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#गुस्ताखी माफ: वैज्ञानिक , इंसान के क्रमिक विकास के सिद्धांत की नई रिसर्च मे लगे

26/10/2019

#नगर निगम , दुर्ग  के चुनाव अब सिर पर आ रहे हैं । #प्रदेश सरकार ने इस बार चुनाव अप्रत्यक्ष प्रणाली से कराने का निर्णय ले लिया है . इससे #भाजपा व #कांग्रेस पार्टी के  सम्भावित #महापौर पद के प्रत्याशी , जोकि अब #पार्षद के चुनाव लडऩे पर मजबूर हो रहे हैं  , अब अपने को बेहतर और अपनी ही पार्टी के अपने विरोधी को दुष्ट व गिरा हुआ दिखाने की हर जुगत मे लगे हुए हैं । #इंसान की इस #पैंतरे बाज़ी से #आहत #बंदरों ने कल मैत्रीबाग मे कांफ्रेंस कर विकास के उस सिद्धांत को खारिज कर दिया है, जिसके अनुसार आज का #मनुष्य बंदरों से ही विकसित हुआ है। बंदरों के अनुसार #मनुष्य का पतन बताता है कि वह हमारा #वंशज नहीं हो सकता। हम न #अतीत में इतने गिरे हुए थे, न आज हैं। आज हर जगह #आतंकवाद, #झूठ, #रेप, #भ्रष्टाचार, #जिस्मफरोशी और न जाने क्या-क्या पता लगता है ? कई नेताओं के कारनामे सुनकर ही घिन आती है। #मंकी कांफ्रेंस ने इस पर नए सिरे से रिसर्च करने की जरूरत जताई है कि आखिर #मनुष्य नामक इस प्राणी का उद्गम कहां से हुआ ?  #बंदरों के इस #ऐतिहासिक फैसले से #मानव समाज में #सनसनी फ़ैल गयी है। अनेक वैज्ञानिकों ने अभी से वापस खोज करना चालू कर दिया है कि आखिर हम बन्दर के नहीं तो किसके वंशज हैं ?  एक #वैज्ञानिक ने बंदरों की इस बात की सत्यता #चेक करने अनेक जानवरों से #गुण मिलाने का तय किया। गुण मिलाने गया तो चकित रह गया ? उसे आदमी में लोमड़ी सी चतुराई , भेडिय़े सी चालाकी , अजगर सी गड़प करने की #क्षमता , #सांप सा ज़हर , #भैंस सा आलस , गेंडे सी मोटी चमड़ी , केंचुए सी रीढ़ की हड्डी , सूअर सी फितरत इत्यादि मिले। वह जिस #जानवर के #दुर्गुण देखता वह किसी ना किसी आदमी में ज़रूर मिलता था। परन्तु एक चीज़ उसे ना #बन्दर और ना ही अन्य किसी भी #जानवर में मिली, वह थी किसी भी जानवर में #वंशवाद , #जातिवाद और धार्मिकता का अंधापन नहीं था। उस #वैज्ञानिक ने #सर्टिफिकेट दे दिया कि #आदमी बन्दर का वंशज नहीं हो सकता है। मैंने पत्रकार माधो को यह दुविधा सुनाई तो पत्रकार माधो बोले , हो सकता है , किसी भ्रष्ट ग्रह से कोई एलियन ग्रुप हनीमून मनाने , पीके की तरह , पृथ्वी पर आया हो और उनका वापसी वाला #रिमोट खो गया हो। हम सब उन्हीं के वंशज हों। अब वैज्ञानिक उस दिशा में भी #रिसर्च कर रहे हैं। मैं खुद भी इस #कॉन्सेप्ट से हैरान हूँ। आप लोगों की क्या #राय है ? 

#मधुर चितलांग्या, संपादक, #पूरब टाइम्स, #भिलाई