Poorabtimes

जिसे सब छुपाते है उसे हम छापते है



Detail

#जीवन मंत्र: आपके भीतर की कला अनमोल है, उसका खुद भी #आनंद लें, व्यर्थ ज़ाया ना करें

25/11/2019

मेरी पढ़ाई #राजनांदगांव के म्युनिसिपल #हाई स्कूल में हुई थी बचपन में एक बार, वहां के शिक्षक और बेहतरीन संगीतज्ञ खुमान लाल साव सर आंखें बंद कर हारमोनियम बजा रहे थे। उनके कान साथी कलाकारों के वाद्यों पर भी थे। बीच बीच में वे किसी वाद्य बजाने वाले को सलाह देते और गल्ती में सुधार करवाते। जब मैनें पूछा कि आप तो अपने बजाने में मशगूल थे तो वे बोले, केवल बजाना ही नहीं सुनना भी एक कला है। आज परिपक्वता आने पर, मैं अपनी समझ से यह कहना चाहता हूं कि हर एक के भीतर कोई ना कोई कला होती ही है। दोस्तों के गु्रप में सबसे मज़ाक़ कर पाना भी एक कला है क्योंकि उस व्यक्ति की महफि ल में हर कोई राह देखता है। मेरे हिसाब से #कलाकार की सच्ची #तारीफ  करना भी एक कला है, कविता सुनकर सच्ची दाद देना भी एक कला है, लेख #गंभीरता से पढ़कर आत्मसात करना भी एक कला है। हर एक #ब्यक्ति अपने #अंदर की खासियत को जानता है, परंतु #आसानी से वह उसे अपनी खूबी को एक कला के रूप में नहीं समझ पाता है। मुझे लगता है कि उस व्यक्ति  की जरूरत होती है, अपनी कला को समझने की, उस कला को संवारने की, उस पर #मेहनत करने की। एक मूर्तिकार मंदिर के लिए बीस फ ीट ऊंची बेहद #खूबसूरत प्रतिमा बना रहा था। बाजू में हूबहू खूबसूरत प्रतिमा पड़ी हुई थी। किसी ने कलाकार से पूछा, क्या दो प्रतिमाएं लगेंगी ? कलाकार ने कहा, नहीं। फि र दूसरी क्यों? #कलाकार बोला, पहली डेमेज हो गयी थी। #व्यक्ति ने पहली मूर्ति को सब तरफ  देखा, उसे कहीं खोट नहीं दिखायी दी। कलाकर ने फि र कहा, कान के पीछे देखें। व्यक्ति ने कान के पीछे देखा, एक छोटी खरोच का निशान जो केवल गौर से देखने पर दिख रहा था। #व्यक्ति ने कहा बीस फीट ऊपर तो किसी हाल में खरोच नही दिखती। कलाकार का जवाब मेरे लिए भी #प्रेरणादायी है, मैं केवल धन नहीं बल्कि अपनी संतुष्टि भी चाहता हूं। यदि खरोच वाली मूर्ति खड़ी हो जाती तो मुझे उसका मलाल जिंदगी भर रहता। कला प्रेम और आत्मसंतुष्टि  से बनते कोशिश समझौता न करें। कुछ लोग मुझसे पूछते है कि #अच्छे #इंजीनियर होने के बावजूद अखबार क्यों ? उस अखबार में रोज़ लेखन क्यों ? मैं सभी पाठकों के लिये इस #अनुरोध के साथ आज लिख रहा हूं कि अपने ट्रेड के अलावा यदि आपमें कोई कला है तो आप उसपर भी ध्यान देंगे तो आपको अद्भुत आत्मसंतुष्टि प्राप्त होगी।