति में लोगों को कोई असुविधा न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जा रहा है। इस कड़ी में उन्होंने आज चेम्बर ऑफ कॉमर्स के प्रतिनिधियों की बैठक ली। जिसमें व्यापारिक प्रतिनिधियों ने कोरोना नियंत्रण के लिए हर संभव मदद देने सहित दुकान आदि के संचालन के संबंध में आवश्यक सुझाव भी दिए। 

बिलासपुर। जनहित याचिका दायर होने के बाद प्रदेश में टीकाकरण बंद करने पर शुक्रवार को हाई कार्ट ने राज्य शासन पर कड़ी नाराजगी जाहिर की और टीकाकरण बंद करने के निर्णय को बेतुका बताया। कोर्ट ने आरक्षण के बजाए सभी वर्गों को एक तिहाई के हिसाब से टीकाकरण करने का आदेश दिया है। अब इस प्रकरण की सुनवाई अगले सप्ताह होगी। आज इस प्रकरण की सुनवाई शुरू होते ही चीफ जस्टिस व जस्टिस पीपी साहू की युगलपीठ ने राज्य शासन के द्वारा टीकाकरण बंद करने के निर्णय पर आपत्ति जताते हुए नाराजगी जाहिर की।

   इस पर कोर्ट ने राज्य शासन को जागरूकता शिविर लगाने के लिए भी कहा है। कोर्ट ने टीकाकरण को तत्काल चालू करते हुए प्रदेश के सभी वर्ग के युवाओं के एक तिहाई के हिसाब से टीकाकरण करने के लिए कहा है। साथ ही यह भी कहा है कि राज्य शासन ने जो कमेटी बनाई है, उसकी विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए, जिस पर अगले सप्ताह सुनवाई की जाएगी। मालूम हो कि जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी ने राज्य शासन द्वारा टीकाकरण में आरक्षण लागू करने के खिलाफ हाई कोर्ट में याचिका दायर की है।

पूरब टाइम्स रायपुर। मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल की घोषणा के परिपालन में राज्य की मितानिन बहनों को कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए जिला प्रशासन द्वारा सेनेटाइजर और मास्क के साथ-साथ हैंड ग्लोव और गमबूट प्रदाय किए जाने का सिलसिला शुरू हो गया है। आज बेमेतरा जिले के खंडसरा सामुदायिक केंद्र के अंतर्गत आने वाले गांवों में कार्यरत मितानिन बहनों को कलेक्टर  शिव अनंत तायल ने सेनेटाइजर मास्क, हैंड ग्लोव, और गम बूट प्रदान करते हुए उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दी।

  गौरतलब है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 4 मई को सरगुजा और बस्तर संभाग के मितानिन बहनों और ग्रामीण स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को गांवों में कोरोना के संक्रमण की रोकथाम, लक्षण वाले मरीजों की पहचान और उन्हें कोरोना दवा किट प्रदान करने में उनके योगदान की सराहना करते हुए उनकी सुरक्षा के लिए शासन-प्रशासन की ओर से निःशुल्क सेनेटाइजर और मास्क दिए जाने की घोषणा की थी ताकि मितानिन बहनें और स्वास्थ्य कार्यकर्ता गांवों के भ्रमण के दौरान अपनी सुरक्षा के लिए एक उपयोग कर सकें

 कलेक्टर बेमेतरा श्री शिव अनंत तायल ने बताया कि आज 6 मई को खंडसरा सामुदायिक केंद्र में आयोजित एक संक्षिप्त कार्यक्रम में 26 मितानिन बहनों को प्रतीक स्वरूप उक्त सामग्री प्रदान की गई। बेमेतरा जनपद पंचायत अंतर्गत कुल 485 मितानिन बहने कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि 10 अप्रैल को नवागढ़ जनपद पंचायत अंतर्गत कार्यरत मितानिन बहनों को सेनेटाइजर ,मास्क, हैंड ग्लोव, गम बूट आदि का वितरण किया जाएगा। नवागढ़ में 465 ,बेरला में 444 तथा साजा जनपद में 552 मितानिन बहनें कार्यरत हैं। सभी मितानिन बहनों को सेनेटाइजर, मास्क, हैंड ग्लोवऔर गम बूट प्रदाय किए जाने की व्यवस्था जिला प्रशासन द्वारा पूरी कर ली गई है।

मुख्यमंत्री ने कोरोना प्रबंधन में मिल रहे सहयोग के लिए समाज प्रमुखों को दिया धन्यवाद

कोविड अनुकूल व्यवहार के प्रति लोगों को करें जागरूक 

कोविड-19 की रोकथाम के लिए सामाजिक संगठन सहयोग के लिए सहर्ष तैयार

मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंस से विभिन्न सामाजिक संगठनों से की चर्चा

रायपुर. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेश में कोरोना के बढ़ते संक्रमण से उत्पन्न स्थिति पर विभिन्न समाज के प्रमुखों से कोरोना महामारी से निपटने सामाजिक संगठनों से सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार के पास संसाधन सीमित हैं। सरकार के साथ समाज के जुड़ने से संसाधन कई गुना बढ़ जाता है। कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए पिछले वर्ष की तरह इस बार भी सभी समाज के लोगों का सक्रिय सहयोग जरूरी है। उन्होंने वर्तमान में विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सहायता के लिए उन्हें धन्यवाद दिया। 

    मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंस में कहा कि कोरोना महामारी की दूसरी लहर ज्यादा घातक है। इसका वायरस ज्यादा संक्रमित करने वाला है। इस बार अधिक सतर्कता बरतने की जरूरत है। राज्य शासन अपने पूरे संसाधन के साथ इस महामारी से निपटने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि तेजी से बढ़ रहे संक्रमण की रोकथाम के लिए लॉकडाउन जरूरी है। उन्होंने समाज प्रमुखों से लोगों को स्वअनुशासित रहने और संक्रमण से बचाव के उपायों का गंभीरता से पालन करने के लिए प्रेरित करने कहा।

    श्री बघेल ने कहा कि बचाव ही सुरक्षा है। इसके लिए लोगों का जागरूक होना जरूरी है। मास्क के उपयोग, शारीरिक दूरी और हाथों की अच्छी साफ-सफाई से संक्रमण से बचा जा सकता है। यदि घर में किसी को लक्षण दिखें तो उसे आइसोलेट करें। उसकी कोरोना जांच करवाएं और रिपोर्ट पॉजिटिव आए तो एसओपी के मुताबिक पूरा उपचार लें। इलाज में देरी से संक्रमण बढ़ता है और यह जानलेवा हो सकता है। मुख्यमंत्री ने समाज प्रमुखों को रेमेडेसिविर इंजेक्शन के उपयोग के बारे में बताया कि यह आईसीयू या वेंटीलेटर में उपचाररत गंभीर मरीजों को दिया जाता है। इसके लिए डॉक्टरों की निगरानी जरूरी है। होम आइसोलेशन और अस्पताल में सामान्य मरीजों के लिए इसका प्रयोग नहीं होता है। अस्पतालों को उनकी जरूरत के मुताबिक रेमेडेसिविर की आपूर्ति की जा रही है। मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंस में बताया कि अभी प्रदेश के सात शासकीय और पांच निजी लैबों में आरटीपीसीआर पद्धति से कोरोना सैंपलों की जांच की जा रही है। इस महीने कोरिया, महासमुंद, कांकेर और कोरबा में चार नए लैब शुरू होने से जांच में तेजी आएगी और रिपोर्ट जल्दी मिलेगी। शासकीय क्षेत्र के 31 और निजी क्षेत्र के चार लैबों में ट्रनाट पद्धित से भी सैंपलों की जांच की जा रही है। रैपिड एंटीजन किट से भी सभी जिलों में सैंपल की जांच हो रही है। उन्होंने बताया कि टीकाकरण में भी छत्तीसगढ़ देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है।

    मुख्यमंत्री से चर्चा के दौरान विभिन्न समाजों के प्रतिनिधियों ने बताया कि वे लॉकडाउन के दौरान जरूरतमंदों को भोजन उपलब्ध कराने के साथ ही ऑक्सीजन सिलेंडर, ऑक्सीजन कन्सेन्ट्रेटर और दवाईयां उपलब्ध कराने में सहयोग कर रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री को आश्वस्त किया कि वे कोविड-19 के प्रबंधन में अपने सामाजिक भवनों, छात्रावासों, वालिंटियर, भोजन उपलब्ध कराने, ऑक्सीजन आपूर्ति एवं अन्य किसी भी प्रकार के सहयोग के लिए सहर्ष तैयार हैं। वीडियो कॉन्फ्रेंस में मनवा कुर्मी समाज, छत्तीसगढ़ कंवर समाज, राजपूत-क्षत्रिय महासभा, माहेश्वरी समाज, छत्तीसगढ़ सिंधी पंचायत, महाराष्ट्र मंडल, साहू समाज, मसीही समाज, जैन समाज और देवांगन समाज के प्रमुख शामिल हुए।

राज्य की कुल जनसंख्या के 15 प्रतिशत से अधिक को कोविड 19 वैक्सीन की पहली डोज लगी 

पूरब टाइम्स रायपुर. छत्तीसगढ़ कोविड 19 वैक्सीनेशन में पूरे देश में सातवंे स्थान पर है। राज्य में कुल जनसंख्या के 15.17 प्रतिशत लोगों केा मतलब 44 लाख 49 हजार से अधिक को वैक्सीन का पहला डोज दिया जा चुका है। राष्ट्रीय औसत 7.79 प्रतिशत है। केन्द्र शासित प्रदेश लक्षद्वीप, अंडमान निकोबार, लदाख के साथ राज्यों में सिक्किम,त्रिपुरा,हिमाचल प्रदेश केवल छत्तीसगढ़ से आगे हैं। कल 18 अप्रैल तक की स्थिति में यहां 45 वर्ष से अधिक उम्र के लगभग 66 प्रतिशत लोगों को पहली डोज लग चुकी है। इसके अलावा 88 प्रतिशत हेल्थ केयर वर्कर, 91 प्रतिशत फ्रंट लाइन वर्कर को भी वैक्सीन की पहली खुराक दी गई है।


प्रदेश में अन्य राज्यो से ट्रेन से आने वाले यात्रियों को छत्तीसगढ़ सर्कार के नए नियमों के तहत तीन दिन पूर्व की कोविड निगेटिव रिपोर्ट लाना अनिवार्य किया गया है जिन यात्रियों के पास यह रिपोर्ट नही होगा उनका स्टेशन में ही स्वास्थ्य परीक्षण स्क्रीनिंग किया जाएगा और लक्षण दिखने पर कोरोना टेस्ट किया जाएगा अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य श्रीमती रेणु जी पिल्ले ने इस संबंध में सभी कलेक्टरेां को आवष्यक व्यवस्था करने के निर्देष दिए है इस कार्य के लिए रेल्वे प्रबंधन का भी आवश्यक सहयोग लिया जाएगा.
 शासकीय पत्र में कहा गया है कि कोरोना जांच के बाद पाजिटिव पाए जाने वाले मरीजों को आवश्यकता अनुसार डेडिकेटेड अस्पताल, कोविड केयर सेंटर, होम आइसोलेश न में उपचार हेतु परिवहन की व्यवस्था से भेजा जायेगा ऐसे यात्री जिनमें कोरोना के लक्षण नही है और जिनकी जांच नही की जा रही है उन्हे 7  दिनों के लिए क्वारंटाइन किया जायेगा ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग और षहरी क्षेत्रों में नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा यात्रियों को क्वांरेटीन किए जाने हेतु पूर्व में जारी दिशा निर्देषों का पालन किया जाए क्व़ारणटाईन सेंटरों में स्वास्थ्य परीक्षण एवं जांच हेतु स्वास्थ्य विभाग द्वारा विगत वर्ष में जारी निर्देश का पालन किया जाएगा रेल्वे स्टेशनों के जांच केन्द्रों में कोविड अनुकूल व्यवहार का पालन सुनिश्चित कराया जाए.

रायपुर. कोरोना टीका लगवा चुके लोग कोविड-19 संक्रमण के दूसरे दौर में काफी हद तक सुरक्षित हैं। कोरोना संक्रमित होने वालों में, ऐसे लोगों की संख्या नगण्य है, जो कोरोना का पहले अथवा दोनों दौर का टीका लगवा चुके हैं। रायगढ़ जिले में कोरोना वैक्सीनेशन तेजी से कराया जा रहा है। पात्रतानुसार 94 प्रतिशत यानी 2,86,531 लोगों को प्रथम दौर का तथा 8443 लोगों को द्वितीय दौर का टीका लगाया जा चुका है। यह बातें जिला प्रशासन रायगढ़ के वरिष्ठ अधिकारियों एवं विशेषज्ञ चिकित्सकों ने कृषि एवं जल संसाधन मंत्री तथा रायगढ़ जिले के प्रभारी मंत्री  रविंद्र चौबे द्वारा कोरोना महामारी प्रबंधन के संबंध में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ली जा रही समीक्षा बैठक के दौरान कही।

   प्रभारी मंत्री रविंद्र चौबे एवं उच्च शिक्षा मंत्री  उमेश पटेल आज रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय से रायगढ़ जिले के जनप्रतिनिधियों, वरिष्ठ अधिकारियों की वर्चुअल बैठक लेकर रायगढ़ जिले में कोरोना महामारी प्रबंधन की स्थिति की गहन समीक्षा की। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण की रोकथाम, उपचार और जरूरतमंदों की मदद के लिए राशि की कमी नहीं आने दी जाएगी। जिला प्रशासन को उसकी आवश्यकता के अनुरूप फंड उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने 14 अप्रैल से 22 अप्रैल तक रायगढ़ जिले में होने वाले लॉकडाउन की तैयारियों के बारे में भी कलेक्टर भीम सिंह, पुलिस अधीक्षक  संतोष सिंह से जानकारी ली। मंत्री  रविंद्र चौबे ने कहा कि लॉक डाउन के दौरान श्रमिकों एवं जरूरतमंदों को राशन आदि की व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए। कोरोना संक्रमित लोगों के उपचार के पुख्ता प्रबंध किए जाएं। कोविड संक्रमित ऐसे लोग, जो होम आइसोलेशन में हैं। उनके दवाओं की आपूर्ति और फालोअप का भी विशेष ध्यान रखा जाये। मंत्री श्री चौबे ने कहा कि कोरोना संक्रमण की वर्तमान स्थिति गंभीर है। ऐसी स्थिति में हमारी यह जिम्मेदारी है, कि हम अपने कर्तव्य के निर्वहन के प्रति भी पूरी तरह से तत्पर और गंभीर रहें। उन्होंने कलेक्टर  भीम सिंह को कोरोना महामारी नियंत्रण और पीड़ितों के इलाज की बेहतर व्यवस्था के लिए डीएमएफ  की राशि के उपयोग के निर्देश दिए। इस अवसर पर विधायकगणों ने भी विधायक निधि की राशि का कोरोना नियंत्रण एवम उपचार की व्यवस्था के लिए उपयोग किए जाने की सहमति दी।