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नगर निगम कर रहा पैसों की बर्बादी, सड़कों की अराजक स्थिति जस की तस

31/10/2019
मवेशी मालिकों को नहीं है कानून का डर
बारिश का महिना अब  खत्म हो गया पर सड़कों से मवेशियों को हटाने में निगम नाकाम रहा। पिछले चार महिनों से निगम मवेशियों को सड़क के हटाने की बात करता रहा है लेकिन फिर जमीनी हकीकत यही रही कि निगम ने सिर्फ वाहवाही बटोरने की कोशिश की। ज्ञातव्य है कि नगर निगम दुर्ग व भिलाई हर साल आवारा पशुओं को पकडऩे में लाखों रुपये खर्च करते  इसके बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं दिखाई देता है . ये मवेशी यातायात बाधित कर लोगों के लिए खतरनाक हो गए हैं। व्यस्ततम मार्ग पर इनकी वजह से जाम की स्थिति बनती है।  यदि आप किसी काम से दुर्ग पुलगांव होते हुए अंडा क्षेत्र की ओर जा रहे हो या फिर दुर्ग से नेहरू नगर होते हुए रायपुर की तरफ  जा रहे हैं तो वाहन की रफ्तार पर नियंत्रण रखने के साथ ही सचेत रहें। आपकी जरा सी असावधानी आपको अस्पताल तक पहुंचा सकती है। अन्य मार्गों की बात तो छोडिय़े, आप नेशनल हाइवे पर सरेआम आवारा मवेशियों का डेरा देख सकते हैं । 
पूरब टाइम्स की खबर.....
पूरब टाइम्स संवाददाता, दुर्ग/भिलाई । वाहन चालक इनके आगे पीछे से गुजरने की मशक्कत में लगे हैं। ऐसा नजारा शहर की हर सड़क पर देखने को मिल रहा है। मवेशियों को पालने वाले इन्हें सड़क पर खुला छोड़ रहे हैं वहीं इन्हें हटाने में नगर निगम की भी दिलचस्पी नहीं। झिर झिर बारिश और रात के समय तो हालात और भी खतरनाक हो जाते हैं। इन सभी सड़कों से उच्चाधिकारी भी गुजऱते हैं पर पता नहीं क्यों संज्ञान लेकर जि़म्मेदार लोगों को कड़ाई से निर्देश नहीं देते हैं . क्या किसी बड़े हादसे का इंतज़ार है या नजऱ अन्दाज़ करना उनकी मजबूरी बन गया है . जो भी हो आम जनता बहुत परेशान है। 

चाहते सब हैं फिर क्यों नहीं होता समस्या का समाधान
आवारा मवेशियों के कारण शहर में आए दिन हो रही दुर्घटनाओं के कारण शहरवासियों के साथ जनप्रतिनिधि भी परेशान है आखिर उन्हें सड़क पर ही चलना है । सभी चाहते हैं कि शहर की सड़कों पर मवेशी नजर नहीं आए, लेकिन मवेशी क्यों नहीं हटते, शहर में तबेले चलाने वालों के खिलाफ  ं नहीं कारवाई हो पाती है? यह सवाल सबके जहन में है। आवारा मवेशियों के कारण जिस तरह से दुर्घटनाएं हो रही हैं, यह स्थिति बेहद चिंताजनक है। निगम को प्रभावी कार्रवाई की जानी चाहिए। इस मामले में पूरा शहर चिंतित है। मवेशी मालिकों को चिन्हीत कर जुर्माना की राशि बढ़ानी चाहिए, कोई वाजिब वजह हो तो समाधान करना चाहिए साथ ही निगम को स्वयं भी जल्द से जल्द कांजी हाउस में मवेशियों को पहुंचाना चाहिए।

एक्सपोज फोटो स्टोरी
सुबह होते ही ये सड़को पर पहुंच जाते हैं जो देर शाम तक सड़क पर ही रहते हैं। जानकारों का कहना है कि मवेशी पालक सुबह दूध निकालने के बाद इन्हें छोड देते हैं।

शहर के हर क्षेत्र में है समस्या
मवेशियों के कारण शहर के हर क्षेत्र में रहने वाले नागरिक परेशान है। पूरे शहर में स्टेशन रोड अग्रसेन चौक, चंडी मंदिर गया नगर, स्मृति नगर, पावर हाऊस जीई रोड, दुर्ग इंदिरा मार्केट, नेहरू नगर, सेक्टर एरिया, रिसाली अमूमन हर जगह पर आवारा मवेशियों को जमावड़ा रहता है। दिन में स्थिति रात की अपेक्षा कम खतरनाक होती है लेकिन रात में होने वाले हादसो के लिए मवेशी मुख्य वजह बन चुके हैं।