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पूरब टाइम्स रायपुर।  छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल ने ये फैसला किया है कि 12वीं की परीक्षा ली जाएगी। इसे लेकर शनिवार की शाम के आदेश जारी किया। इसमें स्टूडेंट्स के मन में चल रहे कन्फ्यूजन को दूर करते हुए बोर्ड ने लिखा है कि अब परीक्षा ली जाएगी। कोविड संक्रमण के खतरे को देखते हुए एक बड़ी सुविधा स्टूडेंट्स को दी जा रही है। बोर्ड के सचिव वीके गोयल ने  बताया है कि बच्चों को घर पर रहकर ही एग्जाम देना होगा। परीक्षा केंद्र तक जाने की जरूरत नहीं है। बच्चों के स्कूलों से उन्हें सेंटर्स के बारे में जानकारी मिलेगी, हालांकि उनके स्कूल को ही सेंटर बनाया जा रहा है। इन सेंटर्स से स्टूडेंट 1 जून से 5 जून तक प्रश्न पत्र और आंसरशीट हासिल कर सकेंगे। 12वीं की परीक्षा पूरे राज्य में इस साल लगभग 2 लाख 71 हजार स्टूडेंट शामिल होंगे।

पूरब टाइम्स रायपुर।  छत्तीसगढ़ में सरकार ब्लैक फंगस को महामारी कहने से बच रही है। विधि विभाग से तकनीकी मार्गदर्शन के बाद इसे सूचनीय रोग घोषित कर दिया गया है। इसकी अधिसूचना शनिवार देर रात जारी हुई। अब सरकारी और निजी अस्पतालाें को ब्लैक फंगस के प्रत्येक पुष्ट अथवा संदिग्ध केस की जानकारी जिले में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को देना अनिवार्य होगा।

स्वास्थ्य विभाग की अधिसूचना के मुताबिक अब ब्लैक फंगस अथवा Mucormycosis को नोटिफिएबल डीजीज अथवा सूचनीय रोग घोषित किया गया है। अब प्रदेश के सभी सरकारी और निजी अस्पतालों को ब्लैक फंगस (Mucormycosis) की स्क्रिनिंग, पहचान, प्रबंधन के संबंध में छत्तीसगढ़ सरकार, ICMR और केंद्र सरकार की ओर से समय-समय पर जारी दिशा निर्देशों का पालन करना होगा। प्रदेश के सभी स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं को ब्लैक फंगस (Mucormycosis) के संदेहास्पद या पुष्ट सभी मामलों की जानकारी संबंधित जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी देना अनिवार्य होगा। शनिवार रात जारी अधिसूचना एक वर्ष के लिए वैध बनाई गई है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया, पंजाब, हरियाणा, कर्नाटक, तमिलनाडु और तेलंगाना ने भी एपिडेमिक डिजीजेज ऐक्ट के तहत इसे सूचनीय रोग ही घोषित किया है। हालांकि मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, चंडीगढ़, ओडिशा, उत्तराखंड और गोवा जैसे राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में ब्लैक फंगस को अधिसूचित संक्रामक रोग यानी महामारी घोषित किया जा चुका है।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का तर्क है कि ब्लैक फंगस कोई नई बीमारी नहीं है। यह मैन टू मैन ट्रांसफर भी नहीं होता। इसलिए इसे पूरी तरह संक्रामक रोग कहना ठीक नहीं है। कोरोना संकट के बीच इसे महामारी कहने से लोगों में डर फैल जाएगा। इसकी निगरानी और इलाज की बेहतर व्यवस्था के लिए नोटिफिएबल डिजीज घोषित कर दिया गया है। अब किसी संदिग्ध मामले की जानकारी भी सरकार तक पहुंचेगी। इससे नियंत्रण में आसानी होगी।

प्रदेश सरकार के सरकारी आंकड़ों में ब्लैक फंगस के 100 से अधिक मरीजों का इलाज जारी है। इनमें से 78 मरीज तो रायपुर एम्स में ही भर्ती हैं। रायपुर और दुर्ग जिले को सबसे अधिक प्रभावित बताया जा रहा है। दुर्ग जिले में 23 मरीजों की पहचान हुई है। प्रदेश में ब्लैक फंगस से मौत का पहला मामला भी दुर्ग के भिलाई में ही आया था। शुक्रवार को भी ब्लैक फंगस से मौत हुई।

पूरब टाइम्स रायपुर। जल को हमारी संस्कृति में एक विशिष्ट स्थान दिया गया है। इतना महत्वपूर्ण स्थान होने के कारण हमें जल की कमी सामना करना पड़ रहा है, इसका कारण जल का अनियंत्रित प्रयोग, प्रदूषण, पर्यावरण असंतुलन इत्यादि है। आज हम इस प्रकृति को बचाने के लिए पर्यावरण और जल संरक्षण करने का संकल्प लें। साथ ही अधिक से अधिक प्राकृतिक खेती को भी अपनाएं। यह बात राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके ने आज अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय बिलासपुर द्वारा  प्राकृतिक खेती और जल संरक्षण विषय पर आयोजित राष्ट्रीय वेबीनार को संबोधित करते हुए कही। गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि देश में हम प्राकृतिक खेती अपना लेते हैं तो न बाढ़ की समस्या होगी न जल की कमी की समस्या होगी। साथ ही हमारी भूमि भी पौष्टिक होगी। इससे प्राप्त उत्पादों से कोरोना जैसे बीमारियों से लड़ने के लिए प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि होगी।
राज्यपाल सुश्री उइके ने कहा कि यह विचारणीय विषय है कि जो जल जीवन की उत्पत्ति का आधार है आज उसी की कमी का सामना करना पड़ रहा है और उसका कारण कहीं न कहीं हम स्वयं हैं। जल इतना महत्वपूर्ण होने के बावजूद भी हमे आज हमें जल संकट का सामना करना पड़ रहा है। पहले जिन क्षेत्रों में भारी वर्षा होती थी, अब वह सीमित वर्षा के क्षेत्र बन गए हैं। राज्यपाल ने तालाबों के पुनः संरक्षण करने की आवश्यकता जताई।

राज्यपाल सुश्री उइके ने कहा कि पर्यावरण असंतुलन की स्थिति से बचने के लिए प्रकृति के अनुकुल कार्य करें और प्राकृतिक खेती को अपनाएं। वास्तव में हमारे द्वारा अधिक उत्पादन के लालच में रासायनिक खादों का अंधाधुंध उपयोग किया गया, जिसके कारण हमारी जमीन दूषित हुई और मानव समाज को कैंसर जैसे कई समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि हम प्रयास करें कि प्राकृतिक खेती को अधिक से अधिक अपनाएं। इससे उत्पादन तो अच्छा होगा ही, साथ ही पारिस्थितिक संतुलन बना रहेगा एवं हवा शुद्ध रहेगी और तमाम प्रदूषण से हम बच सकेंगे। 

राज्यपाल सुश्री उइके ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा जल संरक्षण के किए गए आह्वान में सभी को सहभागी बनने की अपील की और कहा कि जिस स्तर पर जैसा भी हो वैसा जल का संरक्षण अवश्य करें। कुछ दिनों में मानसून आने वाला है और अच्छी वर्षा की संभावना है। उन्होंने गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत को छत्तीसगढ़ आमंत्रित करते हुए कहा कि आप यहां आएं और छत्तीसगढ़ के किसानों को प्राकृतिक खेती के बारे में जानकारी दें। 
गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने कहा कि हम जंगलों में देखते हैं कि वहां के पेड़-पौधे बिना किसी रासायनिक खाद के बढ़ते हैं और अच्छा फल देते हैं। न उन्हें खाद की आवश्यकता होती है न ही सिंचाई की आवश्यकता होती है। क्योंकि उन्हें प्राकृतिक वातावरण की अनुकुलता प्राप्त होती है। यही अनुकुलता हमें अपने खेतों में अपनानी होगी। 

उन्होंने देशी गाय की महत्ता बताते हुए कहा कि एक देशी गाय के गोबर और गौमूत्र में वह ताकत होती है जो भूमि की उर्वरता शक्ति में कई गुना बढ़ोत्तरी करते हैं। उनमें ऐसे जीवाणु पाए जाते हैं जो पौधों को पोषक तत्व प्रदान करते हैं। साथ ही उन्होंने केंचुए को बिना मजदूरी के कुशल श्रमिक की संज्ञा देते हुए कहा कि वह ऐसा जीव है जो दिनरात काम करता है और मिट्टी को छिद्रयुक्त बनाता है, जिससे मिट्टी में वर्षा के पानी को सोंखने की क्षमता में वृद्धि होती है और पानी की समस्या से निजात मिलती है। यह केंचुआ ऐसा खाद बनाने में मदद करता है जो पौधों की पोषक तत्व को पूर्ण करता है। लेकिन रासायनिक खादों से केंचुए खत्म हो रहे हैं। यदि हम प्राकृतिक खेती को अपनाते हैं तो हमारे उत्पादन में वृद्धि होगी, स्वास्थ्य अच्छा रहेगा, पर्यावरण स्वच्छ रहेगा और कोरोना से लड़ने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती से हम प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी जी के वर्ष 2022 तक किसानों की आय दोगुने करने के लक्ष्य को पूरी करने में सहायता मिलेगी। 

पूरब टाइम्स रायपुर। मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल आज अपने निवास कार्यालय से वीडियो कॉफ्रेंसिंग के जरिए गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में नवनिर्मित डेडीकेटेड कोविड अस्पताल और कोविड लैब का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने जिले में नयी स्वास्थ्य सुविधा के लिए सभी को बधाई दी। उन्होंने इस मौके पर जिले में ऑक्सीजन प्लांट स्थापना की घोषणा भी की।   लोकार्पण कार्यक्रम की अध्यक्षता स्वास्थ्य मंत्री  टी.एस. सिंहदेव ने की। इस अवसर पर राजस्व मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री  जयसिंह अग्रवाल, लोकसभा सांसद  ज्योत्सना महंत, मरवाही विधायक डॉ के. के. ध्रुव वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से तथा मुख्यमंत्री निवास से वन मंत्री  मोहम्मद अकबर उपस्थित थे।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना की दूसरी लहर अब पूरे छत्तीसगढ़ के साथ-साथ गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले में भी कम हो रही है। नये मरीज भी अब कम आ रहे हैं। यह हम सबके लिए राहत की बात है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हम निश्चिंत हो जाएं। पहली लहर के बाद जब कुछ महीनों के लिए कोरोना कम हो गया था, तब हम लोग थोड़े असावधान हो गए थे। उसी असावधानी की कीमत हम लोगों को आज चुकानी पड़ रही है। 
  मुख्यमंत्री ने कहा कि विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना की तीसरी लहर भी आ सकती है, जो हो सकता है कि दूसरी लहर से भी ज्यादा चुनौती खड़ी कर दे, लेकिन यदि हम सब सावधान रहेंगे तो इस तीसरी लहर को आने ही नहीं देंगे। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही छत्तीसगढ़ का नया जिला है, यहां अलग ही तरह की चुनौतियां हैं, लेकिन इसके बावजूद हम सबने मिलकर कोरोना का मुकाबला सफलता के साथ किया है। शासन ने गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में तेजी से संसाधन जुटाए हैं। हमने ज्यादा से ज्यादा लोगों का टेस्ट करके उनका उपचार सुनिश्चित किया है। 




गोंडवाना गोंड महासभा एवं  आदिवासी मातृशक्तियों द्वारा बस्तर में हो रहे निर्दोष आदिवासियों की हत्या एवं शोषण के खिलाफ विरोध किया, जिसमे  चन्द्रभान सिंह ठाकुर(गोंडवाना गोंड महासभा जिला अध्यक्ष दुर्ग), श्रीमती अश्लेष मरावी (उपाध्यक्ष गोंडवाना गोंड महासभा) श्रीमती चंद्रकला तारम(अध्यक्ष महिला प्रभाग गोंडवाना गोंड महासभा) श्रीमती भुनेश्वरी उईके (महासचिव रिसाली गोंडवाना समृद्धि) श्रीमती लोकेश्वरी ध्रुव(समाजसेवी) श्रीमती मानकुंवर (समाजसेवी) समय लाल मरावी(वरिष्ठ समाजसेवी) प्रमुख थे.

पूरब टाइम्स  रायपुर। मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने पूर्व प्रधानमंत्री श्री राजीव गांधी के शहादत दिवस के अवसर पर राज्य के 22 लाख किसानों को आगामी खरीफ फसल की तैयारियों के लिए इनपुट सब्सिडी के रूप में 1500 करोड़ रूपए की राशि उनके खातों में ऑनलाईन अंतरित की। किसानों को उक्त राशि राजीव गांधी किसान न्याय योजना 2021 की पहली किस्त के रूप में जारी की गई है। इस योजना के तहत राज्य के किसानों को कुल 5597 करोड़ रूपए आदान सहायता के रूप में चार किस्तों में दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल, विधानसभा अध्यक्ष डॉ.चरणदास महंत सहित मंत्रीमंडल के सभी सदस्यों ने इस मौके पर पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय  राजीव गांधी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। 
 कार्यक्रम का शुभारंभ राज्यगीत से हुआ। इस अवसर पर मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को आतंकवाद विरोधी दिवस की शपथ दिलाई। मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने इस मौके पर गोधन न्याय योजना के तहत राज्य के 72 हजार ग्रामीणों, पशुपालकों को 15 मार्च से 15 मई के मध्य गौठानों में बेचे गए गोबर के एवज में 7.17 करोड़ रूपए का भी अंतरण किया। मुख्यमंत्री ने गौठानों में निर्मित सुपर कम्पोस्ट खाद किसानों के विक्रय के लिए लॉच किया। उन्होंने इस मौके पर रायपुर के राजीव गांधी चौक स्थित प्रतिमा स्थल के सौंदर्यीकरण कार्य का लोकार्पण भी किया। इस कार्यक्रम में सांसद श्री पी.एल.पुनिया सहित सभी जिलों से विधायक, जिला पंचायत अध्यक्ष एवं अन्य जनप्रतिनिधि भी वर्चुअल रूप से शामिल हुए।  
   राजीव गांधी किसान न्याय योजना एवं गोधन न्याय योजना के तहत राशि अंतरण के इस कार्यक्रम के लिए प्रेषित अपने संदेश में सांसद  सोनिया गांधी ने मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा आमजनों के साथ-साथ अन्नदाता किसानों की आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने और उनके जीवन में खुशहाली लाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने राजीव गांधी किसान न्याय योजना को किसानों के हित में एक प्रशंसनीय कदम बताते हुए मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल और उनके मंत्रिमंडल के सहयोगी मंत्रियों को बधाई दी। सांसद  सोनिया गांधी ने अपने संदेश में कहा कि स्वर्गीय राजीव गांधी की सोच सदैव किसानों, श्रमिकों, गरीबों और पिछड़ों को आर्थिक तौर पर मजबूत करना था। उनके पुण्य तिथि के अवसर पर छत्तीसगढ़ सरकार ने ग्रामीणों और किसानों को मदद पहंचाकर सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित कर रही है। 

पूरब टाइम्स रायपर।  मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने आज यहां अपने निवास कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में राजधानी रायपुर के राजीव गांधी चौक के सौंदर्यीकरण कार्य का वर्चुअल लोकार्पण किया। रायपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा नगर निगम के साथ मिलकर पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय  राजीव गांधी की आदमकद प्रतिमा को नया कलेवर देते हुए इस स्थल को आकर्षक स्वरूप प्रदान किया है। भारत रत्न स्वर्गीय  राजीव गांधी की पुण्य तिथि पर महापौर  एजाज ढेबर, महिला आयोग की अध्यक्ष  किरणमयी नायक, सभापति  प्रमोद दुबे, एम.आई.सी. सदस्य  ज्ञानेश शर्मा,  आकाश तिवारी सहित जन प्रतिनिधियों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। 
        कोरोना काल की विषम परिस्थितियों में रायपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड व नगर पालिक निगम रायपुर ने मिलकर एक माह के भीतर उक्त स्थल  को आकर्षक एवं भव्य स्वरूप प्रदान किया है। कार्य का अनुमानित व्यय लगभग 50 लाख रूपये है।  ​रायपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा शहर सौंदर्यीकरण योजना के तहत स्वर्गीय  राजीव गांधी की प्रतिमा का रंग रोगन विशेष डीको पेंट से किया गया है। उनके व्यक्तित्व की आभा के अनुरूप थीमेटिक आर.जी.बी. आधारित प्रकाश व्यवस्था कर इस स्थल को तिरंगे के सदृश्य आलोकित किया गया है। प्रतिमा स्थल पर लैंड स्केपिंग, ग्रेनाईट कार्य, फोकस लाईटिंग व ल्यूमिनस लाईटिंग से आकर्षक स्वरूप दिया गया है। चैक के आस-पास के क्षेत्र में स्वर्गीय राजीव गांधी जी की सोच व स्वप्नों के अनुरूप थीम आधारित वाॅल पेंटिंग कर महिला स्वावलंबन, शिक्षा, सूचना क्रांति जैसे संकल्पों में उनके योगदान को अविस्मरणीय बनाया गया है। 

 ​स्वर्गीय श्री राजीव गांधी की पुण्य तिथि पर रायपुर नगर निगम के महापौर  एजाज ढेबर, सभापति  प्रमोद दुबे सहित  गिरीश दुबे, नगर निगम रायपुर के विभिन्न विभागों के अध्यक्ष लोक कर्म विभाग के अध्यक्ष  ज्ञानेश शर्मा, संस्कृति, पर्यटन, मनोरंजन एवं विरासत संरक्षण विभाग के अध्यक्ष  आकाश तिवारी, खेलकूद एवं युवा कल्याण विभाग के अध्यक्ष  जितेंद्र अग्रवाल, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति विभाग के अध्यक्ष  सुंदर जोगी, जोन -2 के अध्यक्ष हरजीत सिंह होरा, जोन -5 के अध्यक्ष  मन्नु यादव , एल्डरमैन  अफरोज अंजुम रायपुर सहित जन प्रतिनिधियों एवं गणमान्य नागरिकों ने पुष्पांजलि अर्पित किया .


पूरब टाइम्स रायपुर। राज्य के जरूरतमंद बच्चों की त्वरित सहायता और परामर्श के लिए महिला एवं बाल विकास मंत्री  अनिला भेंड़िया के निर्देश पर चाइल्ड हेल्प डेस्क की स्थापना की गई है। अनिला भेंड़िया ने राज्य स्तरीय और जिला स्तरीय के अधिकारियों की वर्चुअल बैठक लेकर कोरोना संक्रमण से बचाव और रोकथाम के लिए समय-समय पर निर्देशित किया है। फलस्वरूप बाल देख-रेख संस्थाओं में कार्यरत अधिकारियों-कर्मचारियों को कोविड-19 के संक्रमण से बचाव के लिए प्रशिक्षित किया गया है।
   विभागीय अधिकारियों ने बताया कि मंत्री श्रीमती भेंड़िया के निर्देशानुसार राज्य के जरूरतमंद बच्चों की त्वरित सहायता एवं परामर्श के लिए यूनिसेफ के सहयोग से चाईल्ड हेल्प डेस्क की स्थापना की गई है। चाईल्ड हेल्पलाईन नम्बर 1800-572-3969 पर सुबह 8 बजे से रात्रि 11 बजे तक सहायता उपलब्ध होगी। कोविड-19 से प्रभावित मानसिक रूप से परेशान एवं जरूरतमंद बच्चों और उनके पालकों के लिए विषय विशेषज्ञों के माध्यम से परामर्श दिया जा रहा है। 
     चाईल्ड हेल्प डेस्क के साथ ही व्हाट्सअप नम्बर 93014-50180 और विशेष ई-मेल आईडी cgscpshelpline@gmail.com  पर सहायता प्रदान की जा रही है। चाईल्ड लाईन 1098 एवं महिला हेल्प लाईन 181 से भी सहायता दी जा रही है।  कोई भी जरूरतमंद बच्चा, पालक, रिश्तेदार, आम नागरिक चाइल्ड हेल्प लाईन 1800-575-3969, चाइल्ड लाईन 1098, महिला हेल्प लाइन 181 पर सम्पर्क कर जरूरतमंद बच्चों की सहायता कर सकते हैं। ऐसे बच्चे जिनके पालकों की मृत्यु काविड-19 के संक्रमण से हो चुकी है तथा ऐसे बच्चे जिनके पालक कोविड-19 से संक्रमित है, के बेहतर इलाज और उनके सम्पूर्ण आवश्यक देखरेख के लिए प्रत्येक जिले में बाल देखरेख संस्थाएँ-फिट फेसेलिटी चिन्हांकित की गई, जो बच्चों की देखभाल हेतु सुलभ है।

    अधिकारियों ने बताया कि बाल देखरेख संस्थाओं में कार्यरत पदाधिकारियों, स्टॉफ, परामर्शदाताओं को निमहान्स के संवाद कार्यक्रम के माध्यम से संवेदिकृत किया जा रहा है ताकि बच्चों की प्रभावी देखभाल की जा सके। राज्य में संचालित बाल देखरेख संस्थाओं में बच्चों को कोविड-19 के संक्रमण से बचाने हेतु समस्त प्रोटोकाल का पालन किया जा रहा है। सभी बाल देखरेख संस्थाओं में थर्मामीटर, ऑक्सीमीटर, मास्क, सेनेटाइजर आदि की सम्पूर्ण व्यवस्था की गई है। प्रत्येक अस्पताल में जिला बाल संरक्षण समिति के सदस्यों के संपर्क नम्बर और हेल्पलाईन की जानकारी दे दी गई है ताकि बच्चों को त्वरित सहायता उपलब्ध हो

पूरब टाइम्स रायपुर। छत्तीसगढ़ में पिछले 24 घंटे में 5 हजार 212 नए कोरोना संक्रमित मिले हैं। अगर ठीक होने वालों की बात की जाए तो 9 हजार 501 लोगों ने कोरोना को हराया है। अब छत्तीसगढ़ में 81 हजार 466 एक्टिव मरीज हैं। गुरुवार को 66 हजार सैंपल की जांच की गई। मेडिकल बुलेटिन के मुताबिक पिछले 24 घंटे में 113 लोगों की मौत हुई है। अब तक प्रदेश में 12 हजार 295 मरीजों की जान जा चुकी है।


पूरब टाइम्स  रायपुर। मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल द्वारा केन्द्र सरकार से स्टील इंडस्ट्री को ऑक्सीजन के उपयोग की अनुमति के संबंध में भेजे गए प्रस्ताव पर केन्द्र सरकार ने अनुमति प्रदान कर दी है। केन्द्र सरकार की सचिव स्तर की समिति ने छत्तीसगढ़ के 11 इस्पात उद्योगों को ऑक्सीजन उपयोग की सहमति दी है। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने इसके लिए केन्द्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल के प्रति आभार प्रकट किया है। 
   गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ के स्टील उद्योगों को राज्य में उत्पादित 20 प्रतिशत आक्सीजन के उपयोग की अनुमति दिए जाने के प्रस्ताव पर केन्द्र सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के द्वारा अवगत कराया गया है कि गृह मंत्रालय द्वारा चिकित्सा और रक्षा उत्पादन से जुड़े उद्योगों को मेडिकल आक्सीजन के उपयोग की अनुमति 26, 27 और 28 अप्रैल को जारी की जा चुकी है। इसी प्रकार इंडियन स्टील एसोसिएशन से आक्सीजन की आवश्यकता के संबंध में प्रस्ताव पर उद्योगों को प्रतिदिन 17 मेट्रिक टन आक्सीजन उपलब्ध कराया जा रहा है। स्टील उद्योगों में लगातार कामकाज के संचालन के लिए सचिवों के अधिकार प्राप्त समूह भी बनाया गया है, इस समूह द्वारा स्टील उद्योगों में आक्सीजन के उपयोग पर मंजूरी दे दी गई है। 
    मुख्यमंत्री श्री बघेल ने इस संबंध प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी से 16 मई को दूरभाष पर हुई चर्चा और इसके पहले प्रधानमंत्री द्वारा मुख्यमंत्रियों के साथ ली गई वीडियो कांफ्रेसिंग में कोरोना की स्थिति में सुधार तथा आक्सीजन की पर्याप्त उपलब्धता को  दृष्टिगत रखते हुए स्टील उद्योगों को 20 फीसदी आक्सीजन के उपयोग की अनुमति प्रदान करने का अनुरोध किया गया था। श्री मोदी ने इस पर विचार का आश्वासन दिया था।    

    मुख्यमंत्री श्री बघेल ने केन्द्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल को इस संबंध में पत्र लिखकर यह अवगत कराया था कि राज्य में कोरोना महामारी की स्थिति में निरन्तर सुधार हो रहा है। ऑक्सीजन उत्पादक इकाईयों को ऑक्सीजन की मांग के अभाव में क्षति हो रही है तथा ऑक्सीजन की कमी के कारण राज्य की सभी स्टील निर्माता इकाईयां बंद पड़ी है, जिसके कारण लाखों मजदूर बेरोजगार हो गये हैं। इन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए राज्य की स्टील निर्माता इकाईयों को राज्य में उत्पादित 20 प्रतिशत मात्रा (92 मीट्रिक टन) के उपयोग की अनुमति प्रदान करने का अनुरोध किया था। साथ ही उन्होंने यह भी कहा था कि भविष्य में किसी भी समय अतिरिक्त मेडिकल ऑक्सीजन की मांग यदि उत्पन्न भी होती है, तो स्टील निर्माता इकाईयों को ऑक्सीजन की आपूर्ति रोकी जा सकती है। 
  छत्तीसगढ़ के जिन 11 स्पात उद्योगों को ऑक्सीजन उपयोग की सहमति दी गई है उनमें द मेटलिक एलॉयस, जेएसडब्ल्यूआईएसपीएल रायगढ़, हीरा पॉवर एण्ड स्टील लिमिटेड रायपुर, जेएसडब्ल्यू इस्पात स्पेशल प्रोडक्टस लिमिटेड रायपुर, शारदा एनर्जी एण्ड मिनरल लिमिटेड रायपुर, तिरूमला बालाजी एलॉयस प्राइवेट लिमिटेड रायगढ़, एसएस वेन्चर्स रायगढ़, सेटम फेरो एलॉय प्रायवेट लिमिटेड भिलाई, वंदना ग्लोबल लिमिटेड रायपुर, श्री नाकोडा इस्पात लिमिटेड, कुशल केमिकल्स भिलाई शामिल हैं।


हैरत की बात ये है कि यह पूरी सीरिंज चीन के वक्सी शहर में बनी है। यह शहर कोरोना के मामले में पूरी दुनिया में विख्यात चीनी शहर वुहान से सिर्फ 700 किमी दूर है। भास्कर की पड़ताल में पता चला कि राजधानी के टीकाकरण केंद्रों में मेड इन चाइना सीरिंज पहली बार नजर आ रही है। वह भी तब से, जब से यहां युवाओं का टीकाकरण शुरू हुआ है।

इसी दौरान वूशी शहर में बनी हुई वैक्सीन सीरिंज टीकाकरण केंद्रों में दिख रही है। इसके पहले तक हर टीकाकरण केंद्र में देश में बने इंजेक्शन ही इस्तेमाल हो रहे थे। युवाओं के टीकाकरण शुरू होने के बाद से छत्तीसगढ़ में टीके ही नहीं, बल्कि इंजेक्शन का भी संकट था। छत्तीसगढ़ में इस साल टीकाकरण की शुरूआत से पहले केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने ही 15 लाख सिरिंज भेजी थीं। इसके बाद टीको की तरह सीरिंज की सप्लाई भी समय-समय पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ही कर रहा है।


अफसरों ने भास्कर को बताया कि राज्य में शासकीय स्तर पर होने वाले सभी तरह के वैक्सीनेशन के लिए वैक्सीन सीरिंज केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से ही भेजी जाती है। टीको के साथ या आगे-पीछे वैक्सीन सीरिंज की सप्लाई भी आ रही है। अब तक प्रदेश में 45 प्लस और 18 प्लस युवाओं को मिलाकर 67 लाख से ज्यादा टीके लग चुके हैं। इसमें माना जा रहा है कि हाल ही में लगाए जा रहे करीब 6 लाख से ज्यादा टीके चाइनीज सीरिंज से ही लगाए गए हैं। क्योंकि कोरोना टीके के लिए चाइना में बनी 0.5 एमएल वाली वैक्सीन सीरिंज भी केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने ही भेजी है।

राज्य की ओर से पहली बार युवाओं के लिए वैक्सीन सीरिंज का टेंडर निकाला गया है। दरअसल प्रदेश में 1.30 करोड़ युवाओं को कोरोना टीके लगाने है। दोनों डोज मिलाकर छत्तीसगढ़ में करीब 3 करोड़ सीरिंज की जरूरत दरकार है। सीजीएमएससी ने मई के दूसरे हफ्ते में 2.95 करोड़ वैक्सीन सीरिंज का टेंडर निकाला गया है। अभी सप्लाई में समय लगेगा। अभी टेंडर के फाइनल होने और सप्लाई शुरू होने में एक माह से ज्यादा का वक्त लग सकता है।


​​​​​​​​​​​​​​सीजीएमएससी की ओर से इससे पहले कभी भी वैक्सीन सीरिंज का टेंडर निकाला ही नहीं गया और हमारी तरफ से सीरिंज सप्लाई नहीं की गई है। हमने तो कुछ दिन पहले युवाओं के टीकाकरण के लिए पहली बार 2.95 करोड़ सीरिंज का टेंडर निकाला है। अभी जो सीरिंज इस्तेमाल हो रही है, उसकी सप्लाई छत्तीसगढ़ की ओर से होने का सवाल ही पैदा नहीं होता, क्योंकि यह केंद्र से ही भेजी जा रही हैं।

पूरब टाइम्स रायपुर। वन एवं जलवायु परितर्वन मंत्री तथा राजनांदगांव जिले के प्रभारी मंत्री  मोहम्मद अकबर ने आज राजधानी स्थित शंकर नगर के निवास कार्यालय से वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए जिला खनिज संस्थान न्यास ‘शासी परिषद’ राजनांदगांव की बैठक ली। वहां राजनांदगांव के कलेक्टोरेट सभाकक्ष में उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों से वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से जुड़े। वन मंत्री ने इस अवसर पर कोविड-19 की रोकथाम, बचाव एवं राहत कार्य, स्वास्थ्य, पेयजल, शिक्षा, अधोसंरचना, स्वच्छता संबंधी कार्यों के लिए 5 करोड़ 31 लाख 26 हजार रूपए की स्वीकृति प्रदान की। 

    वन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर ने कहा कि कोरोना संक्रमण अभी समाप्त नहीं हुआ है। आने वाली परिस्थितियां अप्रत्याशित हैं। इसलिए कोरोना संक्रमण की चुनौतियों का सामना करने के लिए अग्रिम तैयारी सहित पुख्ता प्रबंध सुनिश्चित करें। जिला खनिज संस्थान न्यास निधि में जितनी राशि उपलब्ध है, उसका 50 प्रतिशत कोविड-19 संक्रमण हेतु राहत कार्यों के लिए आरक्षित रखा जाए। उन्होंने कहा कि कोविड-19 संक्रमण की रोकथाम के लिए राहत कार्यों हेतु प्रत्येक विधायक के 30-30 लाख रूपए के प्रस्तुत प्रस्ताव का अनुमोदन किया जा रहा है। इस अवसर पर कलेक्टर श्री टोपेश्वर वर्मा ने कहा कि जिले में कोरोना संक्रमण के केस कम हुए हैं। प्रभारी मंत्री के रूप में आपका मार्गदर्शन सतत मिलता रहा है। सभी के समन्वित प्रयासों से जिले में कोरोना संक्रमण की स्थिति अब नियंत्रित हुई है। उन्होंने कहा कि प्रभारी मंत्री के प्रयासों से जिले को 130 ऑक्सीजन सिलेंडर एवं रायपुर से 90 ऑक्सीजन सिलेंडर प्राप्त हुआ। वहीं वर्तमान समय में शासकीय मेडिकल कॉलेज में 300 बेड की व्यवस्था की गई है। जिसमें वर्तमान में 179 बेड अभी रिक्त है एवं कोविड केयर सेंटर की स्थिति भी अच्छी है। डीएमएफ हेतु सदस्यों से प्रस्ताव प्राप्त किया गया था और 1 करोड़ 78 लाख रूपए की स्वीकृति मिली थी। जिसमें से 91 लाख रूपए जारी किया गया है और 87 लाख शेष है। 

   इस अवसर पर संसदीय सचिव  इंद्रशाह मंडावी, अध्यक्ष अन्य पिछड़ा वर्ग विकास प्राधिकरण एवं डोंगरगांव विधायक श्री दलेश्वर साहू, अध्यक्ष अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण एवं डोंगरगढ़ विधायक  भुनेश्वर बघेल, विधायक  छन्नी साहू, विधायक खैरागढ़  देवव्रत सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष  गीता साहू, विधायक प्रतिनिधि राजनांदगांव  लीलाराम भोजवानी, कलेक्टर  टोपेश्वर वर्मा, जिला पंचायत सीईओ  अजीत वसंत, डीएमएफ के नोडल अधिकारी मुकेश रावटे बैठक में शामिल हुए।

पूरब टाइम्स  रायपुर।  गृह मंत्री  ताम्रध्वज साहू ने आज अपने रायपुर निवास कार्यालय से प्रभार वाले जिले बिलासपुर और गरियाबंद में कोविड संक्रमण की रोकथाम एवं जरूरतमंदों को मदद पहुंचाने की अद्यतन स्थिति की वर्चुअल समीक्षा की। उन्होंने जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों को कोरोना महामारी से निपटने के लिए हरसंभव उपाय तथा लोगों को संक्रमण से बचने के लिए जागरूक करने और कोरोना गाइडलाइन का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

     गृह मंत्री ने कहा कि कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर के आने की आशंका विशेषज्ञों द्वारा जताई जा रही है। इसको ध्यान में रखते हुए उन्होंने अधिकारियों को जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा इसकी रोकथाम के लिए सभी आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिला मुख्यालय और अनुभाग मुख्यालय के साथ ही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्तर पर कोविड संक्रमितों के इलाज एवं ऑक्सीजन कंसंट्रेटर की व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने मितानिनों को दवाई किट के साथ यथासंभव पल्स ऑक्सीमीटर उपलब्ध कराने को कहा, ताकि वह भ्रमण के दौरान कोरोना के लक्षण वाले मरीजों के ऑक्सीजन स्तर की जांच कर सकें।
      गृह मंत्री ने संक्रमण की अत्यधिक संभावना वाले क्षेत्र को चिन्हित करने, आवश्यक दवाइयों, इंजेक्शन तथा एम्बुलेंस की पर्याप्त व्यवस्था, डॉक्टर्स, विशेषज्ञ तथा चिकित्सकीय स्टॉफ को प्रशिक्षण देने के भी निर्देश दिए। उन्होंने शिशु रोग विशेषज्ञों से परामर्श कर रणनीति तैयार करने तथा निजी अस्पतालों और मेडिकल दुकानों की सतत निगरानी के निर्देश दिए। गृहमंत्री ने कहा कि कोरोना संक्रमण के दौरान कतिपय दवाओं की अनुपलब्धता और कालाबाजारी की शिकायतें सुनने को मिल रही हैं। उन्होंने अधिकारियों को मरीजों को निर्धारित दर पर दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने और इसकी कालाबाजारी में संलिप्त लोगों पर सख्त कार्यवाही के निर्देश दिए। गृह मंत्री ने पोस्ट कोविड प्रभवितों के इलाज तथा काउंसिल के लिए पोस्ट कोविड सेल बनाने और वहां दूरभाष की व्यवस्था करने को कहा। उन्होंने कोरोना से मृत व्यक्ति के आश्रितों को यथासंभव सहायता उपलब्ध कराने को भी कहा। 

    गृह मंत्री ने कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए कोविड-19 प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन कराने और ग्राम पंचायत स्तर पर मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए वैक्सीनेशन के साथ ही सकारात्मक सोच के लिए जन जागरूकता के भी निर्देश दिए।  वर्चुअल बैठक में दोनों जिलों के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

पूरब टाइम्स रायपुर। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल ने अब से थोड़ी देर पहले 10वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम जारी कर दिया। ऐसा पहली बार हुआ है जब बोर्ड ने बिना लिखित परीक्षा कराए परिणाम जारी किए हैं। आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर जारी हुए परीक्षा परिणाम में कोई बच्चा फेल नहीं हुआ। वहीं 97% बच्चे तो प्रथम श्रेणी में पास हुए हैं।

स्कूल शिक्षा मंत्री डॉक्टर प्रेमसाय सिंह टेकाम ने बताया, इस परीक्षा में कुल 4 लाख 61 हजार 93 बच्चों का आंतरिक मूल्यांकन किया गया था। इसमें सभी पास हो गए हैं। जिन बच्चों ने असाइनमेंट जमा नहीं किया था, उनको भी न्यूनतम अंक देकर पास कर दिया गया है। इनमें से 4 लाख 46 हजार 393 परीक्षार्थी प्रथम श्रेणी में पास हुए हैं। यह कुल परीक्षार्थियों को 97% है। 9 हजार 24 विद्यार्थियों को द्वितीय श्रेणी के अंक मिले हैं। वहीं 5 हजार 673 परीक्षार्थी तृतीय श्रेणी के अंकों के साथ पास हुए हैं।



स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने कहा, इस बार के परीक्षा परिणाम केवल आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर जारी किए गए हैं। ऐसे में फिर से अंकों की जांच और दोबारा मूल्यांकन का प्रावधान उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। जो विद्यार्थी अपने नंबरों से संतुष्ट नहीं है उसे श्रेणी सुधार का मौका दिया जाएगा। बाद में उसकी एक परीक्षा होगी।

    मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल की अध्यक्षता में आज आयोजित कैबिनेट की बैठक में यह निर्णय लिया गया कि वर्ष 2020-21 और आगे प्रतिवर्ष समर्थन मूल्य पर धान बेचने वाले किसानों को 9 हजार रूपए प्रति एकड़ इनपुट सब्सिडी दी जाएगी। वर्ष 2020-21 में जिन किसानों ने धान का विक्रय किया था यदि वे किसान वर्ष 2021-22 धान के बदले अन्य फसल लेते हैं उन्हें प्रति एकड़ 10 हजार रूपए तथा जो पेड़ लगाते हैं उन्हें आगामी 3 वर्षों तक प्रतिवर्ष 10 हजार रूपए प्रति एकड़ इनपुट सब्सिडी दी जाएगी। इस संबंध में विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने और अन्य पहलुओं पर चर्चा के लिए मुख्यमंत्री श्री बघेल की उपस्थिति में कल 19 मई को मंत्रिमंडलीय उप समिति की बैठक होगी। इसमें वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित होंगे। तथा उप समिति की बैठक द्वारा प्रस्तावित विषयों पर आगामी 21 मई को होने वाली कैबिनेट की बैठक में निर्णय लिया जाएगा।


 आज कैबिनेट की वर्चुअल बैठक के दौरान महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अनिला भेंड़िया ने मुख्यमंत्री श्री बघेल से इस विषय पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं घर-घर जाकर रेडी-टू-ईट के पैकेट का नियमित रूप से महिलाओं और बच्चों को वितरण कर रही है। इसके साथ ही साथ उनके स्वास्थ्य एवं टीकाकरण की भी निगरानी कर रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि संकट काल में महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण की चिंता करने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है। श्री बघेल ने महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती भेंड़िया को इस संबंध में प्रस्ताव प्रस्तुत करने को कहा। उन्होंने इस प्रस्ताव पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया। 

 गौरतलब है कि कोरोना संक्रमण के कारण फिलहाल आंगनबाड़ी केन्द्र बंद हैं। इसके बावजूद बच्चों एवं महिलाओं को खाद्यान्न सामग्री का वितरण नियमित रूप से किया जा रहा है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका खाद्यान्न सामग्री के वितरण के साथ-साथ बच्चों को पात्रता अनुसार सप्ताहिक टीकाकरण के कार्य तथा कोविड से बचाव के लिए लोगों को टीका लगवाने के लिए प्रोत्साहित कर रही हैं। 

पूरब टाइम्स रायपुर। छत्तीसगढ़ भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (रेरा) के प्रावधानों का उल्लंघन किए जाने के कारण ’पाल्म ब्लेजियों’ शंकर नगर मोवा जिला रायपुर के प्रमोटर पुरन्दर प्रमोटर्स डेव्हलपर्स प्रा.लि. द्वारा मुकेश अग्रवाल को एक लाख रूपए की शास्ति राशि अधिरोपित किया गया है। साथ ही रेरा द्वारा संबंधित पाल्म ब्लेजियों के विवादित प्रोजेक्ट विक्रय पर प्रतिबंध लगाया गया है। 

    रेरा द्वारा यह भी आदेशित किया गया है कि पाल्म ब्लेजियों दो माह के भीतर प्रोजेक्ट संबंधी सभी लंबित त्रैमासिक अद्यतन व आवश्यक दस्तावेज प्राधिकरण के वेबपोर्टल पर अपलोड करना सुनिश्चित करे। इसके अलावा 17 मई को जारी आदेश के पश्चात पाल्म ब्लेजियों आबंटितियों से प्राप्त राशि की 70 प्रतिशत राशि प्रोजेक्ट के रेरा विनिर्दिष्ट खाते में जमा कराना सुनिश्चित करें।  
  छत्तीसगढ़ भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (रेरा) में रियल एस्टेट प्रोजेक्ट पाल्म ब्लेजियों शंकर नगर मोवा जिला रायपुर के प्रमोटर-पुरन्दर प्रमोटर्स डेव्हलपर्स प्रा.लि. द्वारा मुकेश अग्रवाल 20 जून 2018 से पंजीकृत है। गौरतलब है कि रेरा में वर्णित प्रावधानों के अनुसार सभी प्रमोटर्स को उनके प्रत्येक रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स की त्रैमासिक प्रगति रेरा के वेबपोर्टल पर अद्यतन करना अनिवार्य है। परंतु संबंधित प्रमोटर्स द्वारा उक्त निर्देशों का अव्हेलना करते हुए पंजीयन के पश्चात् प्राधिकरण के वेबपोर्टल पर अद्यतन नहीं किया गया।

पूरब टाइम्स रायपुर। छत्तीसगढ़ की प्रदेश भाजपा प्रभारी डी पुरंदेश्वरी स्थानीय नेताओं के परफॉर्मेंस से कुछ खास खुश नहीं हैं। उन्होंने सोमवार को हुई वर्चुअल बैठक में प्रदेश के दिग्गज भाजपा नेताओं से कहा कि हम हम सरकार का पुरजोर विरोध नहीं कर पा रहे हैं। डी पुरंदेश्वरी प्रदेश सह प्रभारी नितिन नवीन के साथ प्रदेश अध्यक्ष और पार्टी के चारों महामंत्रियों के साथ वर्चुअल मीटिंग कर रहीं थीं।

पुरंदेश्वरी ने इस दौरान इस बात पर जोर दिया कि राज्य में सरकार की विफलताओं के मुद्दे पार्टी नहीं उठा पा रही है। मुद्दे को नहीं उठा पाने को लेकर कई तरह की बातें हो रही हैं। वरिष्ठ नेताओं के बीच आपसी समन्वय और तालमेल की कमी की भी चर्चाएं हैं। इससे यह संदेश जा रहा है कि पार्टी में अंतर्विरोध है। यह पार्टी के लिए अच्छे संकेत नहीं हैं। पुरंदेश्वरी ने कहा कि कोरोना काल में सरकार की कई विफलताएं हैं। उनको प्रचारित करने में पार्टी के आईटी सेल और सोशल मीडिया सेल का भरपूर उपयोग करें। खूब प्रचारित करें।

इससे पहले हुई सरगुजा और बिलासपुर संभाग की बैठक के दौरान वरिष्ठ आदिवासी नेता नंद कुमार साय ने राज्य में पार्टी के विधायक कम होने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि 15 साल की सरकार 15 सीटों पर कैसे सिमटी इस पर आज तक चर्चा नहीं हुई। इस पर चर्चा की जानी चाहिए। इस पर पुरंदेश्वरी ने कहा कि कोरोना काल के बाद इस पर चर्चा होगी।

संगठन के विस्तार को लेकर भी बैठक में बातें हुईं। इस दौरान निर्णय लिया गया कि राज्य में पार्टी बूथ कमेटियों का फिर से गठन करेगी। हर कमेटी में 25- 25 लोग शामिल किए जाएंगे। इस संबंध में जल्द ही प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय और संगठन महामंत्री पवन साय सभी जिलाध्यक्षों के साथ 25 मई से चर्चा करेंगे। जिलों की कमेटियों को कब तक गठित कर लेना है इसे लेकर दिशा निर्देश भी देंगे।