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जिला शिक्षा विभाग दुर्ग, शक के दायरे में: अभी तक अविधिक फीस वृद्धि के लिये स्कूलों पर नहीं की कार्यवाही , राज्य शासन ने दिये थे जांच के आदेश

06/11/2019
पूरब टाइम्स, दुर्ग भिलाई . लगता है कि जिला शिक्षा विभाग अविधिक तरीक़े  से स्कूल चलाने वालों पर कार्यवाही नहीं बल्कि उन्हें केवल नोटिस देने के लिये बनाया गया है. जब अविधिक कार्यशैली वाले स्कूल , उस नोटिस का जवाब देते हैं ( अनेक मामलों में नहीं भी देते) तब उस जवाब को मान्य कर , नस्तीबद्ध कर दिया जाता है. छ.ग. में पिछले 15 सालों के भाजपा के शासन काल सब कुछ इसी प्रकार से चलता आया है . संचालक या मंत्रालय से भी जांच के निर्देश आने पर , उनकी रिपोर्ट में भी लीपा पोती कर , स्कूलों पर विधि विहित अपराधिक प्रकरण दजऱ् करने की जगह वार्निंग या न्यूनतम दंड लगाकर छोड़ दिया जाता था . पिछले सालों की रिपोर्ट में , अमानक ढंग से लाभ कमाने वाली स्कूलों द्वारा फीस बढ़ाई गई थीं , उनपर कड़ी कार्यवाही नहीं की गई . इस बार कांग्रेस की सरकार आई है और उसने भी इस मामले में कड़ी नजऱ रखने के निर्देश दिया हैं  पर पुरानी जांच के कागज़ सारवजानिक नहीं किये गये यानि कि दबा दिये गये . निजि स्कूलों के संचालकों के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे अगले सत्र में फिर से फीस बढ़ाने की तैयारी कर रहे हैं. पूरब टाइम्स की एक रिपोर्ट ..

नियम क्या कहता है, क्या थे पिछले साल के मामले
छ.ग. शासन के पत्र क्र. 2887 /आर-133 / 2016/20-03 के अनुसार जिला शिक्षा अधिकारी को देखना चाहिये कि विद्यालय द्वारा प्रस्तावित शुल्क युक्तियुक्त हैं व यह न लाभ न हानि के सिद्धांत पर आधारित रहें. उसे यथार्थ परीक्षण कर ही शुल्क वृद्धि की स्थित में अधिसूचित करने की कार्यवाही होनी थी . इस मामले में वर्ष 2017- 2018 में इनक्वायरी हुई थी व अनेक विद्यालयों में पैसा सरप्लस मिला था जिसके कारण से वर्ष 2018-2019 में फीस बढ़ाने पर रोक लगा दी थी . उसे नजऱ अन्दाज़ किया गया पिछले वर्ष लगभग सभी नामी स्कूलों ने , बिना पूर्वानुमति के 6 से 10 प्रतिशत फीस बढ़ाई थी व जिनका स्पष्टीकरण जिला शिक्षा अधिकारी ने मान्य कर दिया था . जिनमें से प्रमुख थे-डीपीएस भिलाई , डीपीएस दुर्ग , केपीएस , माइल स्टोन स्कूल, शारदा स्कूल, शंकराचार्य हुडको, डीएवी हुडको, मैत्री विद्या निकेतन, शंकरा विद्यालय सेक्ट. 6 , इंदु आईटी इत्यादि . ऐसे ही अनेक स्कूल इस बार भी , कागज़ों मे हानि दिखाकर फिर फीस बढ़ाने की ताक में हैं . इनके पुराने कागज़ों की पुनर्जांच आवश्यक है .

किन मामलों में फिर से जांच के आदेश दिये थे राज्य सरकार ने
मंत्रालय के स्कूल शिक्षा विभाग ने अपने पत्र कर. 74/ 2717/2018/20-तीन दिनांक 09.01.2019 में भिलाई स्थित निजी विद्यालयों में , बिना अनुमोदन के फीस वृद्धि की जांच के आदेश दिये थे. एक समाजसेवी की शिकायत के आधार पर जांच की गई थी . जिसमें जांच दल के प्रतिवेदन के अनुसार विद्यालयों में सरप्लस राशि पाये जाने का उल्लेख हुआ था व विद्यालयों को भविष्य में सरप्लस की स्थिति में विद्यालयीन शुल्क में वृद्धि न करने कहा था. वे विद्यालय थे - कृष्णा पब्लिक स्कूल नेहरू नगर , भिलाई , शंकराचार्य विद्यालय हुडको , शंकरा विद्यालय सेक्टर 10 भिलाई . विदित हो कि ये तीनों स्कूल , केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा मंडल से संबद्धता रखते है , जिसके नियमों के कारण किसी भी वक़्त , स्कूल संचालकों की गलती , केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा मंडल से संबद्धता समाप्त करा सकता है और हज़ारों बच्चों का भविष्य अंधकार में जा सकता है . अन्य मामलों में भी सीएजी रिपोर्ट को मद्दे नजऱ रखते हुए राज्य शासन ने जिला शिक्षा अधिकारी से परीक्षण व अभिमत देने का निर्देश दिया था .