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जिसे सब छुपाते है उसे हम छापते है




कलेक्टर सुनील कुमार जैन ने योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए स्वास्थ्य और महिला एवं बाल विकास विभाग को आपसी तालमेल एवं मिल जुलकर काम करने को कहा है. उन्होंने कहा कि महिलाओं एवं बच्चों को सुपोषित एवं स्वस्थ बनाये रखना दोनों विभाग की संयुक्त जिम्मेदारी है. लिहाजा ग्रामीण स्तर पर आपसी समन्वय के साथ काम करने की सख्त जरूरत है. कलेक्टर ने आज जिला पंचायत के सभाकक्ष में महिला एवं बाल विकास विभाग एवं स्वास्थ्य विभाग के काम-काज की समीक्षा के लिए आयोजित बैठक को सम्बोधित कर रहे थे। 


उन्होंने दो पालियों में दोनों विभाग के जिलास्तरीय, विकासखण्ड एवं सेक्टर स्तर के अधिकारियों की बैठक में योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की है. बैठक में जिला पंचायत सीईओ डाॅ. फरिहा आलम सिद्धिकी, संयुक्त कलेक्टर एवं स्वास्थ्य विभाग के प्रभारी टेकचन्द्र अग्रवाल, सीएमएचओ डाॅ.खेमराज सोनवानी, जिला कार्यक्रम अधिकारी एल.आर.कच्छप, सिविल सर्जन डाॅ.राजेश अवस्थी उपस्थित थे। 

कलेक्टर जैन ने कहा कि ग्रामीण महिलाओं में कुपोषण एक बड़ी समस्या है. इसे दूर करना हमारी जिम्मेदारी है. उन्होंने अगले दो महीने में इसका विस्तृत सर्वे कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने कहा है. रिपोर्ट में इसे दूर करने के लिए प्रभावी डाईट चार्ट भी सुझाएं ताकि मुख्यमंत्री सुपोषण चैपाल के जरिये उन्हें सुपोषित किया जा सके. पहले चरण में अभियान के अंतर्गत अच्छे परिणाम आए है। 

कलेक्टर ने कहा कि कुपोषण के विरूद्ध चैतरफा हमले की जरूरत है. जिला पुनर्वास केन्द्र (एनआरसी) का भी भरपूर उपयोग किया जाएगा. कोरोना काल में ये केन्द्र अधिकांश खाली हो गई थी. फिलहाल पलारी एवं कसडोल में एनआरसी केन्द्र संचालित हैं. दोनों केन्द्र मिलाकर मात्र 20 बेड की सुविधा है. कलेक्टर ने प्रत्येक विकासखण्ड के लिए अलग से एनआरसी केन्द्र खोलने के लिए प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजने के निर्देश दिए. अधिकारियों ने बताया कि जिले में फिलहाल 5 हजार 852 बच्चे गंभीर रूप से कुपोषित पाये गए है। 

बैठक में जिला कार्यक्रम अधिकारी एल.आर कच्छप ने बताया कि 289 आंगनबाड़ी केन्द्रों के लिए शौचालय निर्माण की स्वीकृति मिली है. प्रति शौचालय 30 हजार रूपये की राशि स्वीकृत की गई है. ग्राम पंचायत के जरिये इनका निर्माण कराया जाएगा. कलेक्टर ने कहा कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के अंतर्गत प्रथम प्रसव पर महिलाओं को तीन किश्तों में 5 हजार रूपये की राशि प्रदान की जाती है. मुख्य रूप से यह शिशुवती माताओं के संतुलित भोजन के लिए होता है. उन्होंने कहा कि मैदानी कार्यकर्ता एवं मितानीन देखें कि इनका सही इस्तेमाल होने चाहिए.

उन्होंने सेक्टर एवं ग्रामीण स्तर तक स्वास्थ्य एवं महिला बाल विकास विभाग के योजनाओं की गहन समीक्षा की. बेहतर काम करने वाले कर्मचारियों को शाबाशी देने के साथ लापरवाह किस्म के कर्मचारियों को फटकार भी लगाई. उन्होंने लापरवाह किस्म के अधिकारी-कर्मचारियों को 15 दिवस में अपने काम में सुधार लाने की सख्त हिदायत भी दी. कलेक्टर ने गर्भवती माताओं के शतप्रतिशत पंजीयन एवं संस्थागत प्रसव पर जोर दिया. मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि जिले में 2 लाख से ज्यादा कोरोना की जांच हो चुकी है. इनमें 9845 पाॅजीटिव प्रकरण सामने आये है। 

रायपुर। छत्तीसगढ़ में पिछले 10 महीने में 141 किसानों ने आत्महत्या की है। विधानसभा में आज विपक्ष के नेता धरमलाल कौशिक ने राज्य में पिछले साल अप्रैल से इस वर्ष एक फरवरी तक किसानों की आत्महत्या और इसके कारणों को लेकर सवाल किया। जिसके जवाब में छत्तीसगढ़ के कृषि मंत्री रविंद्र चौबे ने बताया कि राज्य में पिछले 10 महीने में 141 किसानों ने आत्महत्या की है।

कृषि मंत्री रवींद्र चौबे के जवाब के बाद भाजपा ने प्रत्येक मामले की जांच करने और मृतक किसानों के परिजनों को मुआवजा देने की मांग की। चौबे ने बताया कि कोंडागांव जिले के किसान धनीराम मरकाम की आत्महत्या के प्रकरण में अभिलेख दुरूस्ती और फसल गिरादावरी में त्रुटि पाए जाने पर पटवारी डोंगर नाग को निलंबित किया गया है। मंत्री के जवाब के बाद कौशिक ने कहा पिछले 10 महीनों के दौरान बड़ी संख्या में किसानों ने आत्महत्या की है और मंत्री बता रहे हैं कि केवल एक ही प्रकरण में पटवारी को निलंबित किया गया है।

उन्होंने कहा कि किसान आत्महत्या के सभी प्रकरणों की जांच होनी चाहिए तथा जांच के बाद मृतकों के परिजन को मुआवजा देना चाहिए। मंत्री चौबे ने कहा कि किसानों की आत्महत्या राजनीति करने का विषय नहीं है, लेकिन दुर्भाग्य है कि भाजपा इस मामले में राजनीति करना चाहती है। उन्होंने कहा कि राज्य में भाजपा के शासन के दौरान भी किसानों ने आत्महत्या की है लेकिन तब भी ऐसे मामलों में मुआवजा देने के बारे में नहीं सोचा गया। 

इस दौरान कांग्रेस के विधायकों ने पिछली सरकार के दौरान किसान आत्महत्या की घटनाओं का उल्लेख किया और कहा कि तब मृत किसानों के परिजनों को मुआवजा नहीं दिया गया था। इसके बाद किसान आत्महत्या को लेकर सरकार और विपक्षी दल के सदस्यों के बीच नोक- झोंक शुरू हो गई। वहीं, भाजपा ने मृत किसानों के परिजनों को मुआवजा देने की मांग की। बाद में सरकार के जवाब से असंतुष्ट भाजपा विधायकों ने सदन से बहिर्गमन किया।


रायपुर। छत्तीसगढ़ कोष, लेखा एवं पेंशन विभाग के संयुक्त संचालक राजेश श्रीवास्तव का शव नागपुर के एक लॉज में मिला है। सूचना मिलने के बाद पुलिस और परिजन नागपुर के लिए रवाना हो गये हैं। वे एक मार्च को नवा रायपुर स्थित संचालनालय इंद्रावती भवन परिसर से गायब हो गये थे। परिजनों का कहना है कि वे डिप्रेशन और शुगर के मरीज थे। पिछले 8 महीने से वेतन नहीं मिलने से परेशान रहते थे।

बताया जा रहा है कि नागपुर के सीताबर्डी थाना स्थित पूजा लॉज के 104 नंबर कमरे में राजेश श्रीवास्तव का शव मिला है। उन्होंने काफी देर तक दरवाजा नहीं खोला तो लॉज के कर्मचारियों ने दरवाजा खोलकर देखा। वे बिस्तर पर ही मृत पाये गये। लॉज प्रबंधन की सूचना पर पहुंची स्थानीय पुलिस ने मर्ग कायम पर शव की शिनाख्त के बाद पोस्टमार्टम कराया।

उनकी शिनाख्त के लिए उनकी मोबाइल और लॉज के रजिस्टर में दर्ज नाम-पते का इस्तेमाल किया गया। नागपुर पुलिस ने रायपुर पुलिस से संपर्क कर शव मिलने की जानकारी और यहां दर्ज गुमशुदगी का मामला साझा किया। संयुक्त संचालक की मौत कैसे हुई यह अभी पहेली बना हुआ है। पुलिस अब उनकी मौत की गुत्थी सुलझाने की कोशिश में है। इसके लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार होगा।

रायपुर। राजधानी के कुछ इलाकों में 4 मार्च जल आपूर्ति बाधित रहेगी । सुबह की नियमित सप्लाई के बाद बिजली बंद होने के कारण शाम को घरों तक पानी नहीं पहुंच पाएगा। नगर निगम रायपुर के जलकार्य विभाग अध्यक्ष सतनाम सिंह पनाग ने यह जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि विद्युत विभाग को ओर से 11 केव्ही लाइन के रावणभाठा उपकेन्द्र के फीडरों में गर्मी के पूर्व आवश्यक संधारण किया जाएगा। 

इसके कारण प्लांट से भरने वाली टंकिया बैरनबाजार, मोतीबाग, संजय नगर, देवेन्द्रनगर, महापौर निवास टैंक क्रमांक 4 के ओव्हरहेड टैंक से 4 मार्च को सुबह ही नियमित जलापूर्ति होगी। बिजली बंद होने के कारण जलागारो में जल का भराव न होने के कारण 4 मार्च को शाम पानी सप्लाई प्रभावित रहेगी। 5 मार्च को सुबह नियमित शुरू होगी। उन्होंने बताया कि शहर के अन्य जलागारों व पावरपंपों से सप्लाई यथावत रहेगी।

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के पुलिस अधिकारियों को आय से अधिक संपत्ति के मामले में हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। मुकेश गुप्ता और राजनेश सिंह समेत अन्य अधिकारियों ने आय से अधिक मामले पर दर्ज एफआईआर पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। जस्टिस सामंत की सिंगल बेंच ने यह आदेश जारी किया है।गौरतलब है कि जल संसाधन विभाग के ई.ई. के घर ईओडब्लू ने छापेमार कार्रवाई की थी।

रायपुर। सुप्रीम कोर्ट ने पदोन्नति मामले में यथास्थिति बरकरार रखने का आदेश दिया है। इस आदेश के बाद सर्वोच्च अदालत के अगले आदेश तक न ही किसी को पदोन्नति दी जा सकती है और न किसी को पदावनत किया जा सकता है। छत्तीसगढ़ बिजली कंपनी के कर्मचारी निरंजन कुमार ने पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट के सामने स्पेशल लीव पिटीशन लगाकर बिलासपुर उच्च न्यायालय के फरवरी 2019 में दिए फैसले को चुनौती दी थी। 

उस फैसले में उच्च न्यायालय ने छत्तीसगढ़ पदोन्नति नियम की धारा पांच को निरस्त कर दिया था।इस केस में सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव, पुलिस महानिदेशक समेत कई विभागों के प्रमुखों को पक्षकार बनाया गया है। सर्वोच्च न्यायालय का यह आदेश 12 फरवरी का है, लेकिन अब सामने आया है। संविधानिक मामलों के विशेषज्ञ बीके मनीष ने बताया, सर्वोच्च न्यायालय के दो जजों की बेंच ने पदोन्नति में आरक्षण मामले पर स्टेटस का (यथा-स्थिति) आदेश दिया है।




रायपुर। प्रदेश में अतिशेष धान की आज से ऑनलाइन नीलामी होगी। पहले सप्ताह में धमतरी, बिलासपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, जांजगीर-चांपा, मुंगेली, रायगढ़, बालोद, बेमेतरा, दुर्ग, कवर्धा, राजनांदगांव, बलौदा बाजार, गरियाबंद और महासमुंद के जिलों से नीलामी की शुरुआत होगी। 144 समितियों से 3 लाख 89 हजार मीट्रिक टन धान की नीलामी किया जाएगा। 


इसके तहत 8 मार्च को जिला परियोजना लाईवलीहुड कॉलेज जोरा रायपुर, 12 मार्च को औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान सड्डू रायपुर, 15 मार्च को औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान धरसीवां, 18 मार्च को औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान आरंग, 22 मार्च को औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान अभनपुर और 25 मार्च को औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान तिल्दा में रोजगार कौशल मेला का आयोजन किया जाएगा। 8 मार्च को आयोजित रोजगार सह कौशल मेला मुख्यतः महिलाओं के लिए रहेगा। अन्य रोजगार सह कौशल मेला में युवक और युवती दोनो शामिल होंगे। इन मेलों का आयोजन समय सुबह 11 बजे से 3 बजे तक रहेगा।

रायपुर। दंतेवाड़ा में पुलिस अभिरक्षा में हुई मौत का मामले में आज सदन में जमकर हंगामा हुआ। इस मामले में भाजपा ने स्थगन प्रस्ताव देकर चर्चा की मांग की। भाजपा विधायक शिवरतन शर्मा ने कहा कि ग्राम गुडसा की एक आदिवासी युवती पांडे कवासी की पुलिस अभिरक्षा में मौत हुई है। पुलिस ने नक्सली बताकर सरेंडर कराया था और बाद में उसकी अभिरक्षा में हत्या कर दी गई। वहीं भाजपा विधायक नारायण चंदेल ने कहा पूरे बस्तर क्षेत्र में ऐसी घटनाएं घटित हो रही है। आदिवासियों को प्रताड़ित किया जा रहा है।

भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने कहा– विधानसभा सत्र जब जब चलती है पुलिस अभिरक्षा में मौत होती है। सरकार किसी मामले में जांच कराने से भागती है। जो नक्सली नहीं है उसे भी जबरदस्ती सरेंडर किया गया। सुबह से शाम तक पिता को मिलने नहीं दिया जाता और शाम को बता दिया जाता है कि बेटी ने आत्महत्या कर ली। भाजपा विधायक सौरभ सिंह ने कहा -पूरे बस्तर में नक्सलियों को सरेंडर करने का फर्जी खेल चल रहा है। यह मानवाधिकार का हनन है। भाजपा विधायक रजनीश सिंह ने कहा – प्रदेश में लगातार कानून व्यवस्था बिगड़ रही है। दंतेवाड़ा जैसी घटनाओं को अंजाम देकर जस्टिफाई करने की कोशिश की जाती है।

रायपुर।छत्तीसगढ़ में डीजल और पेट्रोल पर वैल्यू एडेड टैक्स (वैट) कम करने का सरकार का फिलहाल कोई इरादा नहीं है। सरकार के वरिष्ठ मंत्री रविंद्र चौबे का कहना है कि राज्य को पहले ही राजस्व की प्राप्तियों में नुकसान उठाना पड़ रहा है। इस वजह से पेट्रोल-डीजल पर वैट को लेकर पुनर्विचार की संभावना नहीं है।

देश में पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच कुछ राज्यों ने वैट कम करके लोगों को राहत देने की कोशिश की है। छत्तीसगढ़ में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 25 फीसद वैट शामिल है। राज्य में 2018 में पेट्रोल-डीजल पर लगने वाले वैट पर चार फीसद की रियायत दी गई थी। यह राहत लोगों को करीब एक वर्ष तक मिलती रही।

मंगलवार को पत्रकारों से चर्चा करते हुए कैबिनेट मंत्री रविंद्र चौबे ने धान के मुद्दे पर केंद्र सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि सैद्धांतिक सहमति के बाद भी केंद्र सरकार ने राज्य से लिए जाने वाले चावल के कोटे में कटौती कर दी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार खुले बाजार में धान बेच सकती है। सरकार ने इस वर्ष के सरप्लस धान की नीलामी का फैसला किया है।

रायपुर।  किसान आंदोलन के समर्थन में रेल रोको अभियान गुरुवार को चलाया जाएगा। संयुक्त किसान मोर्चा की अपील पर देशभर में रेल रोको आंदोलन किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के निकट किसान क्रांति भूमि आरंग रेलवे स्टेशन पर प्रदर्शन करेगी। रेल का परिचालन रोकने का दावा किया जा रहा है।

किसान नेताओं ने तैयारी भी कर ली है। रेलवे स्‍टेशन ओवरब्रिज के नीचे किसानों की सभा होगी। किसान नेता कानून, समर्थन मूल्य, केंद्र सरकार की नीयत पर अपनी बातें रखेंगे। किसानों का कहना है कि रेल रोको आंदोलन पूरी तरह से शांतिपूर्ण रहेगा। प्रदर्शन के दौरान केंद्र सरकार का पुतला जलाया जाएगा।

छत्तीसगढ़ किसान मजदूर महासंघ भी प्रदर्शन में शामिल होगा। मुख्य प्रदर्शन में तिल्दा क्षेत्र से राजू शर्मा किसानों के साथ पहुंचेंगे। इसी तरह धमतरी से शत्रुधन साहू, गरियाबंद जिला से मदन साहू, महासमुंद से जागेश्वर जुगनू चंद्राकर, नया रायपुर से रूपन चंद्राकर जुलूस की शक्‍ल में शामिल होंगे। जिला पंचायत, जनपद पंचायत एवं ग्राम पंचायत के अनेक पदाधिकारी पंच, सरपंचों से भी संपर्क किया गया है। खास यह कि आंदोलनकारियों के लिए लंगर की व्यवस्था की गई है। किसान नेता पारसनाथ साहू का कहना है कि किसानों के हित में इस ऐतिहासिक प्रदर्शन को सफल बनाया जाएगा।

बिलासपुर। विश्वाधारंम रक्त मित्र बिलासपुर के द्वारा पुलवामा हमले में शहीद हुए जवानों की स्मृति में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया था। राजधानी के 26 युवक-युवतियों ने रक्तदान कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। शिविर में महिलाओं भी बढ चढकर भाग लिया। शिविर में मुख्य अतिथि के रूप में भूत पूर्व सैनिक राधेश्याम साहू शामिल हुए। युवाओं का आत्मविश्वास बढाने खुद भी रक्तदान किया। 

तीन मातृशक्ति ने भी रक्तदान कर अपना श्रद्धा सुमन अर्पित किया। संस्था के संस्थापक चंद्रकांत साहू ने इस अवसर पर कहा कि यदि हम सेना में जाकर देश की रक्षा नही कर सकते तो, देश के अंदर रहकर समाज की रक्षा करने रक्तदान कर अपना देश भक्ति दिखा सकते है। रक्तमित्र के संस्थापक रूपेश शुक्ला ने कहा कि विगत दो वर्षों से जरूरतमंदों को रक्त मुहैया कराया जा रहा है। 

कार्यक्रम में संयोजक रोशन साहू ने कहा कि कश्‍मीर के पुलवामा में दो साल पहले 14 फरवरी 2019 को आतंकवादी हमला हुआ, जिसमें केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के 44 जवान शहीद हो गए थे। पुलवामा हमले की दूसरी बरसी पर पूरा देश शहीद जवानों को याद कर रहा है। विश्वाधारंभ रक्तमित्र ने रक्तदान शिविर का आयोजन कर शहीद जवानों के श्रद्धांजलि अर्पित की। जिसका समापन आज सुबह हुआ। दो दिनों में कुल 26 लोगो ने स्वैच्छिक रक्तदान किया। इस अवसर पर संस्था की ओर से चुन्नी मौर्य, रंजीता दास, पप्पू मेहरा, जितेंद्र साहू, हेमन्त साहू आदि उपस्थित थे।

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज सवेरे यहां जैनम मानस भवन में आयोजित आचार्य महाश्रमण मर्यादा महोत्सव में शामिल हुए। उन्होंने महोत्सव में अहिंसा यात्रा के प्रणेता आचार्य श्री महाश्रमण जी के दर्शन कर उनसे प्रदेश में शांति, समृद्धि और खुशहाली का आशीर्वाद ग्रहण किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि यह हमारा परम सौभाग्य है कि आचार्य श्री महाश्रमण जी के चरण छत्तीसगढ़ की धरती पर पड़े। 

उन्होंने आचार्य महाश्रमण सहित अहिंसा यात्रा में उनके साथ आए साधु और साध्वियों का छत्तीसगढ़ की जनता की ओर स्वागत करते हुए कहा कि आचार्य जी अपनी इस यात्रा के दौरान सद्भावना, नैतिकता और नशामुक्ति का संदेश दे रहे हैं। आचार्य जी ने नेपाल, भूटान और भारत के 19 राज्यों की यात्रा करते हुए छत्तीसगढ़ की धरती पर कदम रखा है। आचार्य जी ने अपने जीवन में 50 हजार किलोमीटर की पद यात्रा पूरी की है। 

सीएम बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ को सदैव आचार्य महाश्रमण जी जैसे महात्माओं ने संस्कारित किया है। छत्तीसगढ़ की संस्कृति में परस्पर समन्वय, सद्भाव और भाईचारे की भावना विद्यमान रही है। यहां का समाज शांति और अहिंसा का पक्षधर रहा है। आपके संदेश हमें सचेत करते रहेंगे कि बदलते हुए परिवेश में हमें अपने सदगुणों को और भी अधिक मजबूती के साथ धारण करना होगा। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ शांति का टापू कहलाता है। लेकिन विगत कुछ वर्षाें से हमारे यहां नक्सल घटनाएं घटित हुई है। आचार्य श्री महाश्रमण जी ने बस्तर से प्रवेश कर रायपुर तक लम्बी यात्रा कर शांति और सद्भाव का संदेश दिया। इन संदेशों और आचार्य जी के व्यक्तित्व का प्रभाव लोगों पर भी पड़ेगा और वे शांति के मार्ग पर लौटेंगे।



पूरब टाइम्स,राजनांदगांव। कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा ने आज नगर पालिका निगम राजनांदगांव द्वारा आयोजित पुष्प महोत्सव 2021 का आनंद वाटिका में शुभारंभ किया गया। अपने उद्बोधन में कलेक्टर वर्मा ने कहा कि शहर के आनंद वाटिका में आयोजित यह दो दिवसीय पुष्प महोत्सव विशेष है। यहां विभिन्न विभागों के स्टॉल तथा महिला स्वसहायता समूह स्टॉल लगाए गए हैं। लोग स्वास्थ्य के प्रति जागरूक हुए हैं और योग के प्रति भी चेतना बढ़ी है। शहर में उद्यान की संख्या बढ़ी है। उन्होंने कहा कि शहर में केवल सड़क और कांक्रीट के भवन होना ठीक नहीं है, बल्कि प्रकृति के प्रति झुकाव होना चाहिए। नगर निगम आयुक्त चंद्रकांत कौशिक ने शहर के विभिन्न स्थानों में पौधरोपण करवाएं है, जिसका असर अब दिखने लगा है।@GI@

आज यहां फूल से बने पशु-पक्षी लोगों के आकर्षण का केन्द्र है। यहां सभी लोग सेल्फी ले रहे है। उन्होंने कहा कि किसानों को फूलों की खेती करने के लिए प्रोत्साहित करने की जरूर है। बहुत से शासकीय योजनाओं के तहत किसान गेंदे, रजनीगंधा एवं गुलाब की खेती कर सकते हैं, जिससे उनके आय में बढ़ोत्तरी होगी। जिले में उन्नत कृषक है और उन्हें फूलों की खेती करने के लिए प्रोत्साहित करने की जरूरत है। पुलिस अधीक्षक डी श्रवण ने कहा कि सुंदर फूलों को देखकर खुशी होती है और आज यहां नगर निगम आयुक्त ने आनंद वाटिका में रूचि लेकर पुष्प महोत्सव का आयोजन किया है।
 पुष्प महोत्सव में शीत ऋतु के बहुत से फूल देखने को मिल रहे है। जो बहुत ही अद्भुत लग रहे हैं। उन्होंने नगर निगम, उद्यानिकी विभाग एवं सभी विभागों को ऐसे आयोजन के लिए शुभकामनाएं दी। वन मंडलाधिकारी श्री बीपी सिंह ने कहा कि फूल हमें जीने की कला सिखाते है। यह महोत्सव जीवंत और मधुर आयोजन है। प्रकृति के निकट मानसिक एवं मनोवैज्ञानिक रूप से भी इसका अच्छा असर पड़ता है और तनाव दूर होता है। जिला पंचायत सीईओ श्री अजीत वसंत ने कहा कि प्रकृति एवं पर्यावरण के प्रति झुकाव के लिए नगर निगम का यह प्रयास सराहनीय है।@GI@

नगर निगम आयुक्त चंद्रकांत कौशिक ने आयोजन के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि 2020 में भी त्रि-दिवसीय पुष्प महोत्सव का आयोजन किया गया था। राजनांदगांव में आयोजन का यह दूसरा वर्ष है। उद्यानिकी महाविद्यालय एवं उद्यानिकी विभाग का भरपूर सहयोग मिला। इस अवसर पर पद्मश्री फूलबासन बाई यादव, नगर निगम के कार्यपालन अभियंता श्री दीपक जोशी एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे। 

उल्लेखनीय है कि दो दिवसीय इस पुष्प महोत्सव में आनंद वाटिका में रंग-बिरंगे फूलों से बने हुए मोर, हिरण, वनभैंसा, बैलगाड़ी, नाव लोगों के आकर्षण का केन्द्र है। यहां विभिन्न प्रजातियों के फूल लगाए गए है। आनंद वाटिका में नरवा, घुरूवा, गरूवा, बाड़ी का मॉडल तथा शासकीय विभागों के स्टॉल भी लगाए गए है। जनसंपर्क विभाग, वन विभाग, उद्यानिकी विभाग, नगर निगम, कृषि, आदिवासी विकास विभाग, राजवन फूड्स सहित विभिन्न विभागों के स्टॉल लगाए गए है। विभिन्न प्रतियोगिताओं एवं कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया है।@GI@


रायपुर। मुख्यमंत्री बघेल की अध्यक्षता में आज उनके निवास कार्यालय में कैबिनेट की बैठक शुरू हो गई है। मंत्रिमंडल की बैठक में बजट सत्र को लेकर अहम रणनीति तैयार की जाएगी। इस बैठक में बजट को मंजूरी मिलेगी और राज्यपाल के अभिभाषण पर भी मुहर लगेगी। इसके अलावा स्कूल खोलने, धान खरीदी, धान का उठाव, कोरोना वैक्सीनेशन समेत सम समायिक विषयों पर भी बैठक में चर्चा होगी।

आपको बता दें कि छ्त्तीसगढ़ का बजट सत्र इस बार 22 फरवरी से शुरू हो रहा है। जिसमें इस बार कुछ नई योजनाओं को भी शामिल किया जा रहा है। कोरोना संक्रमण के तहत स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए अतिरिक्त राशि का भी बजट में प्रावधान होगा। बैठक में वन मंत्री मो. अकबर, कृषि मंत्री रविंद्र चौबे, खाद्य मंत्री भगत, आबकारी मंत्री लखमा, राजस्व मंत्री अग्रवाल, मंत्री भेडिया, मंत्री डहरिया, मुख्य सचिव अमिताभ जैन भी उपस्थित है।

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की विशेष पहल पर बस्तर अंचल के आदिवासी किसानों को लाभदायी खेती के लिए प्रोत्साहित करने के साथ ही उनकी माली हालात को बेहतर बनाने के उद्देश्य से 1036 करोड़ रूपए की चिराग परियोजना के लिए आज नई दिल्ली में एमओयू हुआ। विश्व बैंक सहायतित 6 वर्षीय चिराग परियोजना बस्तर संभाग के 7 जिलों के 13 विकासखण्डों तथा मुंगेली जिले के मुंगेली विकासखंड के 1000 गांवों में क्रियान्वित की जाएगी।चिराग परियोजना के लिए त्रिपक्षीय एमओयू, भारत सरकार वित्त मंत्रालय, विश्व बैंक एवं छत्तीसगढ़ सरकार के प्रतिनिधियों के मध्य हुआ। 

इस अवसर पर भारत सरकार वित्त मंत्रालय के अपर सचिव वित्त महापात्रा, कन्ट्री डायरेक्टर जुनैद अहमद खान, छत्तीसगढ़ शासन कृषि विभाग के संयुक्त सचिव विलास भोस्कर संदीपन, वित्त विभाग के हरीश छाबड़ा एवं पुनीत कुमार, टॉस्क टीम लीडर चिराग राज गांगुली, विश्व बैंक प्रतिनिधि वरूण सिंह, सह-टॉस्क टीम लीडर चिराग, विश्व बैंक प्रतिनिधि सुश्री जस्टीना विश्लेषक विश्व बैंक के.सी.पैकरा, संयुक्त सचिव कृषि सी.बी. लोंढेकर, संयुक्त संचालक कृषि उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने चिराग परियोजना के एमओयू पर प्रसन्नता जताई है। उन्होंने राज्य के कृषि विभाग के अधिकारियों को इस परियोजना के बेहतर क्रियान्वयन के लिए बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा है कि इससे बस्तर अंचल में खेती-किसानी को समृद्ध और लाभदायी बनाने में मदद मिलेगी। इस परियोजना के माध्यम से बस्तर अंचल के किसान भाई परंपरागत खेती के साथ-साथ आधुनिक खेती की ओर अग्रसर होंगे। इससे उनकी माली हालात बेहतर होगी और उनके जीवन में खुशहाली का एक नया दौर शुरू होगा।

कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे ने भी चिराग परियोजना के लिए एमओयू होने पर विभागीय अधिकारियों को बधाई दी है। उन्होंने कहा है कि इस परियोजना के जरिए मिलने वाली मदद एवं मार्गदर्शन से बस्तर के कृषक उन्नत खेती की ओर अग्रसर होंगे। सिंचाई के आधुनिक तकनीक जैसे स्प्रिंकलर एवं ड्रिप सिस्टम के उपयोग से कम पानी में ज्यादा सिंचाई की सुविधा का लाभ उन्हें इस परियोजना के माध्यम से उपलब्ध होगा। किसानों को अनाज के साथ-साथ उद्यानिकी एवं दलहन, तिलहन की फसलों की खेती के लिए आवश्यक मदद एवं प्रोत्साहन मिलेगा, जिससे उनकी आमदनी बढ़ेगी।