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जिसे सब छुपाते है उसे हम छापते है



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जीवन मंत्र: काश, यह सपना ही हो हक़ीक़त नहीं

16/11/2019
हम #कुछ साथी एक विद्वान पुरुष के पास बैठे थे . तो एक साथी ने कहा कि आजकल लोगों के नैतिक मूल्य एकदम गिर गये हैं . हमारे बचपन में कहा जाता था कि यदि #धन चला गया तो कुछ नहीं गया , यदि स्वास्थ्य चला ग्या तो कुछ चला गया और यदि #चरित्र चला गया तो सबकुछ चला गया . लेकिन पता नहीं क्यों आजकल सबकुछ गड़बड़ हो गया है ? इस पर वे विद्वान बोले, मैं एक बहुत बड़? व नामी मॉल में गया . मुझे मोजे खरीदने थे , मॉल में लगी रेट लिस्ट देखकर मैं दंग रह गया . मोजे की कीमत 8000 रु. थी , पास ही एक जींस की कीमत 10000 रु थी और #टाई की कीमत 16000 रु थी. मैं आश्चर्य में पड़ गया जब मैंने देखा कि लाखों रुपये में आने वाली रोलेक्स घड़ी की कीमत 225 रु व सोने पर जड़ी 4 कैरेट के हीरे की अंगूठी 95 रु. थी . और यह भी पाया कि लोग टाइ भी खरीद रहे हैं तो #रोलेक्स घड़ी भी . मैंने चैन से #काउंटर पर बैठे दुकान के मालिक से पूछा कि ये सब क्या है ? वह बोला , #कल #रात को एक हादसा हुआ . कल कोई सभी सामानों की कीमत का टैग अदली बदली कर गया . सुबह पहले लोग उहा-पोह में थे लेकिन धीरे धीरे कीमत की #अहमियत भूल गये . अब लोग कम मूल्य की चीज़ के लिये अधिक कीमत देने तैयार हैं और अधिक मूल्य की चीज़ को कम # कीमती मान रहे हैं. हम जल्दी ही उन कीमत के टैग को वापस सही कर देंगे ताकि लोग असली मूल्य की अहमियत को ठीक से समझें. इतने में मेरी आंख खुल गई . मैं खुद भी सपने से भ्रमित हो गया था . पर वास्तविक जीवन भी मुझे भ्रम सा दिखाई दिया . मैं सोच रहा हूं कि क्या सच्चाई में भी किसी ने हमारे जीवन के मूल्यों के टैग बदल दिये हैं. अब जो वास्तव में कम अहमियत की होनी चाहिये वे ज़्यादा मूल्यवान हो गईं हैं जैसे- प्रतिस्पर्धा, पद, उपाधि, शोहरत, पदोन्नति, दिखावेबाज़ी, पैसा , ताक़त इत्यादि , दूसरी तरफ अधिक अहमियत की होनी चाहिये वाली मूल्यवान बातें , एकदम सस्ती हो गयी हैं . जैसे-ईमानदारी, आदर, नीति शास्त्र, सत्यपरायणता, परिवार, रिश्ते, शांति, संतोष, #प्यार, #ज्ञान, दया, #दोस्ती इत्यादि . उन विद्वान की बात कितनी #जबर्दस्त थी और #समयोचित भी . साथियों , मैं अभी गहनता से सोचता हूं तो कभी कभी शक होने लगता है कि मैं कहीं #सपना तो नहीं देख रहा हूं जिसमें #जीवन के नैतिक मूल्यों को किसी ने बदल दिया हो? काश , यह सपना ही हो , हक़ीक़त नहीं...