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गुस्ताखी माफ: उस रात के कातिल अन्दाज़ के सामने क्या हम 162 हैं टिक पायेगा

26/11/2019
कल रात मुंबई के ग्रैंड हयात में इस नारे के पोस्टर बैनर व स्क्रींस दिखाई दी साथ ही दिखाई दिये एनसीपी, कांग्रेस व शिवसेना के 162 एमएलए जोकि यह दिखाना चाह रहे थी कि हम वर्तमान में रात के अन्धेरे में बनी भाजपा की सरकार के विरोध में जमकर खड़े हैं . अब 288 सदस्यों वाली विधानसभा में बहुमत के लिये भाजपा के पास 145 विधायक कहां से आयेंगे ? हमारे एक साथी ने सवाल उछाला तो दूसरा साथी बोला , इस तरह ग्रैंड हयात में फैशन शो करने से कोई बहुमत साबित नहीं होता है . वह राज्यपाल कोशियारीजी  के द्वारा दी गई तारीख 30 नवम्बर को फ्लोर टेस्ट से ही होगा जोकि भाजपा अपनी तोड़-फोड़ की महारत से येन केन प्रकारेण सफल होकर दिखा ही देगी . अब तीसरा साथी बोला , सही कहते हो. भाजपा ने रातों रात ये काम कर लिये , 1. रात करीब 11:45 बजे : अजित पवार और बीजेपी में डील पक्की हुई. 2 .रात 11:55 बजे : देवेंद्र फडणवीस ने पार्टी को सूचना दी कि शपथ ग्रहण की तैयारी पुख्ता की जाए और शिवसेना और कांग्रेस में किसी को पता नहीं लगने पाए.  3.रात 12:30 बजे : राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने नई दिल्ली के लिए अपनी यात्रा रद्द कर दी.4.रात 2:10 बजे : राज्यपाल के सचिव को कहा गया कि वह सुबह 5.47 बजे राष्ट्रपति शासन हटाने की अधिसूचना जारी करें और सुबह 6.30 बजे शपथग्रहण की व्यवस्था करें. 5.रात 2:30 बजे : सचिव ने कहा कि वह दो घंटे में नोटिफिकेशन जारी कर देंगे और सुबह 7: 30 बजे तक शपथग्रहण की व्यवस्था कर देंगे.6.रात 1:45 बजे से लेकर शनिवार सुबह 9 बजे तक अजीत पवार फडणवीस के साथ रहे और शपथ ग्रहण होने तक नहीं गए. 7.सुबह 5:30 बजे : फडणवीस और अजित पवार राजभवन पहुंचे.8.सुबह 5:47 बजे : राष्ट्रपति शासन हटाने की अधिसूचना जारी कर दी गई. लेकिन घोषणा सुबह 9 बजे हुई. 9.सुबह 7:50 बजे : शपथ ग्रहण शुरू हो गया. 10.सुबह 8:10 बजे : यह खबर पूरे देश में सुर्खी बन गई. 11. सुबह 8:16 बजे : पीएम मोदी ने सीएम और डिप्टी सीएम को बधाई दी. अब मैं भी बोल पड़ा , सही कहते हो . ट्वीटर के वीरों के दबाव के चलते सुप्रीम कोर्ट केवल राज्यपाल व भाजपा के वकीलों की सुनेगी . भाई , भक्तों के अनुसार सुप्रीम कोर्ट केवल कागज़ों को साक्ष्य मानती है और बहुमत संबंधित एनसीपी के सपोर्ट के  साक्ष्य राज्यपाल ने सुप्रीम कोर्ट में जमा कर दिये हैं . भाई , कागज़ में मरा हुआ आदमी यदि सामने आकर चीखेगा कि मैं जि़ंदा हूं तो सुप्रीम कोर्ट थोड़े ही मानेगी कि वह जि़ंदा है . क्योंकि कागज़ उसे मरा हुआ बताते हैं . अब पत्रकार माधो भी बोले, पहली बार आप सब समझदारी की बात कह रहे हैं. महाराष्ट्र सरकार तो भाजपा की ही रहेगी क्योंकि जनता ने ना शिवसेना, ना एनसीपी और ना ही कांग्रेस को जनादेश दिया है , और भाजपा के लिये अभी तो जब नहीं किसी की मालिकी तो वो है हमारे लाल ( फडऩवीस ) की  है. 
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222.श्चशशह्म्ड्डड्ढह्लद्बद्वद्गह्य.ष्शद्व