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बिलासपुर। जनहित याचिका दायर होने के बाद प्रदेश में टीकाकरण बंद करने पर शुक्रवार को हाई कार्ट ने राज्य शासन पर कड़ी नाराजगी जाहिर की और टीकाकरण बंद करने के निर्णय को बेतुका बताया। कोर्ट ने आरक्षण के बजाए सभी वर्गों को एक तिहाई के हिसाब से टीकाकरण करने का आदेश दिया है। अब इस प्रकरण की सुनवाई अगले सप्ताह होगी। आज इस प्रकरण की सुनवाई शुरू होते ही चीफ जस्टिस व जस्टिस पीपी साहू की युगलपीठ ने राज्य शासन के द्वारा टीकाकरण बंद करने के निर्णय पर आपत्ति जताते हुए नाराजगी जाहिर की।

   इस पर कोर्ट ने राज्य शासन को जागरूकता शिविर लगाने के लिए भी कहा है। कोर्ट ने टीकाकरण को तत्काल चालू करते हुए प्रदेश के सभी वर्ग के युवाओं के एक तिहाई के हिसाब से टीकाकरण करने के लिए कहा है। साथ ही यह भी कहा है कि राज्य शासन ने जो कमेटी बनाई है, उसकी विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए, जिस पर अगले सप्ताह सुनवाई की जाएगी। मालूम हो कि जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी ने राज्य शासन द्वारा टीकाकरण में आरक्षण लागू करने के खिलाफ हाई कोर्ट में याचिका दायर की है।

पूरब टाइम्स रायपुर। मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल की घोषणा के परिपालन में राज्य की मितानिन बहनों को कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए जिला प्रशासन द्वारा सेनेटाइजर और मास्क के साथ-साथ हैंड ग्लोव और गमबूट प्रदाय किए जाने का सिलसिला शुरू हो गया है। आज बेमेतरा जिले के खंडसरा सामुदायिक केंद्र के अंतर्गत आने वाले गांवों में कार्यरत मितानिन बहनों को कलेक्टर  शिव अनंत तायल ने सेनेटाइजर मास्क, हैंड ग्लोव, और गम बूट प्रदान करते हुए उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दी।

  गौरतलब है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 4 मई को सरगुजा और बस्तर संभाग के मितानिन बहनों और ग्रामीण स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को गांवों में कोरोना के संक्रमण की रोकथाम, लक्षण वाले मरीजों की पहचान और उन्हें कोरोना दवा किट प्रदान करने में उनके योगदान की सराहना करते हुए उनकी सुरक्षा के लिए शासन-प्रशासन की ओर से निःशुल्क सेनेटाइजर और मास्क दिए जाने की घोषणा की थी ताकि मितानिन बहनें और स्वास्थ्य कार्यकर्ता गांवों के भ्रमण के दौरान अपनी सुरक्षा के लिए एक उपयोग कर सकें

 कलेक्टर बेमेतरा श्री शिव अनंत तायल ने बताया कि आज 6 मई को खंडसरा सामुदायिक केंद्र में आयोजित एक संक्षिप्त कार्यक्रम में 26 मितानिन बहनों को प्रतीक स्वरूप उक्त सामग्री प्रदान की गई। बेमेतरा जनपद पंचायत अंतर्गत कुल 485 मितानिन बहने कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि 10 अप्रैल को नवागढ़ जनपद पंचायत अंतर्गत कार्यरत मितानिन बहनों को सेनेटाइजर ,मास्क, हैंड ग्लोव, गम बूट आदि का वितरण किया जाएगा। नवागढ़ में 465 ,बेरला में 444 तथा साजा जनपद में 552 मितानिन बहनें कार्यरत हैं। सभी मितानिन बहनों को सेनेटाइजर, मास्क, हैंड ग्लोवऔर गम बूट प्रदाय किए जाने की व्यवस्था जिला प्रशासन द्वारा पूरी कर ली गई है।

मुख्यमंत्री ने कोरोना प्रबंधन में मिल रहे सहयोग के लिए समाज प्रमुखों को दिया धन्यवाद

कोविड अनुकूल व्यवहार के प्रति लोगों को करें जागरूक 

कोविड-19 की रोकथाम के लिए सामाजिक संगठन सहयोग के लिए सहर्ष तैयार

मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंस से विभिन्न सामाजिक संगठनों से की चर्चा

रायपुर. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेश में कोरोना के बढ़ते संक्रमण से उत्पन्न स्थिति पर विभिन्न समाज के प्रमुखों से कोरोना महामारी से निपटने सामाजिक संगठनों से सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार के पास संसाधन सीमित हैं। सरकार के साथ समाज के जुड़ने से संसाधन कई गुना बढ़ जाता है। कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए पिछले वर्ष की तरह इस बार भी सभी समाज के लोगों का सक्रिय सहयोग जरूरी है। उन्होंने वर्तमान में विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सहायता के लिए उन्हें धन्यवाद दिया। 

    मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंस में कहा कि कोरोना महामारी की दूसरी लहर ज्यादा घातक है। इसका वायरस ज्यादा संक्रमित करने वाला है। इस बार अधिक सतर्कता बरतने की जरूरत है। राज्य शासन अपने पूरे संसाधन के साथ इस महामारी से निपटने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि तेजी से बढ़ रहे संक्रमण की रोकथाम के लिए लॉकडाउन जरूरी है। उन्होंने समाज प्रमुखों से लोगों को स्वअनुशासित रहने और संक्रमण से बचाव के उपायों का गंभीरता से पालन करने के लिए प्रेरित करने कहा।

    श्री बघेल ने कहा कि बचाव ही सुरक्षा है। इसके लिए लोगों का जागरूक होना जरूरी है। मास्क के उपयोग, शारीरिक दूरी और हाथों की अच्छी साफ-सफाई से संक्रमण से बचा जा सकता है। यदि घर में किसी को लक्षण दिखें तो उसे आइसोलेट करें। उसकी कोरोना जांच करवाएं और रिपोर्ट पॉजिटिव आए तो एसओपी के मुताबिक पूरा उपचार लें। इलाज में देरी से संक्रमण बढ़ता है और यह जानलेवा हो सकता है। मुख्यमंत्री ने समाज प्रमुखों को रेमेडेसिविर इंजेक्शन के उपयोग के बारे में बताया कि यह आईसीयू या वेंटीलेटर में उपचाररत गंभीर मरीजों को दिया जाता है। इसके लिए डॉक्टरों की निगरानी जरूरी है। होम आइसोलेशन और अस्पताल में सामान्य मरीजों के लिए इसका प्रयोग नहीं होता है। अस्पतालों को उनकी जरूरत के मुताबिक रेमेडेसिविर की आपूर्ति की जा रही है। मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंस में बताया कि अभी प्रदेश के सात शासकीय और पांच निजी लैबों में आरटीपीसीआर पद्धति से कोरोना सैंपलों की जांच की जा रही है। इस महीने कोरिया, महासमुंद, कांकेर और कोरबा में चार नए लैब शुरू होने से जांच में तेजी आएगी और रिपोर्ट जल्दी मिलेगी। शासकीय क्षेत्र के 31 और निजी क्षेत्र के चार लैबों में ट्रनाट पद्धित से भी सैंपलों की जांच की जा रही है। रैपिड एंटीजन किट से भी सभी जिलों में सैंपल की जांच हो रही है। उन्होंने बताया कि टीकाकरण में भी छत्तीसगढ़ देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है।

    मुख्यमंत्री से चर्चा के दौरान विभिन्न समाजों के प्रतिनिधियों ने बताया कि वे लॉकडाउन के दौरान जरूरतमंदों को भोजन उपलब्ध कराने के साथ ही ऑक्सीजन सिलेंडर, ऑक्सीजन कन्सेन्ट्रेटर और दवाईयां उपलब्ध कराने में सहयोग कर रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री को आश्वस्त किया कि वे कोविड-19 के प्रबंधन में अपने सामाजिक भवनों, छात्रावासों, वालिंटियर, भोजन उपलब्ध कराने, ऑक्सीजन आपूर्ति एवं अन्य किसी भी प्रकार के सहयोग के लिए सहर्ष तैयार हैं। वीडियो कॉन्फ्रेंस में मनवा कुर्मी समाज, छत्तीसगढ़ कंवर समाज, राजपूत-क्षत्रिय महासभा, माहेश्वरी समाज, छत्तीसगढ़ सिंधी पंचायत, महाराष्ट्र मंडल, साहू समाज, मसीही समाज, जैन समाज और देवांगन समाज के प्रमुख शामिल हुए।

राज्य की कुल जनसंख्या के 15 प्रतिशत से अधिक को कोविड 19 वैक्सीन की पहली डोज लगी 

पूरब टाइम्स रायपुर. छत्तीसगढ़ कोविड 19 वैक्सीनेशन में पूरे देश में सातवंे स्थान पर है। राज्य में कुल जनसंख्या के 15.17 प्रतिशत लोगों केा मतलब 44 लाख 49 हजार से अधिक को वैक्सीन का पहला डोज दिया जा चुका है। राष्ट्रीय औसत 7.79 प्रतिशत है। केन्द्र शासित प्रदेश लक्षद्वीप, अंडमान निकोबार, लदाख के साथ राज्यों में सिक्किम,त्रिपुरा,हिमाचल प्रदेश केवल छत्तीसगढ़ से आगे हैं। कल 18 अप्रैल तक की स्थिति में यहां 45 वर्ष से अधिक उम्र के लगभग 66 प्रतिशत लोगों को पहली डोज लग चुकी है। इसके अलावा 88 प्रतिशत हेल्थ केयर वर्कर, 91 प्रतिशत फ्रंट लाइन वर्कर को भी वैक्सीन की पहली खुराक दी गई है।


प्रदेश में अन्य राज्यो से ट्रेन से आने वाले यात्रियों को छत्तीसगढ़ सर्कार के नए नियमों के तहत तीन दिन पूर्व की कोविड निगेटिव रिपोर्ट लाना अनिवार्य किया गया है जिन यात्रियों के पास यह रिपोर्ट नही होगा उनका स्टेशन में ही स्वास्थ्य परीक्षण स्क्रीनिंग किया जाएगा और लक्षण दिखने पर कोरोना टेस्ट किया जाएगा अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य श्रीमती रेणु जी पिल्ले ने इस संबंध में सभी कलेक्टरेां को आवष्यक व्यवस्था करने के निर्देष दिए है इस कार्य के लिए रेल्वे प्रबंधन का भी आवश्यक सहयोग लिया जाएगा.
 शासकीय पत्र में कहा गया है कि कोरोना जांच के बाद पाजिटिव पाए जाने वाले मरीजों को आवश्यकता अनुसार डेडिकेटेड अस्पताल, कोविड केयर सेंटर, होम आइसोलेश न में उपचार हेतु परिवहन की व्यवस्था से भेजा जायेगा ऐसे यात्री जिनमें कोरोना के लक्षण नही है और जिनकी जांच नही की जा रही है उन्हे 7  दिनों के लिए क्वारंटाइन किया जायेगा ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग और षहरी क्षेत्रों में नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा यात्रियों को क्वांरेटीन किए जाने हेतु पूर्व में जारी दिशा निर्देषों का पालन किया जाए क्व़ारणटाईन सेंटरों में स्वास्थ्य परीक्षण एवं जांच हेतु स्वास्थ्य विभाग द्वारा विगत वर्ष में जारी निर्देश का पालन किया जाएगा रेल्वे स्टेशनों के जांच केन्द्रों में कोविड अनुकूल व्यवहार का पालन सुनिश्चित कराया जाए.

रायपुर. कोरोना टीका लगवा चुके लोग कोविड-19 संक्रमण के दूसरे दौर में काफी हद तक सुरक्षित हैं। कोरोना संक्रमित होने वालों में, ऐसे लोगों की संख्या नगण्य है, जो कोरोना का पहले अथवा दोनों दौर का टीका लगवा चुके हैं। रायगढ़ जिले में कोरोना वैक्सीनेशन तेजी से कराया जा रहा है। पात्रतानुसार 94 प्रतिशत यानी 2,86,531 लोगों को प्रथम दौर का तथा 8443 लोगों को द्वितीय दौर का टीका लगाया जा चुका है। यह बातें जिला प्रशासन रायगढ़ के वरिष्ठ अधिकारियों एवं विशेषज्ञ चिकित्सकों ने कृषि एवं जल संसाधन मंत्री तथा रायगढ़ जिले के प्रभारी मंत्री  रविंद्र चौबे द्वारा कोरोना महामारी प्रबंधन के संबंध में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ली जा रही समीक्षा बैठक के दौरान कही।

   प्रभारी मंत्री रविंद्र चौबे एवं उच्च शिक्षा मंत्री  उमेश पटेल आज रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय से रायगढ़ जिले के जनप्रतिनिधियों, वरिष्ठ अधिकारियों की वर्चुअल बैठक लेकर रायगढ़ जिले में कोरोना महामारी प्रबंधन की स्थिति की गहन समीक्षा की। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण की रोकथाम, उपचार और जरूरतमंदों की मदद के लिए राशि की कमी नहीं आने दी जाएगी। जिला प्रशासन को उसकी आवश्यकता के अनुरूप फंड उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने 14 अप्रैल से 22 अप्रैल तक रायगढ़ जिले में होने वाले लॉकडाउन की तैयारियों के बारे में भी कलेक्टर भीम सिंह, पुलिस अधीक्षक  संतोष सिंह से जानकारी ली। मंत्री  रविंद्र चौबे ने कहा कि लॉक डाउन के दौरान श्रमिकों एवं जरूरतमंदों को राशन आदि की व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए। कोरोना संक्रमित लोगों के उपचार के पुख्ता प्रबंध किए जाएं। कोविड संक्रमित ऐसे लोग, जो होम आइसोलेशन में हैं। उनके दवाओं की आपूर्ति और फालोअप का भी विशेष ध्यान रखा जाये। मंत्री श्री चौबे ने कहा कि कोरोना संक्रमण की वर्तमान स्थिति गंभीर है। ऐसी स्थिति में हमारी यह जिम्मेदारी है, कि हम अपने कर्तव्य के निर्वहन के प्रति भी पूरी तरह से तत्पर और गंभीर रहें। उन्होंने कलेक्टर  भीम सिंह को कोरोना महामारी नियंत्रण और पीड़ितों के इलाज की बेहतर व्यवस्था के लिए डीएमएफ  की राशि के उपयोग के निर्देश दिए। इस अवसर पर विधायकगणों ने भी विधायक निधि की राशि का कोरोना नियंत्रण एवम उपचार की व्यवस्था के लिए उपयोग किए जाने की सहमति दी।

मुख्यमंत्री ने अस्पताल संचालकों और चिकित्सा विशेषज्ञों के साथ बैठक में नए दर के निर्धारण के दिए थे निर्देश

रायपुर. राज्य शासन ने निजी अस्पतालों में कोविड-19 मरीजों के इलाज के लिए नई दरें निर्धारित की हैं। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने 11 अप्रैल को अस्पताल संचालकों और चिकित्सा विशेषज्ञों के साथ बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निजी अस्पतालों में कोरोना के इलाज की नए दरें निर्धारित करने के निर्देश दिए थे। उनके निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने आज संशोधित दरें जारी की हैं। विभाग द्वारा जारी नए आदेश के अनुसार एन.ए.बी.एच. (National Accreditation Board of Hospitals) मान्यता प्राप्त निजी अस्पतालों में मॉडरेट स्थिति वाले मरीजों के इलाज के लिए प्रतिदिन 6200 रूपए का शुल्क निर्धारित किया गया है। इसमें सर्पोर्टिव केयर आइसोलेशन बेड के साथ आक्सीजन एवं पीपीई किट का खर्च शामिल है। 

गंभीर स्थिति वाले मरीजों के उपचार के लिए रोजाना 12 हजार रूपए का शुल्क निर्धारित किया गया है। इसमें बगैर वेंटिलेटर के आईसीयू सुविधा शामिल है। अति गंभीर मरीजों के इलाज के लिए 17 हजार रूपए प्रतिदिन की दर निर्धारित की गई है। इसमें वेंटिलेटर के साथ आईसीयू सुविधा शामिल है। वहीं एन.ए.बी.एच. से गैर मान्यता प्राप्त निजी अस्पतालों के लिए मॉडरेट, गंभीर और अति गंभीर मरीजों के इलाज के लिए प्रतिदिन 6200 रूपए, दस हजार रूपए एवं 14 हजार रूपए का शुल्क निर्धारित किया गया है। निजी अस्पतालों में कोविड-19 के इलाज में होने वाला व्यय मरीज को स्वयं वहन करना होगा। 

राज्य शासन द्वारा निजी अस्पतालों में इलाज के लिए निर्धारित प्रतिदिन के शुल्क में पंजीयन शुल्क, बेड, नर्सिंग और बोर्डिंग चार्ज, सर्जन, एनेस्थेटिस्ट, डॉक्टर और कंसल्टेंट की फीस, एनेस्थेशिया, ब्लड-ट्रांसफ्यूजन, आक्सीजन, ओ.टी. चार्जेस, सर्जिकल उपकरणों का शुल्क, दवाई एवं ड्रग, मरीज के भोजन, प्रोस्थेटिक डिवाइस एवं इम्पलांट का खर्च शामिल है। मेडिकल प्रोसिजर, बेसिक रेडियोलॉजिकल इमेजिंग और एक्स-रे, सोनोग्राफी, हिमेटॉलॉजी पैथोलॉजी जैसे रेडियोलॉजी और पैथोलॉजी टेस्ट भी इनमें शामिल है। हाई-एंड रेडियोलॉजिकल डाइग्नोस्टिक, हाई-एंड हिस्टोपैथोलॉजी (बायोप्सीज) और एंडवास्ड सिरोलॉजी इन्वेस्टीगेशन्स पैकेज अलग से एड-ऑन पैकेज के रूप में उपलब्ध कराया जा सकता है।  

शासन द्वारा निर्धारित दरों में कोविड-19 की जांच, हाई-एंड मेडिसीन्स, सीटी स्कैन और एमआरआई जैसे हाई-एंड डाइग्नोस्टिक टेस्ट तथा कोविड-19 मरीज की अन्य गंभीर बीमारियों (Comorbidity) के उपचार के लिए किया जाने वाला प्रोसिजर शामिल नहीं है। अस्पताल डेड-बॉडी के स्टोरेज एवं परिवहन के लिए अधिकतम ढाई हजार रूपए ले सकेंगे। कोरोना मरीजों के इलाज के दौरान राज्य शासन के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग तथा आईसीएमआर द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन अनिवार्य है। इनके उल्लंघन पर नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी। राज्य शासन द्वारा निजी अस्पतालों में कोरोना संक्रमितों के इलाज के लिए आदेश एपेडेमिक डिसीज एक्ट-1897 और छत्तीसगढ़ पब्लिक एक्ट-1949 के अंतर्गत जारी किया गया है। इस आदेश का उल्लंघन एपेडेमिक डिसीज एक्ट-1897 तथा छत्तीसगढ़ पब्लिक एक्ट-1949 के तहत दंडनीय होगा।

रायपुर.मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने दैनिक वेतनभोगियों और जरूरतमंदों की मदद के लिए मुख्यमंत्री सहायता कोष में दान की अपील की है। उन्होंने संकट की इस घड़ी में ज्यादा से ज्यादा लोगों को मुख्यमंत्री सहायता कोष में दान देकर जरूरतमंदों की सहायता में सहभागी बनने कहा है। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने मुख्यमंत्री सहायता कोष का खाता नम्बर, आईएफएससी कोड और यूपीआई आईडी की जानकारी देते हुए कोष में राशि जमा करने का आग्रह किया है। मुख्यमंत्री सहायता कोष में भारतीय स्टेट बैंक के खाता क्रमांक 30198873179, आईएफएससी कोड SBIN0004286 और यूपीआई आईडी cgcmrelieffund@sbi के माध्यम से राशि जमा की जा सकती है।

रायपुर। राजधानी रायपुर में तेजी से कोरोना फैलता जा रहा है। अब रायपुर रेलवे स्टेशन में कोरोना विस्फोट हुआ है।  रेलवे स्टेशन के अनारक्षित टिकट केंद्र में 16 स्टॉफ में से 8 स्टॉफ की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। हैरानी की बात ये है कि यहां रेलवे ने यात्री सुविधाओं के लिए टिकट बुकिंग तो शुरू कर दी, लेकिन वहां कभी सैनेटाइजिंग नहीं कराया गया। यही कारण है कि वहां अब कोरोना विस्फोट हुआ है। रेलवे सूत्र बताते है कि इन 8 स्टॉफ में से एक स्टॉफ काफी गंभीर है और उन्हें वैंटीलेटर में भर्ती कराया गया है। 

कमर्शियल विभाग के ही कई स्टॉफ कोरोना की इस दूसरी लहर में पॉजिटिव हुए है। यहां शुरूआत सबसे पहले पर्सनल डिपार्टमेंट में कोरोना विस्फोट से हुई। इसके बाद आधा दर्जन से ज्यादा स्टॉफ कमर्शियल विभाग के पॉजिटिव हो चुके है। इसके अलावा इलेक्ट्रीकल और इंजीनियरिंग विभाग के भी कुछ स्टॉफ की रिपोर्ट पॉजिटिव आने की सूचना है। 

आपने भी इन दिनों यदि रायपुर रेलवे स्टेशन के अनारक्षित टिकट काउंटर से प्लेटफार्म टिकट या अन्य टिकटें खरीदी है तो आपको अलर्ट रहने की जरूरत है। वहीं यहां सैनेटाइजेशन न होने से स्टॉफ परेशान है और अब वे इस पूरे मामले को लेकर रायपुर मंडल के उच्च अधिकारियों से शिकायत करने के बाद अब जोन और रेलवे बोर्ड से शिकायत की तैयारी कर रहे है। 



रायपुर। राजधानी में कोरोना विस्फोट जारी है। प्रदेश में रायपुर कोरोना हॉटस्पाट लगातार बना हुआ है। कई क्षेत्र व संस्थान कोरोना की चपेट में है. ऐसे ही जयस्तंभ चौक स्थित एसबीआई बैंक के मेन ब्रांच कोरोना के जद में है। यहां हर दिन कोरोना मरीज सामने आ रहे है। बीते तीन दिनों में 9 कर्मचारी की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इनके संपर्क में आने वाले लोगों की रिपोर्ट आना बाकी है। 


राजधानी रायपुर में 310 मरीज मिले है। सबसे ज्यादा तेलीबांधा, फाफाडीह, फाफाडीह जोन-2, शंकर नगर, राजेंद्रनगर, चौबे कॉलोनी, अंवति बिहार, देवेंद्र नगर, आमानाका में सबसे ज्यादा मरीज मिले है। स्वास्थ्य विभाग एवं नगर निगम के उपायुक्त पुलक भट्टाचार्य ने कहा कि जिन क्षेत्रों से ज्यादा मरीज आ रहे है। उन्हें चिन्हिंत कर लिया गया है। बहुत ही जल्द कंटेंटमेंट घोषित किया जाएगा। 


रायपुर। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के सामने मंत्री ने पिस्टल उठाकर धांय-धांय कई राउण्ड फायर कर दिए। मंत्री जी के हाथों में पिस्टल और एक आँख बंद कर निशाना साधते देख आईजी,एसपी सहित बड़े रैंक के अधिकारी भौंचक थे। सभी बिना नजर हटाये पलक झपके एक बारगी से मंत्री को ही देख रहे थे। आखिरकार मंत्री ने पिस्टल की ट्रिगर दबाई और गोली सामने जा लगी। मंत्री अपना निशाना सही जगह पर लगने पर खुश थे। मामला प्रदेश के नगरीय प्रशासन एवं विकास तथा श्रम मंत्री डॉ शिवकुमार डहरिया से संबंधित है। 


अपने विधानसभा क्षेत्र आरंग के अंतर्गत ग्राम चंदखुरी में पुलिस विभाग का राज्य प्रशिक्षण संस्थान है। नेताजी सुभाषचंद्र बोस राज्य पुलिस अकादमी में पुलिस के अधिकारियों की विशेष ट्रेनिंग होती है। यहां ट्रेनी उप पुलिस अधीक्षको को संबोधित करने के साथ निर्माण कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन करने पहुँचे मंत्री डॉ डहरिया ने अपने प्रेरक उदबोधन से प्रशिक्षु डीएसपी को सेवा के प्रति समर्पित रहने और न्याय दिलाने की दिशा में कार्य करने की बात कही। पुलिस अधिकारियों ने चंदखुरी में पुलिस प्रशिक्षण की गतिविधियों से संबंधित कुछ ट्रेनिंग का अवलोकन मंत्रियों को कराया।


 ट्रेनिंग के अहम हिस्से से जुड़े फायरिंग की गतिविधियों की जानकारी भी मंत्रियों को दी गई। इस दौरान फायरिंग रेंज की प्रैक्टिस का पहले पुलिस अधिकारियों ने निशाना लगाकर बताया। एक कमरे में आभासी जैसी प्रक्रिया लेकिन ट्रेनिंग में पुलिस के निशाने को अचूक बनाने की यह प्रक्रिया मंत्री डॉ डहरिया ने भी समझी। उन्होंने ट्रेंनिग वाली अलग-अलग पिस्टल से डेमो के दौरान फायरिंग रेंज के टारगेट में अपना निशाना लगाया। आधुनिक तकनीक से एक कमरे के भीतर बिना किसी शोर के पिस्टल चलाने की इस ट्रेनिंग का प्रत्यक्ष अवलोकन और निशाने की प्रैक्टिस के पश्चात मंत्री डॉ डहरिया ने पुलिस अकादमी के अधिकारियों की सराहना की। 


पुलिस अकादमी की मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था के लिए यहां के डायरेक्टर जी पी सिंह ने मंत्री डॉ डहरिया की तारीफ करते हुए कहा कि वे इस क्षेत्र के विधायक भी है और हमेशा उनका सहयोग मिलता रहता है। आगे भी उनका सहयोग इसी तरह मिलता रहेगा तो यहाँ की कई समस्याएं दूर हो जाएगी। इस दौरान मंत्री डॉ डहरिया ने भी कहा कि चंदखुरी एक ऐतिहासिक जगह है। राज्य शासन द्वारा रामवनगमन पथ के साथ पर्यटन का विस्तार किया जा रहा है। उनके इस विधानसभा क्षेत्र में पुलिस अकादमी का होना बहुत गौरव की बात है। 





बिलासपुर। मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण से क्लेम की राशि दिलाने के लिए एक व्यक्ति ने फर्जी गवाही दे दिया। मामला सामने आने पर अधिकरण ने आरोपित गवाह के खिलाफ सिविल लाइन थाने में दो अलग-अलग अपराध दर्ज कराया है। एसआइ योगेश गुप्ता ने बताया कि प्रथम अपर मोटर दावा अधिकरण के रीडर (सिविल) केजूराम शर्मा ने सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराया है।

इसके मुताबिक आरोपित इंद्रलाल उर्फ इंद्रलाल राजवाड़े द्वारा दावा अधिकरण के न्यायाधीश खिलावनराम रिगरी की कोर्ट में फर्जी गवाही दी गई है। रिकार्ड के अनुसार आरोपित इंद्रदेव उर्फ इंद्रलाल राजवाड़े मूलत: सूरजपुर जिले के जयनगर थाना के लटोरी चौकी क्षेत्र के ग्राम जगतपुर का रहने वाला है। उसने 2011 में हुए सड़क दुर्घटना में एसईसीएल कर्मी अरूण श्याम राव की मौत के मामले में मोटरदावा दुर्घटना अधिकरण की कोर्ट में फर्जी गवाही दी है।

इस मामले का ट्रायल के दौरान पुलिस केश डायरी सहित अन्य दस्तावेजों का परीक्षण किया गया, तब आरोपित इंद्रदेव की करतूतें सामने आई। इसी तरह उसने झारखंड के गढ़वा जिले के उदारी में हुए सड़क हादसे में बिलासपुर के राजकिशोर निवासी अवकेश दास की मौत हो गई थी। इस मामले में भी प्रस्तुत दावा प्रकरण में आरोपित इंद्रदेव ने गवाही दी है। इसकी भी जांच में आरोपित के झूठे गवाही देने का मामला सामने आया। दोनों प्रकरणों की जांच कराने के बाद न्यायाधीश खिलावन राम रिगरी ने आरोपित के खिलाफ धारा 193 के तहत आपराधिक प्रकरण दर्ज कराने के निर्देश दिए। उनके निर्देश पर रीडर केजूराम शर्मा की रिपोर्ट पर पुलिस ने आरोपित के खिलाफ अपराध दर्ज कर लिया है।

कोर्ट की आंतरिक जांच में पता चला है कि इंद्रदेव दावा भुगतान के प्रकरणों में फर्जी गवाही देता है। कभी वह अपना बदल देता है तो कभी अपना पता ठिकाना बदल देता है। इस तरह से वह मनगढ़ंत नाम व पता बताकर अधिकरण में कई मामलों में फर्जी गवाही दिया है। यही वजह है कि कोर्ट ने प्रकरणों का परीक्षण कराने के बाद उसके खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिया है।

रायपुर। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर का प्लेसमेंट सेल यहां के विद्यार्थियों को रोजगार दिलवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। प्लेसमेंट सेल द्वारा विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को विभिन्न शासकीय, अर्ध-शासकीय एवं निजी संस्थानों में रोजगार दिलवाने के प्रयास किए जा रहे हैं।


इसी कड़ी में विगत दिनों प्लेसमेंट सेल द्वारा आयोजित ऑनलाईन कैम्पस इंटरव्यू के माध्यम से विश्वविद्यालय के छह विद्यार्थियों लक्ष्मण कुर्रे, अश्वनी, त्रिभुवन साहू, वैभव यादव, कल्प दास, एवं सुश्री सदफ अंसारी को इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट बैंक ऑफ इंडिया (आईडीबीआई) में सहायक प्रबंधक (ग्रेड ए) के पद पर नियुक्ति प्राप्त हुई है। 

इस पद हेतु कुल 500 आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनमें से 57 अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए आमंत्रित किया गया। सम्पूर्ण प्रक्रिया इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के प्लेसमेंट सेल द्वारा समन्वित की गई। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एस.के. पाटील ने चयनित विद्यार्थियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हंै। विश्वविद्यालय प्लेसमेंट सेल के अध्यक्ष डॉ. जी.के. श्रीवास्तव, प्रभारी डॉ. एस.एस. टुटेजा, तथा सहयोगियों को भी बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।

रायपुर। कप्तान सचिन तेंदुलकर और युवराज सिंह की विस्फोटक पारी के बाद अपने गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन के दम पर इंडिया लीजेंड्स ने बुधवार को रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए रोड सेफ्टी वर्ल्ड सीरीज टी20 टूर्नामेंट के पहले सेमीफाइनल में वेस्टइंडीज लीजेंड्स को 12 रनों से हराकर फाइनल में प्रवेश कर लिया। फाइनल में इंडिया लीजेंड्स का मुकाबला श्रीलंका लीजेंड्स और दक्षिण अफ्रीका लीजेंड्स के बीच होने वाले मैच के विजेता के साथ होगा। शुक्रवार को यानी 19 मार्च को श्रीलंका लीजेंड्स और दक्षिण अफ्रीका लीजेंड्स के बीच दूसरा सेमीफानइनल मैच खेला जाएगा।

वहीं, इंडिया लीजेंड्स और वेस्टइंडीज लीजेंड्स के बीच खेले गए पहले सेमीफाइनल मैच में भारत ने टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए तीन विकेट पर 218 रनों का विशाल स्कोर बनाया। इसके बाद वेस्टइंडीज को निर्धारित 20 ओवर में छह विकेट पर 206 रनों के स्कोर पर ही रोक दिया। फाइनल मुकाबला रविवार यानी 21 मार्च को खेला जाएगा। इंडिया लीजेंड्स से मिले 219 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी वेस्टइंडीज लीजेंड्स का पहला विकेट 19 रन के स्कोर पर ही विलियम पर्किंस (9) के रूप में गिरा गया। 

इसके बाद ड्वेन स्मिथ (63) ने इस सीरीज में अपना पहला अर्धशतक पूरा किया और विंडीज के स्कोर को 100 के पार पहुंचाया। स्मिथ ने नरसिंह डोनरेन (59) के साथ दूसरे विकेट के लिए 99 रनों की साझेदारी करके वेस्टइंडीज को जीत के करीब पहुंचाने की कोशिश की। हालांकि खतरनाक होती जा रही इस साझेदारी को इरफान पठान ने स्मिथ को आउट करके तोड़ा। इरफान ने स्मिथ को यूसुफ पठान के हाथों कैच कराया। स्मिथ ने 36 गेंदों पर नौ चौके और दो छक्के लगाए।स्मिथ के आउट होने के बाद प्रज्ञान ओझा ने अगले ही ओवर में किकि एडवडर्स को स्टंप्स कराके खाता खोले बिना पवेलियन भेज दिया।

120 रन पर अपने तीन विकेट गंवाने के बाद कप्तान ब्रायन लारा बल्लेबाजी करने के लिए मैदान पर उतरे। लारा और डोनरेन ने चौथे विकेट के लिए 80 रनों की साझेदारी करके विंडीज को मैच में बनाए रखा। टीम को अंतिम ओवर में मैच जीतने के लिए 17 रन बनाने थे, लेकिन वह निर्धारित 20 ओवर में छह विकेट पर 206 रन ही बना सकी। डोनरेन ने 44 गेंदों पर पांच चौके और दो छक्के लगाए। लारा ने 28 गेंदों पर चार चौके और दो छक्के के सहारे 46 रन बनाए। इंडिया लीजेंडस के लिए विनय कुमार को दो और इरफान पठान, मनप्रीत गोनी तथा प्रज्ञान ओझा को एक-एक विकेट मिले।


इससे पहले, कप्तान सचिन तेंदुलकर (65) और युवराज सिंह (20 गेंदों पर 1 चौका और 6 छक्कों की मदद से नाबाद 49 रन) की विस्फोटक पारी के दम पर इंडिया लीजेंड्स ने तीन विकेट पर 218 रनों का विशाल स्कोर बनाया और विंडीज को निर्धारित 20 ओवर में छह विकेट पर 206 रनों पर रोक दिया। टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी इंडिया को वीरेंद्र सहवाग (35) और तेंदुलकर ने पहले विकेट के लिए 5।3 ओवर में 56 रन जोड़कर विस्फोटक शुरुआत दी। सहवाग को टिनो बेस्ट ने अपनी ही गेंद पर कैच आउट किया। सहवाग ने 17 गेंदों पर पांच चौके और एक छक्का जड़ा।


सहवाग के पवेलियन लौटने के बाद सचिन ने मोहम्मद कैफ (27) के साथ दूसरे विकेट के लिए 38 गेंदों पर 53 रनों की साझेदारी की। कैफ ने 21 गेंदों पर दो चौके और दो छक्के लगाए। कैफ को नागामूटू ने आस्टिन के हाथों कैच कराया। हालांकि कप्तान सचिन ने एक छोर संभाले रखा और इस सीरीज में अपना लगातार दूसरा अर्धशतक पूरा किया। सचिन 42 गेंदों पर छह चौके और तीन छक्के लगाए। वह सीमा रेखा पर बेस्ट की गेंद पर किकि एडवडर्स के हाथों लपके गए। कैफ और सचिन के बीच तीसरे विकेट के लिए 31 रनों की ही साझेदारी हो पाई।





पुलिस ने बताया कि तर्रेम थाना इलाके से डीआरजी और पुलिस बल ने सर्चिंग अभियान पर निकले है। इसी बीच तर्रेम-सिलगेर मार्ग पर नक्सली रोड के किनारे खुदाई कर रहे थे। नक्सली पुलिस पार्टी को देखकर भागने लगे. पुलिस पार्टी ने घेराबंदी कर नक्सलियों को गिरफ्तार कर लिया है। नक्सलियों के पास से 1 टिफिन बम, डेटोनेटर, कॉर्डेक्स वायर, बिजली का तार, गड्ढा खोदने का औजार बरामद किया गया है। 

तर्रेम पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार नक्सली में मिडियम चैतू है, जो मिलिशिया डिप्टी कमांडर था. पेद्दागेलुर थाना इलाके में सक्रिय था. उईका आयतू मिलिशिया सदस्य है, जो भटटीगुड़ा थाना इलाके में एक्टिव था. तामू मंगु बेदरे के जगरगुंडा इलाके में सक्रिय था। जबकि तामू जोगा उर्फ जटेल मिलिशिया सदस्य है, जो सुकमा के बेदरे थाना इलाके में सक्रिय था.

पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार नक्सली केरकेली और बंदेपारा इलाके में करीब 40 जगहों पर मार्ग काट कर नुकसान पहुंचाया है। इसी के तहत इन नक्सलियों को गिरप्तार किया गया है। नक्सलियों को सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के लिए गिरफ्तार किया गया है. गिरपितार 2 नक्मासली मिलिशिया सदस्य है। 

बेदरा पुलिस ने कोडेपल्ली के जंगलों से नरंगो मज्जी को गिरफ्तार किया है. नक्सली मुरिया जनजाति का है। दूसरा नक्सली बिच्छु वडडे उर्फ बिज्जू मुरिया को गिरफ्तार किया गया है। बीजापुर जिला पुलिस बल की टीम ने नक्सलियों को पकड़ा है। 

पामेड़-तिपापुरम से पुलिस ने 5 किलो का IED बरामद किया है। पुलिस ने मौके से आईईडी, बैटरी, वायर बरामद किया है। केंद्रीय रिजर्व पुलिस 151, कोबरा 204 और एसटीएफ की टीम ने संयुक्त कार्रवाई की है। नक्सल विरोधी अभियान के तहत IED बरामद किया है. रोड में डिमाईनिंग के दौरान IED मिला है।@GI@