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जिसे सब छुपाते है उसे हम छापते है



पूरब टाइम्स रायपुर। भारतीय जनता पार्टी माना मंडल की वर्चुअल बैठक हुई। जिला प्रभारी खूबचंद पारख ने कहा कि अपने मंडल क्षेत्र में निवासरत कोरोना से संक्रमित हुए नागरिकों की सूची तैयार की जाए। साथ ही उन्हें किस प्रकार से मदद की जा सकती है, इस पर कार्ययोजना बनाई जाए। बूथ कमेटी एवं शक्ति केंद्र के शीघ्र गठन पर चर्चा की। मोदी सरकार की सात वर्षों की उपलब्धि को लेकर मंडल क्षेत्र के घर-घर पहुंचने के अभियान की शुरुआत होगी।

जिला अध्यक्ष श्रीचंद सुंदरानी की अध्यक्षता में बैठक हुई। कार्यक्रम के प्रारंभ में मंडल अध्यक्ष रविंद्र सिंह ठाकुर द्वारा कोरोना काल में मंडल कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए कार्यों की जानकारी दी। पूर्व विधायक नंद कुमार साहू ने कहा कि कोरोना के संक्रमण काल में हम सभी को मास्क एवं सैनिटाइजर का उपयोग करके सेवा के कार्यों को आगे बढ़ाना है।

जिला अध्यक्ष श्रीचंद सुंदरानी ने भाजपा माना मंडल द्वारा जिले से निर्देशित सभी कार्यक्रम को अच्छी तरह से संपादित करने पर पूरे मंडल को बधाई देते हुए कहा कि सभी कार्यकर्ताओं को 2023 के विधानसभा चुनाव की अभी से तैयारी प्रारंभ करनी है। जिला महामंत्री ओंकार बैस ने कहा कि पूरे जिले में सभी मोर्चा एवं प्रकोष्ठ का गठन पूरा हो चुका है। 31 मई को आयोजित सेवा कार्य के लिए प्रभारियों की सूची तैयार कर ली गई है।

पूरब टाइम्स रायपुर। सोशल मीडिया पर टूलकिट विवाद अभी थमा भी नही है कि कांग्रेस ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार और भाजपा पर जमीनी हमला बोल दिया है। कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव, विधायक और संसदीय सचिव विकास उपाध्याय ने केंद्र सरकार से 15 सवालों का एक पाेस्टर जारी किया है। उन्होंने कहा है, वोटर का असली टूलकिट यही है। अपने निवास कार्यालय में संवाददाताओं से बातचीत में विकास उपाध्याय ने कहा, देश के जिन मतदाताओं ने अपना वोट देकर भाजपा को सत्ता तक पहुंचाया। नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री बनाया। वही वोटर आज सवाल पूछने को मजबूर हैं। विकास ने कहा, मोदी जी के लिए कभी चौकीदार का जुमला बड़ा मजेदार हुआ करता था। अब उसे बोलना छोड़ दिए हैं पर चौकीदार बनकर देश के लुटेरों को विदेश भगाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। 2000 करोड़ रुपए खर्च कर पूरी दुनिया घूम ली, यह कहकर कि विदेशों से पूंजी लाएंगे पर आया कुछ नहीं। भाजपा सरकार ने काॅर्पोरेट जगत का 5 लाख 55 हजार करोड़ रुपया माफ कर दिया और देश के किसानों को आंदोलन करने छोड़ दिया। 

विकास उपाध्याय ने कहा, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उनकी टीम ने सुनियोजित तरीके से सोशल मीडिया के जरिये अपनी खुद की एक छवि गढ़ी है। धरातल पर कोई काम हो न हो, वे अपनी बनावटी छवि चमकाने सफल रहे। यहदेश के साथ एक बड़ा षड़यंत्र था। परन्तु मोदी सरकार की नाकामियों के चलते कभी भाजपा की बड़ी ताकत रही सोशल मीडिया अब कमजोर कड़ी बन गई है। आज उसी सोशल मीडिया पर उस बनावटी छवि को ध्वस्त होता देश देख रहा है।

विकास उपाध्याय ने कहा, जिस गंगा नदी के नाम पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोगों की भावना से खेले। उसी गंगा को उन्होंने अपनी नाकामियों की लाशें बिछाकर अपवित्र कर दिया। देश में महामारी से लोग मर रहे थे और ये सत्ता हथियाने के लिए लाखों की भीड़ जुटाकर सभा लेते रहे। जब भारत सहित पूरे विश्व में हो रहे अपनी बदनामी को देखा तो इससे बचने महामारी का प्रबंधन राज्यों पर छोड़ दिया।


संसदीय सचिव विकास उपाध्याय ने बताया, केंद्र सरकार की नाकामियों को वोटरों के बीच ले जाने के लिए वे पूरे प्रदेश का दौरा करने वाले हैं। इसका खाका तैयार है। वे पूरे प्रदेश का दौरा कर कांग्रेस के युवा साथियों को सक्रिय करेंगे। कांग्रेस कार्यकर्ताओं को एक-एक मतदाता से संपर्क कर उनके भाजपा को दिए वोट का किस तरह से दुरुपयोग किया जा रहा है बताया जाएगा। साथ ही राज्य सरकार की उपलब्धियों को लोगों के बीच प्रचारित कररने का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।

पूरब टाइम्स  रायपुर। मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल के निर्देशानुसार 28 मई की सुबह से ही खनिज अधिकारियों की टीम राज्य के अलग-अलग हिस्सों में लौह अयस्क के परिवहन में रॉयल्टी पर्ची के दुरुपयोग, ओवरलोडिंग, लम्पस फाइन और अन्य मामलों की जांच और ताबड़तोड़ कार्रवाई में जुटी है। खनिज अधिकारियों की टीम ने लौह अयस्क परिवहन में लगे 105 वाहनों की जांच की है, जिसमें से 11 वाहनों को जब्त कर संबंधित इलाकों के थाने को सुपुर्द कर दिया गया है । जांच के दौरान बालोद जिले में भिलाई स्टील प्लांट को आवंटित खदान की लम्पस फाइन की जानकारी न मिलने के मामले में बीएसपी को नोटिस जारी किया गया है। अधिकारियों की टीम कांकेर, राजनांदगांव, बालोद, जगदलपुर, दंतेवाड़ा और रायपुर जिले में जगह-जगह जांच पड़ताल में जुटी हुई है।

 खनिज विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार राज्य के कांकेर, राजनांदगांव, बालोद, जगदलपुर, दंतेवाड़ा तथा रायपुर के द्वारा विभिन्न स्थानों पर प्रदेश स्तर के खनिज अधिकारियों का दल ने लौह अयस्क परिवहन में रायल्टी पर्ची के दुरूपयोग, ओवरलोड, लम्पस एवं फाईन की जांच तथा खनिज के ग्रेड (रासायनिक विश्लेषण) की जांच की। संयुक्त संचालक केन्द्रीय उड़नदस्ता के नेतृत्व में विभिन्न जिलों के खनिज अधिकारियों के दल ने सघन जांच की। इस दल में लौह अयस्क के ग्रेड की जांच हेतु क्षेत्रीय कार्यालय बिलासपुर, जदगलपुर तथा रायपुर के जियोलॉजिस्ट को भी शामिल किया गया है । टीम ने भानुप्रतापपुर क्षेत्र में 31 वाहन, चारामा क्षेत्र से 9, जगदलपुर से 10, रायपुर धमतरी रोड़ पर 14, सिलतरा रायपुर क्षेत्र से 5 तथा राजनांदगांव जिले में 7 इस प्रकार कुल 74 वाहनों से सेम्पल लिए है जिसे जांच के लिए केन्द्रीय प्रयोगशाला रायपुर भेजा गया है। खनिज अधिकारियों की टीम ने दंतेवाड़ा के एनएमडीसी से परिवहन कर रहे 30 वाहनों तथा जगदलपुर रेल्वे साईडिंग क्षेत्र में 6 वाहनों की जांच भी की। एनएमडीसी बचेली क्षेत्र में एनएमडीसी द्वारा तौल कराये गये मात्रा तथा रेल्वे बैगन से परिवहन कर मात्रा की क्रास चेकिंग की कार्यवाही अभी जारी है ।

 कांकेर जिले में स्वीकृत विभिन्न निजी कंपनियों के लौह अयस्क परिवहन के 70 वाहनों की जांच की गई । जिनमें से 07 वाहनों को ओवरलोड, लम्पस फाईन में भिन्नता तथा खनिज के ग्रेड में अन्तर होने के शंका के चलते जब्त कर पुलिस की सुपुर्दगी में दे दिया गया है। बालोद जिले में भिलाई स्टील प्लांट को स्वीकृत खदान में लम्पस फाईन से संबंधित जानकारी प्रस्तुत करने हेतु नोटिस जारी किया गया। रायपुर जिले के सिलतरा एवं उरला क्षेत्र में विभिन्न संयंत्रों को प्रदाय किये जा रहे लौह अयस्क की जांच में 04 वाहनों को जब्त कर जांच हेतु उरला थाने को सुपुर्द कर दिया गया है। इस प्रकार उक्त जिलों में अब तक कुल 105 वाहनों की जांच की गई है, जिसमें से कुल 11 वाहनों की जब्ती की कार्रवाई की गई है । खनिज अधिकारियों टीम अभी भी जांच-पड़ताल में जुटी है। 

पूरब टाइम्स रायपुर।  छत्तीसगढ़ के भारतीय जनता पार्टी की प्रभारी डी पुरंदेश्वरी का एक ट्वीट कांग्रेस को रास नहीं आ रहा। इसमें राहुल गांधी की हंसती तस्वीर है, कांग्रेस का लोगो है और लिखा है कि छत्तीसगढ़ में 30% वैक्सीन बर्बाद हो गई। पुरंदेश्वरी ने आगे लिखा कि पहले तो रो रहे थे, फिर वैक्सीन मिली तो बर्बाद करने लगे। ये कांग्रेस की सरकार वाले राज्यों की आदत बन चुकी है।

डी. पुंदेश्वरी के इस ट्वीट पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि झूठ फैलाना, भ्रम पैदा करना, आकड़ों को छिपाना भाजपा का चरित्र है। मोहन मरकाम ने कहा है कि प्रदेश में कुल खराब हुई वैक्सीन का औसत 1% से भी कम 0.95% है जो कि राष्ट्रीय औसत से आधे से भी कम है। मरकाम ने राज्य के आंकड़ों पर कहा कि 72 लाख 90 हजार 210 कुल वैक्सीन मिली। इसमें से 61 लाख 99 हजार 637 इस्तेमाल में है, 10 लाख 31 हजार 230 का स्टॉक है। 59 हजार 343 ही वेस्ट हुई है जो कि 0.95% है। गलत बयान देने के लिए डी पुरंदेश्वरी को माफी मांगनी चाहिए।

पूरब टाइम्स रायपुर। छत्तीसगढ़ में कोरोना टीकाकरण के टीकों के खराब होने संबंधी आंकड़ों पर विवाद जारी है। आज मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने टीकों के खराब होने से संबंधी केंद्र सरकार के आंकड़ों को भ्रामक बताया। उन्होंने कहा, इस मामले में केंद्र सरकार राजनीति कर रही है। रायपुर के पं. जवाहरलाल नेहरु मेडिकल कॉलेज परिसर में संवाददाताओं से बातचीत में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, केंद्र सरकार को ऐसे भ्रामक आंकड़े नहीं देने चाहिए। हमार सारी रिपोर्ट उनके पास जा रही है। रजिस्ट्रेशन के बाद जो वैक्सीनेशन नहीं करा रहे हैं उनको कहा जा रहा है कि डोज खराब हो गई। जबकि यहां केंद्र सरकार की गाइडलाइन से बहुत कम वेस्टेज हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा, हमने अपने यहां पंजीयन के लिए जो CG Teeka एप बनाया है उसे वे नहीं मान रहे हैं, इस वजह से भी वे आंकड़े ज्यादा बता रहे हैं। इस प्रकार से वे भ्रामक जानकारी फैला रहे हैं। केंद्र सरकार को ऐसा नहीं करना चाहिए। छत्तीसगढ़ में टीकाकरण का काम बहुत अच्छा चल रहा है।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, केंद्र सरकार में अभी ऐसा काम हो रहा है कि दाहिना हाथ क्या कर रहा है यह बाएं को पता नहीं है। हमें लिखित सूचना मिलती है कि इस महीने कोई वैक्सीन नहीं मिलेगी। सूचना के दूसरे दिन हमारे पास दो लाख डोज की आपूर्ति पहुंच जाती है। कहा जाता है कि यह 18 से 44 साल वालों के लिए है। फिर कहा जाता है कि यह 45 वर्ष से ऊपर वालों के लिए है।

वैक्सीन पर ताजा विवाद क्या है

पिछले दिनों केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में प्रजेंटेशन के दौरान केंद्रीय मंत्रालय छत्तीसगढ़ में छत्तीसगढ़ में 50 प्रतिशत टीकों का वेस्टेज दिखाया। इसको लेकर भाजपा हमलावर है। इधर राज्य सरकार ने केंद्र को पत्र लिखकर कहा है, उनके यहां वैक्सीन की बर्बादी एक प्रतिशत से भी कम है। मंत्रालय अपना डेटा ठीक कर ले। स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव और मुख्यमंत्री सचिवालय ने वैक्सीन का हिसाब सार्वजनिक कर बताया, उनका नुकसान मानक से बेहद कम है। केंद्र सरकार गलत डाटा प्रदर्शित कर रही है।

पूरब टाइम्स रायपुर.मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज सवेरे रायपुर के पंडित जवाहर लाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय पहुंचकर कोविड-19 से बचाव के टीके की दूसरी खुराक ली। उन्होने टीका लगवाने के बाद डॉक्टरों से टीकाकरण के बाद रखी जाने वाली सावधानियों की जानकारी ली। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने इस अवसर पर प्रदेशवासियों से अपील की है कि वे कोरोना से बचाव के लिए अपनी बारी आने पर टीका अवश्य लगवाएं। जिन लोगों ने टीके की पहली डोज लगवा ली है, वे निर्धारित समय में दूसरी डोज लगवाएं, क्योंकि टीका ही कोरोना से बचाव का एक कारगर उपाय है। टीका लगवाने के बाद भी सभी लोग कोविड एप्रोप्रियेट बिहेवियर का पालन करें । मास्क लगाएं, समय-समय पर हाथ की सफाई करें और फिजिकल डिस्टेंस बनाए रखें। भीड़-भाड़ में जाने से बचें । मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी के सहयोग व परिश्रम से छत्तीसगढ़ में कोरोना की दूसरी लहर को नियंत्रित करने में काफी हद तक सफलता मिली है। संक्रमण की दर वर्तमान में 5 प्रतिशत के नीचे आ गई है। जनता की सहूलियत के लिए लॉक डाउन में कुछ छूट दी गई है। सभी लोग सावधानी को अपनाएं जिससे कोरोना के खिलाफ लड़ाई जीती जा सके।

मुख्यमंत्री श्री बघेल को  दिपेश्वरी चंद्राकर ने टीका लगाया । इस अवसर पर गृह निर्माण मण्डल के अध्यक्ष कुलदीप जुनेजा और संसदीय सचिव श्री विकास उपाध्याय, चिकित्सा शिक्षा विभाग के संचालक डॉ. आर. के. सिंह, कलेक्टर डॉ. एस भारतीदासन, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक  अजय यादव, रायपुर मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. विष्णु दत्त, डॉ. भीमराव अम्बेडकर अस्पताल के अधीक्षक डॉ. विनीत जैन और मुख्य चिकित्सा एवँ स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मीरा बघेल, स्टॉफ नर्स सुश्री कविता निराला उपस्थित थी।

पूरबटाइम्स रायपुर।  18 से 44 वर्ष आयु वर्ग के टीकाकरण पर गंभीर संकट खड़ा हो गया है। वैक्सीन का दूसरा डोज लगने की तारीख नजदीक आ गई है। वहीं सरकार के स्टॉक में वैक्सीन है ही नहीं। अगर समय से वैक्सीन नहीं मिली तो लोगों का पहला डोज लेना भी बेकार हो जाएगा। दरअसल राज्य सरकार ने अपने खर्च पर एक मई से 18 + का टीकाकरण शुरू किया था। पहले दिन कोवैक्सीन की 1.50 लाख डोज आई थी। पहले दिन 1945 लोगों को टीका लगाया गया। दूसरे दिन 8 हजार 579 लोगों को कोवैक्सीन दिया गया। शुरुआती दिनों में ही उस खेप से एक लाख 46 हजार 591 लोगों को टीका लगा दिया गया। दूसरी डोज के साथ जुड़े संकट के लिए ही 3 हजार 409 डोज बचा लिया गया।

कोवैक्सीन के उत्पादक भारत बायोटेक ने मई महीने में 3 लाख डोज की आपूर्ति की जानकारी दी थी, लेकिन एक मई के बाद उनकी कोई खेप नहीं पहुंची। डॉक्टरों के मुताबिक कोवैक्सीन की पहली खुराक लेने के 28 दिन बाद दूसरी खुराक लगाई जानी है। इस मान से जिन लोगों ने एक मई को कोवैक्सीन का टीका लगवाया था, उन्हें 29 मई को दूसरा टीका लगना है। राज्य टीकाकरण अधिकारी डॉ. अमर सिंह ठाकुर ने बताया, राज्य वैक्सीन भंडार में बुधवार सुबह तक कोविशील्ड के 40 हजार डोज और कोवैक्सीन के करीब 4 हजार डोज बचे थे। उसमें से कोविशील्ड को अधिकतर को जिलों में भेज दिया गया। दोनों टीका उत्पादकों ने अभी अगली खेप की कोई सूचना नहीं दी है। वहीं 45 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लिए केंद्र सरकार कोटे की 2 लाख डोज वैक्सीन आज रायपुर पहुंच रही है। यह भी कोविशील्ड वैक्सीन होगी।


पूरब टाइम्स रायपुर। एलोपैथी चिकित्सा पद्धति और कोरोना ड्यूटी के दौरान दिवंगत डॉक्टरों का मजाक उड़ाने वाले बयानों पर बाबा रामदेव अब घिरने लगे हैं। छत्तीसगढ़ के रायपुर में उनके खिलाफ FIR दर्ज की जा सकती है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) की रायपुर इकाई उनके खिलाफ लिखित शिकायत लेकर शाम को थाने पहुंचेगी। IMA के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेश सिन्हा ने बताया, "बाबा रामदेव के खिलाफ FIR दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।

 फिलहाल रायपुर जिला इकाई की ओर से आज शाम को सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराई जाएगी। डॉ. सिन्हा ने बताया, ऐसी शिकायतें दूसरे जिलों में भी कराई जा सकती हैं।" वहीं IMA के रायपुर इकाई के अध्यक्ष डॉ. विकास अग्रवाल ने बताया है, आज शाम 5.30 बजे एसोसिएशन के चिकित्सक अपने पदाधिकारियों सहित सिविल लाइंस थाने में बाबा रामदेव के खिलाफ FIR करवाने के लिए एकत्रित होंगे।

पिछले कुछ दिनों से एलोपैथी चिकित्सा पद्धति, मॉडर्न मेडिसिन और कोरोना वैक्सीन के खिलाफ बाबा रामदेव के बयानों ने डॉक्टरों को भड़का दिया है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन और दूसरे संगठन लगातार बाबा की हरकतों का विरोध कर रहे हैं। अब बाबा के खिलाफ महामारी के दौरान अफवाह फैलाने, डॉक्टरों को अपमानित करने, घृणा फैलाने और वैक्सीनेशन अभियान को विफल करने जैसे मामलों में FIR दर्ज कराने की तैयारी हो रही है।

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन उत्तराखंड ने बाबा रामदेव पर 1000 करोड़ रुपए की मानहानि का नोटिस भेजा है। यह नोटिस सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे बाबा रामदेव के उस वीडियो के आधार पर दिया गया है, जिसमें बाबा एलोपैथी को बकवास और दिवालिया साइंस कहते दिख रहे हैं। एसोसिएशन का कहना है कि रामदेव ने अगले 15 दिनों में वीडियो और लिखित फार्मेट में माफी नहीं मांगते तो उनपर 1000 करोड़ रुपए की क्षतिपूर्ति का केस करेंगे।

पूरब टाइम्स रायपुर . दिल्ली की सीमाओं पर किसान आंदोलन के छह महीने पूरे होने और केंद्र में भाजपा की सरकार के 7 वर्ष पूरा होने पर किसानों ने काला दिवस मनाया। छत्तीसगढ़ के किसानों ने भी केंद्र सरकार के खिलाफ गुस्से का इजहार किया। छत्तीसगढ़ किसान मजदूर महासंघ और घटक संगठनों ने जगह-जगह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कृषि मत्री नरेंद्र सिंह तोमर का पुतला जलाया। वहीं खेतों में मजदूरों ने सिर पर काला कपड़ा बांधा, घरों और पंचायत भवनों पर विरोध का काला झंडा लगाया गया। नवा रायपुर क्षेत्र के गांवों में भी विरोध प्रदर्शन देखा गया। रायपुर में भी किसान आंदोलन से सहानुभूति रखने वाले लोगों और संगठनों ने अपने घरों-कार्यालयों और गाड़ियों पर काला झंडा दिखाकर आंदोलन से एकजुटता दिखाने की कोशिश की।

छत्तीसगढ़ किसान आंदोलन से संबद्ध 20 अन्य संगठनों ने प्रदेश के कोरबा, राजनांदगांव, सूरजपुर, सरगुजा, दुर्ग, कोरिया, बालोद, रायगढ़, कांकेर, जांजगीर-चांपा, मरवाही, बिलासपुर, धमतरी, जशपुर, बलौदा बाजार व बस्तर में प्रदर्शन किया। पांच-पांच के समूह में प्रदर्शनकारियों ने मोदी सरकार का पुतला फूंका। अपने घरों और गाड़ियों पर विरोध का काला झंडा लगाया। छत्तीसगढ़ किसान आंदोलन के संयोजक सुदेश टीकम और छत्तीसगढ़ किसान सभा के प्रदेश अध्यक्ष संजय पराते ने कहा है कि छत्तीसगढ़ की जनता ने इन कानूनों के खिलाफ जो तीखा प्रतिवाद दर्ज किया है, उससे स्पष्ट है कि मोदी सरकार के पास इन जनविरोधी कानूनों को निरस्त करने के अलावा और कोई रास्ता नहीं है।


किसान संगठनों ने कहा, केंद्र सरकार 5 जून 2020 को अध्यादेश के जरिए एक किसान और कृषि विरोधी कानून थोपा है। उसके खिलाफ किसानों के आंदोलन को छह महीने हो गए। अब मोदी सरकार रेलवे, बैंक, बीमा, भेल, विमान कंपनियों जैसे सार्वजनिक उद्यमों को निजी हाथों में बेच रही है। कॉरपोरेट घरानों को फायदा पहुंचाने के लिए ही श्रम कानूनों में संशोधन कर मजदूर विरोधी चार कानून बनाए गए।

किसान संगठनों ने कहा, भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार कोरोना जैसी महामारी के पहले चरण में नमस्ते ट्रंप किया और दूसरे चरण में पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के बहाने कोरोना का संक्रमण बढ़ाया। देश के लाखों लोग कोरोना से अपनी जान गवां चुके हैं, आज भी स्वास्थ्य व्यवस्था चरमराई हुई है। उसके बावजूद सरकार करोड़ो रुपए का अनावश्यक खर्च कर सेंट्रल विस्टा बनाने में लगी हुई है।


कांग्रेस समेत 12 राजनैतिक दलों ने संयुक्त किसान मोर्चा के इस प्रदर्शन को अपना समर्थन दिया है। संयुक्त किसान मोर्चा को सौंपे समर्थन पत्र में कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी, जनता दल-एस प्रमुख एचडी देवगौड़ा, एनसीपी प्रमुख शरद पवार, तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी, शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे, डीएमके प्रमुख एमके स्टालिन, झारखंड मुक्ति मोर्चा प्रमुख हेमंत सोरेन, नेशनल कांफ्रेंस प्रमुख फारूख अब्दुला, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, आरजेडी प्रमुख तेजस्वी यादव, सीपीआई प्रमुख डी. राजा, मार्क्सवादी कम्यूनिष्ट पार्टी प्रमुख सीताराम येचुरी के हस्ताक्षर हैं।

पूरब टाइम्स रायपुर। राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके आज अखिल विश्व गायत्री परिवार शांति कुंज हरिद्वार के तत्वावधान में राजभवन में देश एवं प्रदेश से कोरोना संक्रमण से  मुक्ति के लिए आयोजित गायत्री यज्ञ में शामिल हुई। राज्यपाल ने इस अवसर पर मां गायत्री की पूजा-अर्चना करते हुए देश एवं प्रदेश को कोरोना संक्रमण से मुक्त करने, पर्यावरण संवर्धन एवं प्रदेशवासियों के अच्छे स्वास्थ्य की कामना की।

संस्था के छत्तीसगढ़ जोन समन्वयक  दिलीप पाणिग्रही ने बताया कि पूरे विश्व, देश एवं प्रदेश में आई कोरोना संक्रमण से मुक्ति के लिए तथा लोक मंगल की कामना से पूरे विश्व के घरों में गायत्री यज्ञ और उपासना की गई। पूरे विश्व में करीब 2 करोड़ से अधिक, छत्तीसगढ में करीब 2 लाख और रायपुर में करीब 40 हजार घरों में आमजनों द्वारा गायत्री यज्ञ किया गया। इसका उद्देश्य कोरोना के वैश्विक संकट से मुक्ति, कोरोना से दिवंगत आत्माओं की शांति व सद्गति, कोरोना से अस्वस्थ परिजनों के स्वस्थ हेतु एवं घर परिवार का वातावरण परिशोधन है।

पूरब टाइम्स रायपुर। कलेक्टर ने जिले में कंटेनमेंट जोन को राहत देते हुए सभी दुकानों-शॉपिंग मॉल सहित ठेले-खोमचे वालों को भी कारोबार की इजाजत दे दी है। लेकिन आज सुबह रायपुर नगर निगम का के उड़न दस्ते ने शास्त्री बाजार के पास ठेले पर फल-सब्जी बेचने वालों को खदेड़ दिया। उनका तराजू छीन लिया। शास्त्री बाजार के स्थायी कारोबारियों ने उड़न दस्ते को घेरा तो टीम बैकफुट पर आई। कहा- हम तो यहां मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग के नियम का पालन करा रहे हैं।

बाजार खुलने के आदेश के बाद आज सुबह शास्त्री बाजार की दुकानें नहीं खुलीं। मुख्य बाजार के बाहर सड़क पर पहले की तरह फल और सब्जी वालों ने ठेले लगाकर कारोबार शुरू किया। इसी बीच नगर निगम का उड़न दस्ता वहां पहुंचा। उनके साथ पुलिस भी थी। इन लोगों ने पहले लाउड स्पीकर के जरिए मास्क नहीं लगाने वालों को चेतावनी दी। उसके बाद ठेले वालों को वहां से भगाना शुरू कर दिया। ठेले वाले उनसे विनती करते रहे कि बहुत दिनों बाद बाजार खुल रहा है, कुछ कारोबार हो जाएगा, लेकिन उड़न दस्ते के कर्मचारी नहीं माने। थोड़ी देर में चेतावनी धमकी में बदल गई। ठेले वालों को बहस करने पर पिटाई की धमकी दी गई। उसके बाद निगम अमले ने वहां से जा रहे ठेले वालों का तराजू छीनना शुरू कर दिया। थोड़ी देर में वहां से ठेले वालों को भगा दिया गया। यह देखकर शास्त्री बाजार के स्थायी दुकानदारों ने उड़न दस्ते को घेर लिया। टीम के सुर मद्धम पड़े। कहा- हम यहां दुकान बंद नहीं करा रहे हैं। बस मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करा रहे हैं।


लॉकडाउन छूट के आदेशों में कन्फ्यूजन की वजह से शास्त्री बाजार की दुकानें सुबह नहीं खुलीं। नगर निगम के उड़ने दस्ते की कार्रवाई ने भी यह भ्रम बढ़ाया। बाद में नगर निगम के अधिकारियों ने सब्जी विक्रेताओं के संगठन पदाधिकारियों से बात कर उनका भ्रम दूर किया। नगर निगम के अपर आयुक्त पुलक भट्‌टाचार्य ने बताया, फल-सब्जी कारोबार के लिए भी सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक कारोबार की छूट है। उन्हें मास्क लगाए रखना है। खरीदार को भी मास्क लगाए रखना है। भीड़ नहीं होने देना है।

पूरब टाइम्स रायपुर। कोविड-19 से जुड़े अनुसंधान में छत्तीसगढ़ के चिकित्सा वैज्ञानिकों को बड़ी कामयाबी मिलती दिख रही है। रायपुर के जवाहरलाल नेहरु मेडिकल कॉलेज और डॉ. भीमराव आम्बेडकर अस्पताल स्थित मल्टीडिसीप्लिनरी रिसर्च इंस्टीट्यूट (MRU) ने सार्स सीओवी-2 (SARS CoV 2) वायरस के सीरो-जांच व निगरानी के लिए एक जांच किट बना ली है। यह सार्स सीओवी-2 वायरस यानी कोरोना के विरुद्ध शरीर में बनने वाले न्यूट्रलाइजिंग एंटीबॉडी (neutralizing antibody) का पता आसानी से लगा लेगा। मतलब यह जांच किट यह बताएगा कि कोरोना वायरस से लड़ने के लिए हमारा शरीर कितना तैयार है।

मल्टीडिसीप्लिनरी रिसर्च इंस्टीट्यूट (MRU) के प्रमुख रिसर्च साइंटिस्ट डॉ. जगन्नाथ पाल के नेतृत्व में इस किट को तैयार करने वाली टीम में जूनियर साइंटिस्ट डॉ. योगिता राजपूत भी शामिल हैं। बताया गया, यह रिसर्च अपने अंतिम चरण में है और जब यह रिसर्च इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) द्वारा स्वीकृत हो जाएगा तो क्लीनिकों में एंटीबॉडी आधारित इस जांच किट का उपयोग किया जा सकेगा। संभवतः यह कोविड-19 के खिलाफ न्यूट्रलाइजिंग एंटीबॉडी का पता लगाने के लिए भारत में दूसरा स्वदेशी डायग्नोस्टिक व सबसे कम लागत वाला टेस्टिंग किट हाेगा। अब तक MRU में तकनीक विकसित की जा चुकी है। कुछ सीरम नमूनों पर प्रारंभिक परीक्षण किए गए हैं। इनमें ऐसे लोगों के नमूने थे जिन्हें कोरोना का टीका लगाया गया था अथवा पहले कोविड 19 से पीड़ित थे। अभी किट का विभिन्न मानकों पर मूल्यांकन किया जा रहा है। इसके बाद इस टेस्टिंग किट को ICMR के पास सत्यापन और अनुमोदन के लिए भेजा जाएगा।

यह एक ऐसी एंटीबॉडी है जो कोरोना वायरस को निष्प्रभावी करने के लिये शरीर द्वारा विकसित किया जाता है। यह एंटीबॉडी वायरस को मानव कोशिकाओं में प्रवेश करने से पहले बेअसर कर देता है। इस तरह शरीर संक्रमण से बच जाता है। इस एंटीबॉडी के कारण कोशिका का जैविक प्रभाव बाधित नहीं होता और मरीजों में सार्स सीओवी -2 वायरस के खिलाफ सुरक्षात्मक प्रतिरक्षा तंत्र का निर्माण होता है।

कोरोना का टीकाकरण शुरू हो चुका है। लेकिन कोविड-19 संक्रमण या टीकाकरण के प्रति प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया अलग-अलग व्यक्तियों में समान नहीं हो सकती। देखने में आया है कि टीकाकरण करा चुके कई लोग दोबारा संक्रमित हुए हैं। इसलिए कोविड -19 संक्रमण या टीकाकरण के बाद प्लाज्मा में न्यूट्रलाइजिंग एंटीबॉडी का पता लगाना बहुत जरूरी है। इससे यह पता चलेगा कि किसके पुनः संक्रमित होने की संभावना हो सकती है।

पूरब टाइम्स रायपुर। भाजपा नेताओं के सोशल मीडिया पोस्ट से शुरू हुआ टूलकिट विवाद गरमा गया है। अपने दिल्ली ऑफिस पर छापे के बाद ट्विटर ने छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री डॉक्टर रमन सिंह के टूलकिट ट्वीट को मैनिपुलेटेड मीडिया बता दिया है। यानी ऐसी सामग्री जिसे तोड़-मरोड़कर पोस्ट किया गया है। ट्विटर के इस कदम के बाद कांग्रेस भाजपा नेताओं पर हमलावर है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मंगलवार सुबह अपने सोशल मीडिया एकाउंट पर लिखा कि ट्विटर ने डॉक्टर रमन सिंह के कथित टूलकिट को भी मैनिपुलेटेड मीडिया बता दिया है। सांच को आंच नहीं! हजार बार झूठ बोलने से झूठ सच हो जाता है। ऐसी संघ दीक्षा अब काम न आएगी। 

कांग्रेस पहले दिन से भाजपा नेताओं की ओर से साझा किए जा रहे कथित टूलकिट को फर्जी बताती रही है। NSUI के प्रदेश अध्यक्ष आकाश शर्मा की शिकायत पर रायपुर की सिविल लाइन पुलिस ने डॉक्टर रमन सिंह और भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा के खिलाफ FIR दर्ज कराई है। FIR में आरोप लगाया गया है कि समाज में घृणा फैलाने के इरादे से अफवाह फैलाने, फर्जी दस्तावेजों से किसी को नीचा दिखाने की कोशिश की गई है। वहीं, भाजपा इस FIR के खिलाफ आंदोलन कर रही है। सोमवार को डॉक्टर रमन सिंह सहित पूरी भाजपा ने रायपुर सिविल लाइन थाना के बाहर धरना भी दिया।

पूरब टाइम्स रायपुर। शहर लॉकडाउन के बीच अनलॉक हो गया है। मंगलवार को सभी बड़े बाजारों की सभी दुकानें खोल दी गईं, शनिवार तक लेफ्ट-राइट का सिस्टम चल रहा था। सोमवार की रात सरकार ने फैसला लिया कि 8% से कम संक्रमण की दर वाले शहरों को छूट दे दी जाए। पिछले 1 सप्ताह से रायपुर में 300 से 150 के बीच ही नए संक्रमित मिल रहे हैं। कोरोना पर स्थिति को काबू में होता देख स्थानीय प्रशासन ने 31 मई को पूरे हो रहे लॉकडाउन के 6 दिन पहले ही बाजार पूरी तरह से खोलने का फैसला कर लिया। प्रशासन के इस फैसले से व्यापारियों को राहत मिली है। मंगलवार को मालवीय रोड, सदर बाजार, पंडरी, गोल बाजार पूरी तरह से खुल गया। इन इलाकों में लोगों की भीड़ भी देखी गई।

9 अप्रैल से रायपुर पूरी तरह से लॉक रहा है। पिछले 15 दिनों में संक्रमण की रफ्तार भी पूरे प्रदेश में धीमी पड़ी है। जरूरत का सामान लेने सड़कों की दोनों तरफ लोगों की अच्छी खासी भीड़ नजर आई। कुछ लोग बिना मास्क के भी नजर आए। मालवीय रोड व्यापारी संघ के राजेश वासवानी ने बताया कि हमने सभी व्यापारियों से कह दिया है कि बिना मास्क के ग्राहकों को दुकान में प्रवेश न दें। प्रशासन भी सड़क पर लापरवाही से घूमने वालों पर सख्ती बरते।

मंगलवार शाम या बुधवार सुबह तक जिला प्रशासन मॉल खोले जाने को लेकर आदेश जारी कर सकता है। प्रदेश सरकार ने सोमवार की रात कहा है कि अब ऐसे जिले जहां कोरोना संक्रमण की दर 8% या इससे कम है वहां बिना किसी बंदिश के बाजार खुलेंगे। राज्य सरकार ने यहां तक कह दिया है कि सभी दुकानों, मॉल, शो रूम को खोला जा सकेगा। किसी तरह का रोस्टर सिस्टम या बंदिश नहीं होगी, मगर शाम 6 के बाद से नाइट कर्फ्यू का पालन करना होगा।

पूरब टाइम्स रायपुर।  मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने कहा है कि झीरम के सभी बेगुनाह शहीदों और घायलों को न्याय ज़रूर मिलेगा, जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलेगा, छत्तीसगढ़ सरकार चैन से नहीं बैठेगी। झीरम के शहीदों को न्याय दिलवाने के लिये हम कृतसंकल्पित हैं और हम इसके लिये अपनी लड़ाई जारी रखेंगे। चाहे इसमें कितनी ही बाधायें आएं, छत्तीसगढ़ सरकार झीरम घाटी मामले की तह तक ज़रूर जायेगी। मुख्यमंत्री ने आज यहां अपने निवास कार्यालय में ‘झीरम श्रद्धांजलि दिवस‘ के अवसर पर झीरम घाटी में 25 मई 2013 को हुए नक्सल हमले में शहीद नेताओं और जवानों को नमन करते हुए उन्हें अपनी विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। झीरम घाटी के नक्सल हमले में छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ नेता विद्याचरण शुक्ल,  नंदकुमार पटेल,  महेन्द्र कर्मा,  उदय मुदलियार,  योगेंद्र शर्मा सहित अनेक नेतागण और सुरक्षा बलों के जवान शहीद हो गए थे। श्री बघेल ने शहीदों के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की। शहीदों की स्मृति में दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई।

मुख्यमंत्री श्री बघेल इस अवसर पर दंतेवाड़ा और जगदलपुर में शहीद  महेंद्र कर्मा की प्रतिमा के अनावरण के कार्यक्रम में तथा शहीद  महेन्द्र कर्मा के नाम पर बस्तर विश्वविद्यालय और जगदलपुर के डिमरापाल स्थित स्वर्गीय बलिराम कश्यप स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय के अस्पताल के विधिवत नामकरण के कार्यक्रम में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए। कार्यक्रम में दंतेवाड़ा से उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री  कवासी लखमा, विधायक  देवती कर्मा, जगदलपुर से बस्तर सांसद  दीपक बैज और विधायक  रेखचंद्र जैन, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्यसभा सांसद पी.एल. पुनिया और छत्तीसगढ़ मंत्रिमंडल के सदस्य, विभिन्न जिलों से विधायक तथा जनप्रतिनिधि इस कार्यक्रम से जुड़े। मुख्यमंत्री निवास में विधायक  मोहन मरकाम और  बृहस्पति सिंह, मुख्यमंत्री के सलाहकार द्वय  विनोद वर्मा और  राजेश तिवारी, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, अपर मुख्य सचिव  सुब्रत साहू उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि 25 मई की झीरम घाटी की हिंसक घटना हम सबके दिलों में एक फांस की तरह चुभी हुई है। यह दिन छत्तीसगढ़, भारत और हमारे लोकतंत्र के लिए एक काला दिन है, जब नक्सलियों ने हमारी पूरी की पूरी लीडरशीप को खत्म कर दिया था। लोकतंत्र के महायज्ञ की तैयारियां चल रही थी और उसके पहले ही पूर्णाहुति पड़ गई। हमारे पथप्रदर्शक, हमारे साथी और प्रदेश के सुनहरे भविष्य का दामोदार जिन पर था ऐसे हमारे नेता जनप्रतिनिधि, नागरिक और सुरक्षा कर्मी शहीद हो गये और अनेक लोग घायल हो गये। आज इनकी शहादत प्रदेश के एक-एक व्यक्ति के अवचेतन में श्रद्धापूर्वक याद आ रही होगी।

पूरब टाइम्स रायपुर। आज से 8 साल पहले 25 मई 2013 की शाम नक्सलियों ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया था। बस्तर की दरभा-झीरम घाटी में नक्सलियों ने कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा पर हमला कर 30 लोगों की हत्या कर दी थी। इसमें पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल, पूर्व मंत्री व तत्कालीन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नंदकुमार पटेल, उनके बेटे दिनेश पटेल, पूर्व मंत्री महेंन्द्र कर्मा, पूर्व विधायक उदय मुदलियार समेत कांग्रेस के दिग्गज नेता, कार्यकर्ता, जवान मारे गए थे।

इस घटना का सबसे दुखद पहलू यह है कि कई जांच के बाद भी 8 साल में घटना की वास्तविकता सामने नहीं आई। उसमें शामिल बड़े नक्सली नेताओं की गिरफ्तारी नहीं हो सकी। आतंकी मामलों की जांच में माहिर नेशनल इनवेस्टिगेशन एजेंसी, एनआईए ने छह साल की जांच के बाद 39 नक्सलियों के खिलाफ दो चार्जशीट पेश की, 9 नक्सलियों को गिरफ्तार किया, लेकिन वह भी सच क्या है यह नहीं बता सकी। कांग्रेस के वकीलों, नेताओं ने एनआईए की जांच को सिरे से नकार दिया। आरोप लगाया गया कि एनआईए ने तत्कालीन भाजपा सरकार की लापरवाही छिपाने के लिए घटनास्थल की अच्छे से जांच नहीं की, घायलों के बयान तक नहीं लिए। हालात यह थे कि घटना के लगभग 25 दिन बाद झीरम घाटी पहुंचे कांग्रेस कार्यकर्ताओं को वहां से विद्याचरण शुक्ला का चश्मा और चप्पल समेत कई चीजें मिलीं। एनआईए पर यह आरोप भी लगा कि उसने इस हमले के मास्टर माइंड दो बड़े नक्सली नेता गणपति और रमन्ना के नाम चार्ज शीट से हटा दिए।


न्यायिक आयोग में कांग्रेस की तरफ से पैरवी कर रहे एडवोकेट सुदीप श्रीवास्तव कहते हैं उस समय राज्य की भाजपा सरकार इस मुद्दे पर ठीक से जांच कराना नहीं चाह रही थी और अब एनआईए और केंद्र की भाजपा सरकार जांच होने देना नहीं चाह रही है। हमने एनआईए से झीरम घाटी हत्याकांड से संबंधित दस्तावेज मांगे हैं। हमने कहा कि उनकी जांच पूरी हो गई है तो हमें दस्तावेज दे दें, लेकिन वो नहीं दे रहे हैं, क्योंकि उसमें कई गड़बड़ियां हैं। हमले में दिवंगत उदय मुदलियार के बेटे ने पिछले वर्ष दरभा थाने में एक अलग FIR लिखवाई। इसको NIA ने कोर्ट में चुनौती देदी। उनका कहना था वे मामले की जांच कर चुके हैं। दूसरी एजेंसी उसकी जांच नहीं कर सकती। राज्य सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर कर NIA से झीरम घाटी जांच की डायरी दिलवाने की मांग की है। 2019 में दौलत रोहड़ा उच्च न्यायालय से अलग जांच की मांग कर चुके हैं।

हमले के तीन दिन बाद ही तत्कालीन भाजपा सरकार ने जस्टिस प्रशांत मिश्रा की अध्यक्षता में न्यायिक जांच आयोग बनाया था। आयोग को तीन माह में अपनी रिपोर्ट देनी थी, लेकिन यह समय बढ़ता चला गया। इस आयोग में कई गवाहियां हुई, तथ्य पेश किए गए। 2018 में जब कांग्रेस की सरकार आई तो उसने आयोग को जांच का दायरा बढ़ाने का आवेदन दिया और 8 नए तथ्यों की जांच करने कहा।


पूरब टाइम्स  रायपुर। जिला खनिज न्यास संस्थान (डीएमएफटी) की शासी परिषद की बैठक में बिलासपुर जिले के प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष खनन प्रभावित गांवों में 12 करोड़ 21 लाख रूपए के 113 कार्यों की स्वीकृति दी गई। बैठक की अध्यक्षता गृह मंत्री एवं  बिलासपुर जिले के प्रभारी मंत्री ताम्रध्वज साहू ने वीडियो कॉन्फ्रंसिंग के माध्यम से की।    वर्चुअल बैठक में विधान सभा बिल्हा, मस्तूरी, कोटा, तखतपुर एवं बेलतरा में स्थित 5 स्कूलों को स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी मीडियम स्कूल योजना के तहत उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय के रूप में विकसित करने के लिए 4 करोड़ 74 लाख रूपए की मंजूरी दी गई। मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान योजना के तहत जिले के कुपोषित बच्चों के लिए अतिरिक्त आहार हेतु 1 करोड़ 9 लाख 64 हजार रूपए स्वीकृति हेतु अनुमोदन किया गया।
   गृह मंत्री श्री साहू ने कहा कि विशेषज्ञों के द्वारा कोरोना की तीसरी लहर आने की भी आशंका जताई जा रही है। इससे निपटने के लिए ठोस रणनीति बनाते हुए आवश्यक तैयारी कर ली जाए। उन्होंने कहा कि यह संभावना जताई जा रही है कि तीसरी लहर में बच्चे अधिक प्रभावित होंगे। इसके मद्देनजर सभी अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में बच्चों के लिए अलग से वार्ड बनाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जिले के खनन प्रभावित गांवों में जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी तालमेल के साथ क्षेत्र के विकास के लिए कार्य करें। जनप्रतिनिधियों को निर्माण कार्यों की सूची उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए। बैठक में कलेक्टर डॉ. सारांश मित्तर ने डीएमएफ की गाईडलाइन के अनुसार अप्रत्यक्ष प्रभावित क्षेत्रों में कुल व्यय राशि का 60 प्रतिशत एवं प्रत्यक्ष प्रभावित क्षेत्र में 40 प्रतिशत व्यय करने हेतु प्रस्ताव अनुमोदन के लिए प्रस्तुत किया।

 बैठक में विधायकों एवं जिला पंचायत अध्यक्ष से प्राप्त कुल 5 करोड़ 62 लाख 5 हजार की कार्ययोजना, उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम के रूप में 5 विद्यालयों को विकसित करने के लिए 4 करोड़ 74 लाख रूपए, अंग्रेजी मीडियम स्कूल योजना के तहत मंगला, लाला लाजपत राय एवं तारबाहर में उन्नयन कार्य के लिए 75 लाख एवं मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के तहत 1 करोड़ 9 लाख 64 हजार इस प्रकार कुल 12 करोड़ 21 लाख राशि की कार्ययोजना का प्रस्ताव शासी समिति के समक्ष अनुमोदन के लिए रखा गया। इसमें उच्च प्राथमिकता के क्षेत्र में 7 करोड़ 61 लाख 66 हजार एवं अन्य प्राथमिकता के क्षेत्र में 4 करोड़ 59 लाख 40 हजार रूपए की राशि शामिल है। बैठक में उपिस्थत सदस्यों ने अपने क्षेत्रों से संबंधित कई अन्य कार्यों की ओर ध्यान आकृष्ट कराया। शासी समिति के सदस्य संसदीय सचिव एवं तखतपुर विधायक  रश्मि सिंह, बिलासपुर विधायक  शैलेश पाण्डेय, मस्तूरी विधायक डॉ. कृष्णमूर्ति बांधी एवं बेलतरा विधायक रजनीश सिंह ने अपने अपने क्षेत्रों के प्रस्ताव रखें एवं सुझाव भी दिए।

पूरब टाइम्स दुर्ग.  भाजपा नेताओं की ओर से जारी कांग्रेस के कथित Toolkit मामले में हुई FIR का मामला गरमाता जा रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज रायपुर के सिविल लाइन थाने पहुंचकर पुलिस को गिरफ्तारी की चुनौती दी। रमन सिंह और उनके साथ गए भाजपा नेता थाने के ठीक बाहर बकायदा मंच लगाकर बैठ गए हैं। इसी थाने में रमन सिंह और संबित पात्रा के खिलाफ गैर जमानती धाराओं में मामला दर्ज हुआ है।

तय कार्यक्रम के मुताबिक आज सुबह 9.45 बजे के करीब पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह थाने जाने के लिए अपने मौलश्री विहार स्थित घर से रवाना हुए। उनके घर से निकलने पर भाजपा नेताओं-कार्यकर्ताओं ने फूल-मालाओं से उनका स्वागत किया। नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक, पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल, पूर्व मंत्री राजेश मूणत, सच्चिदानंद उपासने, भाजपा जिलाध्यक्ष श्रीचंद्र सुंदरानी, संजय श्रीवास्तव जैसे नेताओं के साथ भाजपा डॉ. रमन सिंह सुबह 10.15 बजे के करीब रायपुर के सिविल लाइंस थाने पहुंचे। वहां थाना गेट के ठीक बाहर सड़क के एक किनारे मंच लगा हुआ था। 

सभी वरिष्ठ नेता वहां बैठ गए इस दौरान कार्यकर्ताओं ने सड़क पर मानव शृंखला बनाकर राज्य सरकार और कांग्रेस पार्टी के खिलाफ नारेबाजी की। भाजपा कार्यकर्ताओं का जमावड़ा लगा हुआ है। इस धरने के जरिए भाजपा अपने नेताओं के खिलाफ हुए FIR और सरकारी के महामारी कानून दोनों को चुनौती दे रही है। पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा, कांग्रेस सरकार विरोध की आवाज को दबाना चाहती है। भाजपा का एक-एक कार्यकर्ता उनको गिरफ्तारी की चुनौती दे रहा है।

पूरबटाइम्स रायपुर।  यहां राजभवन के दरबार हॉल में अधिकारी एवं कर्मचारी एवं उनके परिजनों के लिए (18 से 44 आयु वर्ग) कोविड वैक्सीनेशन शिविर का आयोजन किया गया। इस अवसर पर राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके ने शिविर अवलोकन किया। उन्होंने सभी के अच्छे स्वास्थ्य की कामना की और कहा कि पूरा देश कोरोना संक्रमण से जूझ रहा है। इस समय कोरोना से बचने के लिए जागरूकता की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सभी कोरोना से बचाव के लिए शासन द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करें और कोरोना का टीका अवश्य लगाएं। वैक्सीन लगाने के बाद कोरोना के संक्रमण से बचाव होता है और यदि किसी को संक्रमण हो भी गया तो वे जल्द ही ठीक हो जाते हैं। वैक्सीन लगाने के पूर्व चिकित्सकों के दिशा-निर्देशों का पालन करें और वैक्सीन लगाने के पश्चात् भी मास्क अवश्य पहने, हाथ धोते रहें और सामाजिक दूरी का पालन करें।