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पूरब टाइम्स, दुर्ग: वोरा परिवार की कार्यनीति क्या दुर्ग कांग्रेस के लिये घातक है ? क्या यह कांग्रेसी प्रत्याशियों को हरवाने के लिये काफी नहीं ?

13/12/2019

तकियापारा वार्ड 8 में कांग्रसियों की आपसी टकराहट कहीं भाजपा को पार्षद पद न दिलवादे ?

जब-जब भी किसी पार्टी में अंदरूनी कलह होती है तो दूसरे पार्टी को इसका फायदा मिलता है . तकियापारा में भी ऐसा कई बार हो चुका है . कांग्रेस को उसके अधिकृत प्रत्याशी से निगम राजनीति में प्रवेश पाने का जनादेश नहीं मिला है . उल्लेखनीय है कि अंदरूनी कलह के कारण ही कांग्रेस एक लंबे समय तक प्रदेश सरकार से भी बाहर रही . कांग्रेस के अंदरूनी टकराहट ने ही रमन सरकार को लंबी पारी खेलने का अवसर दिया . वोरा परिवार से आने वाले नेता इसी कारण अनेक बार चुनाव हारे और स्व हेमचंद यादव को दुर्ग का विधायक पद हासिल करने में सफलता मिली . तकियापारा वार्ड में वर्तमान स्थिति भी कुछ ऐसी ही है कि कांग्रेसी कार्यकर्ताओं में आक्रोश और आपसी मनमुटाव है इसलिए यह स्थिति बन सकती है कि इसका फायदा किसी निर्दलीय को मिलेगा या भाजपा इस बार अपने प्रत्याशी को यहां से जीत दिलवाने में सफल हो जाएगी .

विंसेंट डिसूजा ने सरोज पांडेय का जमकर विरोध किया और न्यायालय में उसे चुनौती दी क्या इसलिए वोरा परिवार को खटक गया यह कर्तव्यनिष्ठ कार्यकर्ता ?

इस बार तकीयपारा वार्ड दुर्ग निगम चुनाव में खासा चर्चा का केंद्र बना हुआ है क्योंकि इस वार्ड में कांग्रेस के तीन वरिष्ठ कार्यकर्ता आपस में चुनावी जोर आजमाईश कर रहे हैं . जिसमें विंसेंट डिसूजा एक ऐसा नाम है जोकि विगत 10 वर्षों में पूरे समय चर्चा में रहा क्योंकि उसने पूर्व महापौर सरोज पांडे का खुलकर विरोध किया और उसे न्यायालय में चुनौती दी है . जानकारों के अनुसार यह मामला अभी भी न्यायालय में प्रक्रियाधीन है और अभी भी ऐसी स्थिति में है कि पूर्व दुर्ग महापौर को कभी भी चुनौती देने का आधार बन सकता है . भाजपा नेता भी इस वार्ड में विवादित है क्योंकि वार्ड में बाहर का प्रत्याशी थोप कर एक बार पुन: इस वार्ड के भाजपा कार्यकर्ताओं को निराश करने का आरोप भी खासा चर्चा में है . जो लोग निगम में भ्रष्टाचार से मुक्ति चाहते हैं वे भी अपनी व्यथा कांग्रेस और भाजपा के विरोध में प्रचार करके व्यक्त कर रहे हैं क्योंकि उनका मानना है कि पार्टियों  ने भ्रष्टाचार का विरोध लोकतांत्रिक तरीके से करने वालो को नहीं बनाया है .

कांग्रेस ने किस आधार पर तकियपारा वार्ड का प्रत्याशी चयन किया और क्या यह आधार पुन: विफल होगा ?

गौरतलब रहे कि कांग्रेस ने तकिया पर वार्ड में एक ऐसे प्रत्याशी का चयन किया है जिसके कारण वार्ड में कांग्रेस कार्यकर्ता आपस में टकरा रहे हैं . सूत्रों के अनुसार वार्ड प्रत्याशी का चयन कांग्रेस ने एक विशेष आधार पर किया है जिस पर आचार संहिता लागू होने के बाद चर्चा कराना विधि अपेक्षित कार्य व्यवहार नहीं है लेकिन जिला कांग्रेस का यह निर्णय मतदाताओं को कितना गवारा रहेगा यह विषय आगामी मतगणना परिणाम स्पष्ट कर देगा . उल्लेखनीय हैं कि कांग्रेस द्वारा किया गया प्रत्याशी चयन  यह संकेत दे रहा है कि संकुचित मानसिकता से यह निर्णय लिया गया है परन्तु तकियापरा वार्ड के मतदाताओं ने पूर्व में दो बार विंसेंट डिसूजा को जीत दिलवाकर शहर सरकार में अपना जनादेश देकर भेजा था और यह साबित किया था तकियापारा वार्ड का मतदाता संकुचित विचारधारा से बंधा नहीं है . वह वार्ड को प्रगति दिलवाने वाले को पहचानता है और केवल जाति बिरादरी के आधार पर प्रत्याशी चयन करने वालों के निर्णय को अपना समर्थन देने के लिए मजबूर नहीं है .