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बिलासपुर। प्रदेश भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा के आह्वान पर जिला युवा मोर्चा द्वारा राज्य सरकार द्वारा बेरोजगारी भत्ता नहीं देने सहित अन्य मुद्दों को लेकर बुधवार से अगस्त क्रांति अभियान शुरू किया गया है। इस आयोजन के तहत जिले के मंडल स्तर पर जाकर पदाधिकारी व कार्यकर्ता बेरोजगार युवकों से फार्म भरवा रहे हैं। फार्म को बेरोजगारी भत्ता दिलाने के लिए एकत्रित कर राज्यपाल को भेजा जाएगा। भाजयुमो के जिला अध्यक्ष निखिल केशरवानी व मंडल अध्यक्ष ऋ षभ चतुर्वेदी ने बताया कि इस अभियान के तहत भाजयुमो पदाधिकारी व कार्यकर्ता मंडल स्तर पर चौपाल लगाएंगे। इस दौरान राज्य शासन द्वारा युवाओं से वादा खिलाफी करने को लेकर अभियान चलाया जाएगा।

अभियान के तहत बेरोजगारों युवकों को बेरोजगारी भत्ता व रोजगार देने की मांग की जाएगी। साथ ही ऐसे युवकों से बेरोजगारी भत्ता के लिए फार्म भराया जाएगा। पदाधिकारियों ने बताया कि बुधवार से मंडल स्तर पर इस अभियान की शुरूआत की गई है। इसके तहत गांव-गांव में पहुंचकर पदाधिकारी व कार्यकर्ता बेरोजगार युवकों को एकजुट करेंगे। इसके साथ ही शिक्षक भर्ती में चयनित बेरोजगार, स्कूलों में कार्यरत सफाई कर्मी, रोजगार कार्यालय पंजीकृत बेरोजगार, विा मितान, लंबित एसआइ भर्ती व लंबित पुलिस भर्ती के कारण बेरोजगार युवक परेशान हैं।

इन मुृद्दों को लेकर भी सरकार के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा। युवा मोर्चा ने राज्य सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार स्र्पयों की बर्बादी कर रही है। वहीं, बेरोजगारों को रोजगार मुहैया कराने में नाकाम साबित हो रही है। यह आयोजन शहर के मंडलों में गुस्र्वार से शुरू होगा। आयोजन के पहले दिन ग्रामीण क्षेत्र के मंडलों में अभियान की शुरूआत की गई।


रायपुर कलेक्टर सौरभ कुमार ने बताया कि आवेदन प्राप्त करने के लिए रायपुर जिले के तीनों अनुभाग स्तर पर अधिकारियों को अधिकृत किया गया है. रायपुर अनुभाग के लिए अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) प्रणव सिंह, आरंग अनुभाग के लिए अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) विनायक शर्मा और अभनपुर अनुविभाग के लिए अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) निर्भय साहू को अधिकृत किया गया है.

रायपुर। प्रदेश में 15 अगस्त 2021 को स्वतंत्रता दिवस पूरी गरिमा और उत्साह के साथ मनाया जाएगा। मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल राजधानी रायपुर के पुलिस परेड ग्राऊण्ड में आयोजित मुख्य समारोह में ध्वजारोहण करेंगे। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत कोरिया जिला मुख्यालय में एवं उपाध्यक्ष मनोज सिंह मण्डावी कोण्डागांव जिला मुख्यालय में आयोजित मुख्य समारोह में ध्वजारोहण करेंगे। अन्य जिला मुख्यालयों में मंत्रीगण और संसदीय सचिव राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे और मुख्यमंत्री का प्रदेश की जनता के नाम संदेश का वाचन करेंगे।

 राज्य शासन के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा प्रदेश के जिला मुख्यालयों में ध्वजारोहण हेतु मुख्य अतिथियों की सूची जारी कर दी गई है। गृह एवं लोक निर्माण मंत्री  ताम्रध्वज साहू महासमुंद में, पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा स्वास्थ्य मंत्री  टी.एस. सिंहदेव कबीरधाम में, कृषि एवं जल संसाधन मंत्री  रविन्द्र चौबे रायगढ़ में, वन एवं परिवहन मंत्री  मोहम्मद अकबर दुर्ग में, स्कूल शिक्षा तथा अनुसूचित जाति तथा आदिम जाति विकास मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम कोरबा में, उद्योग एवं आबकारी मंत्री  कवासी लखमा बस्तर में, नगरीय प्रशासन एवं श्रम मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया सरगुजा में, खाद्य एवं संस्कृति मंत्री  अमरजीत भगत राजनांदगांव में, उच्च शिक्षा एवं खेल मंत्री  उमेश पटेल बलौदाबाजार-भाटापारा में, राजस्व एवं वाणिज्यिक कर मंत्री  जयसिंह अग्रवाल बिलासपुर में तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी एवं ग्रामोद्योग मंत्री  गुरू रूद्रकुमार मुंगेली में , महिला एवं बाल विकास मंत्री  अनिला भेंड़िया कांकेर जिला मुख्यालय में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में ध्वजारोहण करने के पश्चात मुख्यमंत्री का प्रदेश की जनता के नाम संदेश का वाचन करेंगे।
 इसी प्रकार संसदीय सचिव यू.डी. मिंज बलरामपुर में,  विकास उपाध्याय बेमेतरा में, रेखचंद जैन सुकमा में,  इन्द्रशाह मंडावी दंतेवाड़ा में,  विनोद सेवनलाल चन्द्राकर धमतरी में,  चिन्तामणि महाराज जशपुर में,  द्वारिकाधीश यादव गरियाबंद में, शिशुपाल सोरी बीजापुर में,  पारसनाथ राजवाड़े गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में, सुश्री शकुंतला साहू सूरजपुर में,  गुरूदयाल सिंह बंजारे नारायणपुर में, डॉ.  रश्मि आशीष सिंह बालोद में एवं चन्द्रदेव प्रसाद राय जांजगीर-चांपा जिला मुख्यालय में आयोजित 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में ध्वजारोहण करने के बाद मुख्यमंत्री का प्रदेश की जनता के नाम संदेश का वाचन करेंगे।

रायपुर।  इंजीनियर के लिए अब बारहवीं में गणित लेकर पढ़ाई की जरूरत नहीं है। गणित के बगैर भी इंजीनियरिंग की पढ़ाई की जा सकती है। इंजीनियरिंग के लिए गणित की अनिवार्यता एक तरह से खत्म कर दी गई है। अब बायो पढ़ने वाले छात्र भी इंजीनियर बन सकेंगे। इस बार राज्य के इंजीनियरिंग कॉलेज में नए नियम से ही प्रवेश होगा। नए नियम ने बिजनेस स्टडीज समेत अन्य विषयों की पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए भी इंजीनियरिंग के रास्ते खोल दिए हैं।

अभी तक इंजीनियरिंग के लिए मैथ यानी गणित व फिजिक्स विषय की पढ़ाई अनिवार्य थी। इस सत्र से मैथ व फिजिक्स इंजीनियरिंग के अनिवार्य विषय में शामिल नहीं हैं। विकल्प के तौर पर छात्र भले ही इन विषयों को चुन सकते हैं। अफसरों का कहना है कि इंजीनियरिंग में प्रवेश को लेकर अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) ने नया नियम लागू किया है।

इस साल प्रवेश उसी नए नियम से किया जा रहा है। शिक्षाविदों का कहना है कि नए नियम से प्रवेश होने से इंजीनियरिंग के प्रति छात्रों का रुझान बढ़ेगा। पिछले कुछ वर्षों में इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश कम हुए हैं। इस वजह से सैकड़ों सीटें खाली रह जाती हैं। नए नियम के बाद कॉलेजों में छात्रों की संख्या बढ़ने की उम्मीद की जा रही है।

पिछली बार राज्य के 33 इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश दिए गए थे। इन कॉलेजों में 12021 सीटें थी। इसमें से 5454 सीटों में ही प्रवेश हुए। रायपुर, बिलासपुर व जगदलपुर के सरकारी कॉलेजों को छोड़कर प्रावइेट कॉलेजों में प्रवेश कम हुए थे। शिक्षा सत्र 2021-22 के लिए छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद टेक्नीकल यूनिवर्सिटी (सीएसवीटीयू) से इंजीनियरिंग कॉलेजों की लिस्ट तैयार की गई है। इसके अनुसार ही यह पता चलेगा कि इस बार राज्य के कितने इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश होगा।

इंजीनियरिंग में प्रवेश के लिए 14 विषय में से कोई तीन जरूरी रह गए हैं। पहले मैथ व फिजिक्स अनिवार्य विषय थे। शेष 12 विषयों में से कोई एक विषय जरूरी था। अब 14 विषय जिनमें भौतिकी, गणित, रसायन, कंप्यूटर साइंस, इलेक्ट्रॉनिक्स, इंफोर्मेशन टेक्नोलॉजी, बायोलॉजी, इंफॉर्मेटिक्स प्रेक्टिस, जैव प्रोद्योगिकी, तकनीकी व्यावसायिक विषय, एग्रीकल्चर, इंजीनियरिंग ग्राफिक्स, बिजनेस स्टडीज, एंटरप्रेन्योरशिप में से कोई तीन विषय के साथ बारहवीं की परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश ले सकते हैं।



कोतवाली थाना पुलिस ने बताया कि सदर बाजार स्थित श्री कृष्णा रिफाइनरी में करीब 5-6 महिलाएं भीख मांगने के बहाने आकर दुकान के गल्ले में रखें 3 किलोग्राम चांदी पर हाथ साफ कर दिया है. चोरी की पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई है. दुकान के मालिक अजित पाटिल की शिकायत पर अज्ञात महिला चोरों के खिलाफ धारा 454, 380, 34 के तहत एफआईआर दर्ज कर जांच की जा रही है. पुलिस की टीम रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड समेत कई जगहों पर मुखबिर को तैनात कर दी है. आस-पास भीख मांगने वाले संदिग्ध लोगों की तलाशी लेकर पूछताछ भी की जा रही है.

बता दें कि माहभर पहले ही सदर बाजार के नहाटा मार्केट में भी करोड़ों की नकबजनी हुई थी. जिसके बाद पुलिस लगातार सराफा कारोबारियों से नौकरों की लिस्ट मांग रही थी. लेकिन कारोबारियों की लापरवाही से अब तक पुलिस को नौकरों की लिस्ट नहीं मिल सकी. सराफा कारोबारी सस्ती दरों की लालच में आकर नौकर रखकर विश्वास जीतकर घर और दुकान की चाभी दे देते है. साथ ही दुकानों के अंदर बने लॉकरों को खुला छोड़कर पड़ोस की दुकानों में घंटों बैठकर समय बिताते है. जिससे चोरों के सक्रिय गिरोह को हाथ साफ करने का मौका मिल जाता है.


संगठित प्रयास से अनेक समस्याओं को सुलझाया जा सकता है कृषि प्रधान देश में किसानों की स्थिति निरंतर पतन की ओर जा रहा है. अब सभी गांव के अनुभवी एवं बुजुर्ग बुद्धिजीवी किसानों ने इस विषय पर अहम चर्चा तथा समाधान के प्रयास एवं किसानों को जागरूक करने का बीड़ा उठा लिए हैं, जिसे पूरे क्षेत्र के किसानों का व्यापक समर्थन मिल रहा है.

किसान नेता पारसनाथ साहू ने कहा कि आयोजन समिति से प्राप्त जानकारी के अनुसार लावारिस पशुओं से होने वाले नुकसान को सामूहिक रूप से कैसे रोके, मौसम की बेरुखी से सूखे पर चर्चा, किसानों का पूरा पूरा धान बिक्री हो, साथ ही मजदूर किसान परिवार के बच्चे तथा सभी विद्यार्थियों के पढ़ाई बर्बाद हो रही है इस प्रकार किसान परिवार से संबंधित सभी विषयों पर सार्थक व निर्णायक चर्चा होगी। 20 गांव के किसानों की आयोजन समिति ने क्षेत्र व जिले के सभी किसान हितेषी बुद्धिजीवियों से आग्रह किया है इस अहम बैठक में सहर्ष भागीदारी निभाएं

रायपुर। राजधानी की सड़कों पर जानलेवा स्टंट का एक वीडियो सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहा है. वायरल वीडियो में एक एक्टिवा पर आधा दर्जन से अधिक सवार है, जिनमें अधिकतर नाबालिग है. जांच में पता चला कि वीडियो तेलीबांधा हाइवे की है. पुलिस ने वाहन चालक भक्तु यादव को नोटिस जारी किया है. ये पूरा मामला तेलीबांधा थाना क्षेत्र का है.


डीएसपी सतीश ठाकुर ने बताया कि सोशल मीडिया में वीडियो वायरल हुआ है. जिसमें तेलीबांधा चौक से पहले ओवरब्रिज की ओर से एक एक्टिवा में नाबालिग वाहन चालक अपने 8 नाबालिग साथियों को बैठाकर खतरनाक एवं लापरवाही पूर्वक वाहन चलाकर जा रहा था. पुलिस को सूचना मिलते ही चौक पर लगे आईटीएमएस कैमरे की मदद से पुलिस की एक टीम नाबालिग के घर पहुंचकर नोटिस जारी की है. नाबालिग वाहन चालक एवं उसके माता-पिता को थाना बुलाकर उसके खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई कर न्यायालय में पेश किया गया है. साथ ही अन्य साथियों के परिजनों को समझाइश भी दी गई है. यातायात पुलिस को आईटीएमएस एवं सोशल मीडिया के माध्यम से जो भी शिकायत प्राप्त होती है. उस पर चालान पेशकर त्वरित कार्रवाई की जा रही है. मामले में मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई हुई है, कोर्ट में पेश भी किए है.

रायपुर. छत्तीसगढ़ की पुरातन परम्पराओं को सहेजने के साथ-साथ आय सृजित करने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल के कुशल नेतृत्व में सुराजी गांव योजना के तहत नरवा, गरवा, घुरवा, बाड़ी कार्यक्रम का आगाज किया। इसी तरह 20 जुलाई 2020 से गोधन न्याय योजना का शुभारम्भ किया गया, जिसके माध्यम से समूहों को गौठानों से जोड़कर वर्मी खाद एवं जैविक खाद के अलावा बहुआयामी सृजनात्मक कार्यों एवं गतिविधियों को अंजाम देने का कार्य किया जा रहा है। धमतरी जिले के नगरी विकासखण्ड के ग्राम छिपली में ऐसा ही एक गौठान है जिससे जुड़कर महिलाओं ने न सिर्फ वर्मी खाद उत्पादित किया, अपितु सब्जी उत्पादन, दलहन, जैविक कीटनाशक दवाई सहित कुक्कुट उत्पादन करके अब तक लगभग दो लाख की आय अर्जित कर ली, जो कि अपने आप में एक मिसाल है।

नगरी के ग्राम छिपली में स्वावलम्बी महिला स्वसहायता समूह की महिलाएं न सिर्फ वर्मी कम्पोस्ट का उत्पादन ही नहीं कर रही हैं, बल्कि गोबर से निर्मित राखियां, दीए, लक्ष्मी चरणपादुका, गणेश जी की मूर्ति सहित ओम व स्वास्तिक की प्रतीकात्मक आकृति वाली आकर्षक सामग्रियां बनाई हैं। स्वावलम्बी महिला स्वसहायता समूह की अध्यक्ष दुर्गेशनंदिनी साहू ने बताया कि गोधन न्याय योजना के तहत शासन द्वारा ग्राम छिपली में 14 एकड़ में गौठान तैयार किया गया है। यहां पर उनके समूह की 10 महिलाएं मिलकर वर्मी खाद का उत्पादन किया। इन दोनों समूहों के द्वारा अब तक 50 हजार रूपए की वर्मी खाद, 50 हजार रूपए के गोबर से निर्मित उत्पाद तथा 98 हजार रूपए की सब्जीवर्गीय फसलें लेकर कुल एक लाख 98 हजार रूपए का मुनाफा कमाया। उन्होंने बताया कि कृषि विभाग के मार्गदर्शन में योजना की शुरूआत से अब तक उक्त समूह ने लगभग 25 हजार किलो की वर्मी खाद तैयार कर उसका विक्रय किया। वर्मी खाद से अर्जित आय का उपयोग करते हुए समूह की महिलाओं ने बहुआयामी उत्पादों को अंजाम देने के लिए विभिन्न प्रकार के प्रशिक्षण प्राप्त कर गत वर्ष गोबर से निर्मित राखियां, देवताओं की मूर्ति और प्रतीक चिन्ह तैयार कर विक्रय किया जाता है।

समूह की सचिव  ग्वालिन बाई यादव ने बताया कि इसके अलावा गौठान के तीन एकड़ रकबे में समूह के द्वारा भिण्डी, गवारफल्ली, बैंगन, टमाटर, कद्दू, गल्का सहित धनिया का उत्पादन कर विक्रय किया गया। इसी प्रकार समूह की महिलाओं ने प्रशिक्षण लेकर कुक्कुट पालन करते हुए पोल्ट्री फॉर्म बनाया। साथ ही वर्तमान में कंदवर्गीय सब्जियां जैसे जिमी कंद, हल्दी के साथ इंटरक्रॉपिंग अरहर व धनिया का उत्पादन लिया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि भविष्य में डेयरी उत्पाद की भी योजना समूह ने बनाई है तथा बिना मध्यस्थता के सीधे तौर पर लोगों को सब्जी बेचने पर विचार किया जा रहा है जिससे कम कीमत पर सब्जियां उपलब्ध हो सके तथा समूह को इसका प्रत्यक्ष लाभ मिल सके।


रायपुर। छत्तीसगढ़ विद्युत संविदा कर्मचारी संघ तीन सूत्रीय मांग को लेकर रायपुर के डंगनिया स्थित विद्युत ऑफिस के समक्ष प्रदर्शन कर रहे है. विद्युतकर्मियों की मांग है कि विद्युत कंपनी में कार्यरत सभी संविदा कर्मियों का नियमितीकरण किया जाए. विद्युत दुर्घटनाओं में दिवंगत हुए संविदा कर्मियों को उचित मुआवजा और उनके स्वजनों को अनुकंपा नियुक्ति दी जाए. विद्युत संविदा कर्मी जो विद्युत दुर्घटनाओं में स्थायी और अस्थायी अपंगता का शिकार हो चुके हैं, उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए.

वहीं पूरे प्रदेशभर में विद्युत संविदा के 2500 कर्मी कार्यरत है. अपनी मांगों को लेकर विद्युत संविदा कर्मचारी संघ के प्रियेश साहू ने कहा कि विद्युत विभाग में 2 साल काम करने के बाद संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण किया जाता रहा है लेकिन इस बार हमारा नियमितीकरण नहीं किया जा रहा. काम के दौरान लगभग 20 से 25 लोगों की दुर्घटना से जान जा चुकी है. 60 से 70 लोग घायल भी हो चुके हैं, जो स्थाई रूप से अपंगता का शिकार हो चुके हैं. उन्हें मुआवजा दिया जाए, और सभी संविदा कर्मियों का नियमितीकरण किया जाए.

पूरब टाइम्स, रायपुर . इन दिनों नया रायपुर डेवेलपमेंट अथॉरिटी (एनआरडीए) के विरोध में स्थानीय ग्रामीणों का रोष उफान पर है  बताजा रहा है कि जिस उद्देश्य के साथ एनआरडीए का गठन किया गया था उसमें वह पूरी तरह फेल हो गया है. ना तो ग्रामीणों के व्यवस्थापन के अपने कमिटमेंट को पूरा कर पाया है और ना ही डेवेलपमेंट प्लान को यथासमय समप्त कर पाया है . अब यहां किसी बिल्डर की तरह केवल व्यापारिक लाभ के लिये प्लानिंग की जाती है . ग्रामीणों से औने पौने में खरीदी गई ज़मीनों को लाखों-करोड़ों रुपये में बेचा जाता है . बताया यह जाता है कि डेवेलपमेंट चार्ज जोड़ने से उस ज़मीन की कीमत बढ़ गई है पर प्रति वर्गफीट कितना डेवेलपमेंट चार्ज जोड़ा जा सकता है ? यह बताने से विभाग के अधिकारी आनाकानी करते हैं . फिर अविधिक तरह से कार्य व्यवहार जिसमें पिछले कई सालों से लेखा संपरिक्षक से ऑडिट ना कराना ,  करोड़ो के घपले पर पर्दा डालने का तारीक़ा भी हो सकता है . जन आक्रोष इतना ज़्यादा बढ़ रहा है कि यह प्रदेश की कांग्रेस सरकार के गले की हड्डी बन सकता हई . पूरब टाइम्स की रिपोर्ट...

पूरब टाइम्स राजनांदगांव । मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल की रेडियो वार्ता लोकवाणी की 20वीं कड़ी को आज राजनांदगांव नगर निगम तथा जिले के सभी विकासखंडों में नागरिकों ने तन्मयतापूर्वक  सुना। मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने लोकवाणी में आदिवासी अंचलों की अपेक्षाएं और विकास विषय पर बात की। इस दौरान उन्होंने प्रदेशवासियों को पारम्परिक हरेली तिहार की बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि ढाई वर्षों में प्रदेश में विभिन्न क्षेत्रों के विकास के लिए 29 नई तहसीले और 4 नए अनुविभाग गठित किए गए हंै। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में 139 वनधन विकास केन्द्र स्थापित किए गए है, जिनमें से 50 केन्द्रों में वनोपजों का प्रसंस्करण भी हो रहा है। इस कार्य में लगभग 18 हजार लोगों को रोजगार मिला है। छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ द्वारा छत्तीसगढ़ हर्बल ब्रांड के नाम से 121 उत्पादों की मार्केटिंग की जा रही है। 

भारत सरकार की संस्था ट्रायफेड द्वारा 6 अगस्त को छत्तीसगढ़ को लघु वनोपज की खरीदी तथा इससे संबंधित अन्य व्यवस्थाओं के लिए 11 राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किए गए। यह हमारे आदिवासी अंचलों के साथ पूरे प्रदेश के लिए भी गौरव का विषय है। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि आदिवासी अंचलों में स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार सबसे बड़ी जरूरत है। इस दिशा में प्राथमिकता से काम शुरू किया गया है। स्वास्थ्य सुविधाओं की जरूरतों को  डीएमएफ  मद से पूरी करने के लिए आवश्यक नियम बनाए गए हैं। सीएसआर और अन्य मदों की राशि भी इन्हीं प्राथमिकताओं के लिए खर्च करने की रणनीति अपनाई है। राज्य के सुदूर अंचल में ग्रामीणों को सहजता से स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने हमने मुख्यमंत्री हाट-बाजार क्लीनिक योजना शुरू की है। इससे अब दूरस्थ अंचलों में रहने वाले आदिवासियों का उपचार हाट-बाजारों में होने लगा है। इसका लाभ 11 लाख से अधिक लोगों को मिल चुका है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में पांच वर्ष से कम उम्र के 37.7 प्रतिशत बच्चे कुपोषण के शिकार थे और 15 से 49 वर्ष तक की 47 प्रतिशत महिलाएं एनीमिया अर्थात खून की कमी से ग्रस्त थीं। इसे ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान प्रारंभ किया गया, जिसमें डीएमएफ और जनभागीदारी के योगदान को बढ़ावा दिया। योजना के माध्यम से बच्चों को दूध, अण्डा, स्थानीय प्रचलन के अनुसार पौष्टिक आहार दिए गए, जिसके कारण कुपोषण और एनीमिया की दर में तेजी से कमी आ रही है।

मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि कोरोना काल में पढ़ाई तुंहर पारा अभियान के तहत लाखों बच्चों को उनके गांव-घर-मोहल्लों में खुले स्थानों पर शिक्षा दी गई। प्रारंभिक कक्षाओं में बच्चों को मातृभाषा में समझाना अधिक आसान होता है, इसलिए 20 स्थानीय बोली-भाषाओं में पुस्तकें छपवाई गई, जिसका लाभ आदिवासी अंचलों में बच्चों को मिला। बीस साल बाद प्रदेश में 14 हजार 580 शिक्षक-शिक्षिकाओं की नियुक्ति आदेश दिए गए हैं। इससे आदिवासी अंचलों में भी शिक्षकों की कमी स्थायी रूप से दूर होगी। मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल की रेडियो वार्ता लोकवाणी को नगर पालिक निगम राजनांदगांव के सभाकक्ष में जनप्रतिनिधियों ने सुना। इस अवसर पर महापौर  हेमा देशमुख, अध्यक्ष नगर पालिक निगम  हरिनारायण धकेता एवं विनय झा,  गणेश पवार,  मधुकर बंजारी,  कुलबरी छाबड़ा, पूर्णिमा नागदेवे,  सरिता प्रजापति, सिद्धार्थ डोंगरे,  हेतु सोनी,  भामराज अग्रवाी,  एजाजुर रहमान,  संगीता बंजारे,  भागचंद साहू,  किशन खण्डेलवाल,  सुदेश सिंह, अशोक चौबे,  अंकालूराम साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

रायपुर। केंद्र सरकार ने राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार का नाम बदलकर मेजर ध्यानचंद के नाम पर कर दिया है। नाम परिवर्तन पर विवाद जारी है। आज छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, पुरस्कार से राजीव गांधी का नाम हटाना क्षुुद्र मानसिकता है। केंद्र सरकार को मेजर ध्यानचंद के नाम पर कुछ बड़ी घोषणा करनी चाहिए थी।


प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा, जिस व्यक्ति ने देश की एकता-अखंडता के लिये अपना जीवन बलिदान किया हो उन महान राजीव गांधी के नाम से दिये जाने वाले खेल रत्न का नाम बदलना प्रधानमंत्री मोदी और उनकी सरकार की क्षुद्रता है। जिनके किसी भी नेता ने देश की आजादी से लेकर उसके नवनिर्माण तक में उंगली भी न कटाई हो ऐसे दल के नेता बलिदान और शहादत का अर्थ क्या समझेंगे। शुक्ला ने कहा, भाजपा जान ले किसी की लाइन मिटाने से उनकी अथवा उनके दल की लाइन लम्बी नहीं होने वाली। कांग्रेस और गांधी परिवार ने देश सेवा की इतनी लम्बी लकीर अपने खून से देश के लोगों के दिलो-दिमाग मे खींची है जिसे भाजपा के लोग कितनी भी कोशिश कर लें मिटा नहीं सकते।

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता संजय श्रीवास्तव ने कहा, प्रदेश में कांग्रेस सरकार आने के बाद पूर्ववर्ती भाजपा सरकार द्वारा पं. दीनदयाल उपाध्याय के नाम पर शुरू की गईं योजनाओं के नाम रातों-रात बदलने वालों ने तब क्यों नहीं सोचा। कांग्रेस को तब शर्म क्यों नहीं आई जब पं. दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि के दिन ही उनके नाम पर चल रही पांच योजनाओं का नाम बदल दिया गया था! संजय श्रीवास्तव ने कहा कि तब कांग्रेस के लोगों की समझ को काठ क्यों मार गया था और क्यों नहीं उन्हें यह सूझा कि प्रदेश सरकार अपने खानदान की चरण-वंदना में उनके नाम पर नई योजना शुरू कर ले।

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी राष्ट्रीय स्वास्थ्य स्वयंसेवक अभियान की शुरुआत कर रही है. इसके लिए एक-एक गांव में दो हेल्थ वॉलिंटियर तैयार किए जाएंगे. इस तरह से दो लाख गांव में चार लाख हेल्थ वॉलिंटियर्स तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है. इस बात की जानकारी छत्तीसगढ़ भाजपा प्रभारी डी पुरंदेश्वरी ने कोविड की तीसरी लहर के लिए बीजेपी की तैयारियों को लेकर कही.

छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य स्वयं सेवकों के लिए कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है. इसमें भाजपा प्रदेश प्रभारी डी पुरंदेश्वरी , प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय, प्रदेश महामंत्री भूपेंद्र सवन्नी , किरण देव, नारायण चंदेल की मौजूदगी में कोविड महामारी से बचाव के लिए अभियान की जरूरत बताते हुए स्वास्थ्य स्वयं सेवकों से गांव जाने का आह्वान किया गया. गोवा और कोलकाता के बाद रायपुर में बीजेपी प्रदेश मुख्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में कार्यशाला हो रही है.

इस अवसर पर डी पुरंदेश्वरी ने मीडिया ले चर्चा में बताया कि मेरे साथ तीनों सहयोगी हैं, जो अन्य प्रदेशों में जा रहे हैं. यह ट्रेनिंग प्रोग्राम कार्यकर्ताओं के लिए है. कार्यकर्ता पहले से ही सेवा के कार्यक्रम में लगे हुए थे. सेवा को जारी रखने के लिए अभियान चलाया जा रहा है. उन्होंने बताया कि हेल्थ वॉलिंटियर्स गांव-गांव तक जाएंगे. एक-एक गांव में दो हेल्थ वॉलिंटियर यानी दो लाख गांव में चार लाख हेल्थ वॉलिंटियर्स का लक्ष्य रखा गया है. जो लक्ष्य में दिया गया है यह हम उसे पूरा करेंगे. हमने बहुत सारे साथी कोरोना में खोये. कोई फिर भी हम सेवा कार्य में जुड़े.

अभियान पर कांग्रेस के सवाल उठाए जाने पर उन्होंने कहा कि हम कांग्रेस पार्टी से पूछ रहे हैं कि वह कहां थी, जब पहली और दूसरी लहर आयी. भारतीय जनता पार्टी जमीन पर दिख रही थी. सूखा राशन, पके हुए भोजन और जूते तक बांटे गये. कांग्रेस को कहा कि हम पूछना चाहते हैं वह कहां थी, वह जमीन पर नहीं थी, जवाब उनको देना होगा. वहीं कांग्रेस में चल रहे विवाद को लेकर कहा उन्होंने कहा कि बार-बार हम पर उंगली उठाते हैं. हम पर एक उंगली उठाते हैं, तब तीन उंगली उन पर रूकती है.