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#जीवन मंत्र : युवा में उर्जा अधिक व कार्य क्षमता होती है तो बुज़ुर्ग में समझदारी होती है, उनका कम आंकलन ना करें

25/10/2019
मेरे एक #साथी ने मुझसे कहा कि #समय बहुत बदल गया है . आज के हमारे #युवा बच्चे अपनी एनर्जी के कारण , हर क्षेत्र में खुद को ज़्यादा #उपयोगी मानते हैं. यदि आप उन्हें समझाने जाओ तो कहते हैं कि #बस, अब समय #बदल गया है . आपके #समय , जैसा आप बताते हैं वैसा होता था , हमारे #समय #काम करने के लिये ज़्यादा ज़रूरी हो गई है #स्पीड व नई तरह की #स्किल,  ना कि आप लोगों की तरह की सोच व पुराने अनुभव . अब हम उम्र के उस पड़ाव में पहुंच गये हैं जहां ना नई #स्किल पर ज़्यादा आजमाइश कर सकते हैं और ना ही स्पीड पर . उनकी इस बात को सुनकर मैं बोला , क्या आप अपने बच्चे की बात कर रहे हैं . वे गहरी सांस लेते हुए बोले , सही कहते हैं . मैंने तब उन्हें अपना एक पढ़ा हुआ वृतांत बताया . एक बार एक बहुत बड़ा #एयरबस लगभग 30,000 फीट की ऊंचाई में आराम से 800 किमी/ प्रति घंटे की रफ्तार से चल रहा था . उतने में एक युवा एक #फाइटर प्लेन उड़ाते हुए , आया और ज़ुप्प से उसके सामने से निकल कर चिढ़ाने लगा . जब उस #एयरबस के प्रौढ़ पाइलेट ने कोई #प्रतिक्रिया नहीं दी तो वह युवा उसे #चैलेंज करने लगा कि उसकी तरह #बेहतर #प्लेन चलाकर दिखाये. फिर उस #युवा ने 30,000 फीट से 10 हज़ार फीट तक प्लेन ,अनेक तरह की कलाबाज़ी खाते हुए, 20 मिनट तक चलाया . अब उसने उस #एयरबस के #पाइलेट को अपनी #कला दिखाने कहा . अगले बीस मिनट तक वह #एयरबस उसी #रफ्तार से उसी दिशा में चलता रहा . और फिर प्रौढ़ #पाइलेट ने उसे थम्स अप किया . वह #युवा पाइलट बोला , इसमें क्या कलाकारी हुई . तब वह प्रौढ़ पाइलेट मुस्कुराते हुए बोला, मैं प्लेन में अपनी जगह से उठ बैठा और पीछे जाकर , थोड़ा पैर फैलाकर , #आराम कर आया . साथ ही मैने फ्रूट खाया और अपनी साथी एयर होस्टेस से थोड़ी #हंसी-मज़ाक़ भी कर ली . क्योंकि मेरा #अनुभव कहता था कि इस जगह पर प्लेन को #ऑटो पाइलेट मोड पर उड़ाया जा सकता था. इस #कहानी का सार यह है कि जब आप युवा होते हैं तो स्पीड व उर्जा मायने रखती है पर जब आप बुज़ुर्ग होने लगते हैं तब आप ज़्यादा #अनुभवी और #चतुर हो जाते हैं तो #शांति व #आराम के साथ अपने कार्य को अंजाम दे सकते हैं . यानि कि #बुज़ुर्ग हो जाते हैं धीमे  पर चतुर अनुभवी . कितनी #जबर्दस्त बात है यह साथियों. हर उम्र का अपना एक स्टाइल होता है और एक #जायका पर उसके साथ उसकी खासियतें भी #सम्मान योग्य होती हैं . 
मधुर चितलांग्या, संपादक, पूरब टाइम्स, भिलाई