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महापौर चंद्रिका चंद्राकर और निगम आयुक्त क्या दुर्ग शहर की अस्त व्यस्त ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने की मंशा नहीं रखते है

24/10/2019
पूरब टाइम्स दुर्ग।  दुर्ग की ट्रैफिक व्यवस्था त्यौहार के सीज़न में पूरी तरह से भच्च हो जाती है, दुर्ग का नगर निगम, व्यस्ततम मार्केट क्षेत्रों में ना तो प्रॉपर पार्किंग की व्यवस्था मुहैया कराने में सफल हुआ है और ना ही अपनी पार्किंग क्षेत्र को बेहतर बनाने की योजना को अमलीजामा पहना पाया है, जब से रोड डिवाइडर बने हैं इन्दिरा मार्केट से स्टेशन रोड तो पूरे साल भर जाम की स्थिति से रूबरू होता है, अब हालात शहर के अन्य क्षेत्रों में बद से बदतर होती झा रही हैं, केवल ट्रैफिक पुलिस पर ज़िम्मेदारी देकर इस ट्रैफिक जाम की समस्या से निजात नहीं पाया जा सकता है, इस कार्य के लिये शहरी सरकार और जिला प्रशासन को एक्शन लेना बहुत ज़रूरी है, कुछ स्माजसेवी संस्थाओं ने भी इस समस्या के निराकरण में सहयोग देने की पहल की है, यह एक सराहनीय कदम है, 

पूरब टाइम्स की एक रिपोर्ट........

कहां है इंदिरा गांधी मार्केट का नक्शा और स्वीकृत पार्किंग स्थल का ब्यौरा ?

दुर्ग शहर का मुख्य बाजार इंदिरा मार्केट कई विषयों पर विवादित है . इस मार्केट के पार्किंग स्थल को संरक्षित करने के लिए निगम विफल नजर आता है, इंदिरा मार्केट में अतिक्रमण मुक्त सड़क नगर निगम द्वारा नहीं दिए जाने की शिकायत स्थानीय स्तर पर की जाती रही है लेकिन निगम अधिकारी कार्यवाही नहीं करते हैं,  जिसके कारण अधिकांश पार्किंग स्थल और सड़क का भाग व्यवसायियों के कब्जे में आ गया है. स्थानीय लोग इससे
बहुत परेशान है, व्यवसाई भी कई कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं , उल्लेखनीय है कि दुर्ग निगम प्रशासन ने इंदिरामार्केट व इसके आस पास के इलाकों का नक्शा व अन्य आधारभूत सुविधाओं का विवरण सर्व साधारण के लिए सार्वजनिक नहीं किया गया है, जिसके कारण अनियमित भूखंड और अतिक्रमणकारियों को संरक्षण मिल गया है, इंदिरामार्केट का पार्किंग स्थल वर्तमान में सिर्फ एक स्थान पर दिखाई देता है लेकिन जानकारों का कहना है कि अगर इस विषय का गहन अध्यन किया जाय तो कई अवैध कब्जे स्पष्ट हो जाएंगे  और यदि निगम प्रशासन ईमानदारी से अपना कर्तव्य निर्वहन करेगा तो रायपुर रेलवे स्टेशन के समान इन्दिरा मार्केट परिसर भी आम जनता के लिए सुरक्षित और सुलभ पहुंच में हो जाएगा।



राजेंद्र पार्क चौक के ट्रैफिक को नियंत्रित कर व्यवस्थित करने की मांग अंजुमन फाउंडेशन ने की है 

राजेंद्र पार्क चौक से गुजरने के लिए आम जनता को बेहद कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है क्योंकि यहां की ट्रैफिक व्यवस्था व्यवसायिक गतिविधियों के कारण बाधित हो गई है, सूत्रों के अनुसार राजेंद्र पार्क चौक के सामने पार्किंग स्थल पर प्रशासन ने व्यावसायिक उपयोग के लिए कुछ लोगों को दुकानों के लिए अस्थाई अनुमति दिए जाने की बताई जा रहीं हैं, पार्किंग के लिए सुरक्षित स्थान को व्यवस्थित करने के लिए प्रशासन विफल नजर आता है, इस कारण यह समस्या बढ़ गई है, अभी इस बात की पुष्टि नहीं हुई है कि शासन के किस विभाग ने पार्किंग स्थल का अन्य प्रयोजन के लिए प्रयोग करने की अनुमति प्रदान की है . रोजाना सुबह और
शाम के समय इस मार्ग पर अस्थाई दुकानें देखी जा सकती हैं,  अंजुमन फाउंडेशन ने दुर्ग कलेक्टर से
शिकायत की है कि उनी कपड़े, स्वेटर, शाल के व्यवसायियों को यह स्थान व्यवसायिक प्रयोजन के लिए नहीं दिया जाना चाहिए क्योंकि इससे ट्राफ़िक व्यवस्था बिगड़ जाती जाती है और इस व्यस्ततम स्थान पर पार्किंग की व्यवस्था भी खत्म हो जाती है, जिसके कारण हमेशा दुर्घटनाएं होती है और भयंकर दुर्घटना घटने की संभावना बनी रहती है, रात में बड़े वाहन और ट्रक इस मार्ग पर खतरनाक हो जाते हैं इसलिए इस स्थान को पार्किंग के लिए सुरक्षित किया जाना चाहिए और व्यवसायिक गतिविधियों के लिए अन्यत्र व्यवस्था की जानी चाहिए ।