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खुलासा: मोबाइल टावर लगाने के नाम पर महिला से ठगी एएसपी यादव ने किया खुलासा

17/12/2019
पूरब टाइम्स, भिलाई। मोबाइल टावर लगाने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। खुर्सीपार की एक बुजुर्ग महिला से इस गिरोह ने ठगी की। पिछले तीन साल में अलग- अलग कहानी व किस्से गढ़ते हुए बुजुर्ग महिला से इस गिरोह ने 62 लाख 2500 रुपए की भारी रकम ऐठ ली थी। 2015 में शुरू हुआ यह किस्सा 2019 तक चलता रहा। कभी बीमा पॉलिसी के रुपए निकालने, तो कभी चालान बनाने तो कभी रुपए जारी कराने के नाम पर बुजुर्ग महिला से ठगी होती रही। इस मामले में पीड़ित महिला ने एक मीडिया कर्मी की मदद से एसपी के समक्ष जुलाई माह में शिकायत की थी। शिकायत पर कार्यवाही करते हुए पुलिस काफी सजगता के साथ अलग-अलग शहरों से सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वही 8 आरोपी अब भी फरार है जिनकी तलाश की जा रही है। मामले का खुलासा करते हुए एसपी अजय यादव ने बताया कि दिल्ली के ठग गिरोह ने खुर्सीपार बुजुर्ग महिला को अपने जाल में फंसाया की उसने कई किस्तों में उनके बताए बैंक खातों में मुंहमांगी रकम जमा कराती रही। जबतक महिला को समझ मे आया कि वह बड़ी ठगी की शिकार हो गई तो उन्होंने अपने परिचित मीडिया कर्मी कमल शर्मा से संपर्क किया। पत्रकार कलम शर्मा की सहायता से मनोरमा जैन ने एसपी व आईजी के मसक्ष शिकायत कर गुहार लगाई। शिकायत के बाद जब पुलिस ने जांच शुरू की और आरोपियों तक पहुंची। आरोपियों में अपूर्व गुप्ता नोएडा, मंजेश कुमार गाजियाबाद उत्तर प्रदेश, सैय्यद मोहम्मद जामिया नगर नईदिल्ली, ज्ञानसुदद्दीन अशोक नगर नईदिल्ली, कुंदन कुमार गाजियाबाद, सानू पाण्डेय गौतम बुद्ध नगर नोएडा, अर्जुन वर्मा नोएडा, शामिल है। वही फरार आरोपियों में सोना उर्फ स्वर्णलता चौधरी, अंकित कुमार, कृष्णकांत गौतम, आदिल परवेस, मुस्तकीन, विजय कुशवाहा व विपिन शामिल है। एसएसपी ने बताया कि खुर्सीपार निवासी बुजुर्ग महिला मनोरमा जैन के मोबाइल नंबर पर दिल्ली से देवेंद्र जैन नाम के एक व्यक्ति का फोन आया। उसने कहा कि घर की छत पर भारती और रिलायंस कंपनी का मोबाइल टावर लगवाने पर हर महीने 45 हजार रुपए किराया मिलेगा। लेकिन इसके लिए एचडीएफसी कंपनी का इंश्योरेंस प्लान भी लेना होगा। पहली बार 96 हजार 890 रुपए भारती कंपनी और 88 हजार 435 रुपए रिलायंस कंपनी के नाम पर देवेंद्र ने खाते में जमा करवाया। वर्ष 2015 में ठगी का यह सिलसिला शुरू हुआ जो चार साल तक चलता रहा। दिल्ली के यह ठग पूरी कंपनी चला रहे थे। आरोपियों के पास से बड़ी संख्या में लैड लाइन फोन, मोबाइल फोन,बीमा प्लान,एटीएम कार्ड, आईकार्ड, मोबाइल डेटा व लेखाजोखा जब्त किया गया।