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अमेरिका को क्यों है अफगानिस्तान की इस रहस्यमयी गुफा का ख़ौफ!

22/10/2021
पूरब टाइम्स। भारत के पड़ोसी देश अफगानिस्तान पर आतंकी संगठन तालिबान ने कब्जा कर लिया है. अब वहां तालिबान की हुकूमत कायम है. करीब 20 साल बाद जैसे ही अमेरिका ने अपनी सेना को अफगानिस्तान से वापस बुलाया तालिबान सक्रिय हुआ और उसने पूरे देश पर कब्जा कर लिया. बता दें कि साल 2001 में अमेरिका ने अल-कायदा और तालिबान को अफगानिस्तान से बेदखल करने के लिए हमला बोला था. इसके बाद इन 20 सालों में अमेरिकी सैनिकों ने कई खतरनाक आतंकियों को मार गिराया, लेकिन साल 2002 में अमेरिका की सेना का सामना एक महादानव से हुआ.

इस महादानव ने अमेरिका के कई सैनिकों को मार गिराया. यह अफगानिस्तान के एक सुनसान इलाके में एक रहस्यमयी गुफा में छिपकर रहता था. जहां किसी भी अमेरिकी सैनिक की जाने की हिम्मत नहीं होती थी. आज हम आपको इसी गुफा के बारे में बताने जा रहे हैं जिसके रहस्य के बारे में अमेरिका भी दुनिया छुपाता रहा है. दरअसल, साल 2002 में अमेरिका की सेना आंतकी संगठन अलकायदा और तालिबान को समाप्त करने के लिए एक सीक्रेट ऑपरेशन चलाने की तैयारी की थी, अमेरिकी सेना का मकसद था वह छिपकर रह रहे आतंकियों को खोजकर मार दे.

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ये आतंकवादी अफगानिस्तान के पहाड़ी इलाकों में मौजूद गुफाओं छिपे हुए थे. आतंकियों के सफाए के लिए अमेरिका की सेना ने सैनिकों के कई ग्रुप बनाए और उनको अलग-अलग क्षेत्रों में भेज दिया. अमेरिकी सैनिक उन इलाकों में पहुंचे जहां पर दूर-दूर तक कोई इंसान नहीं रहता था. हालांकि अमेरिकी सैनिकों के पास खुफिया जानकारी थी कि इन्हीं इलाकों में स्थित गुफाओं में अलकायदा और तालिबान के आतंकी छिपे हुए हैं. इसीलिए उन्होंने यहीं पर आतंकियों की तलाश शुरु कर दी.

यहां स्थित एक गुफा में अमेरिका की सेना पहुंची जहां पर बिल्कुल अंधेरा था. लेकिन इस गुफा में पहुंचते ही अमेरिकी कमांडो लापता हो गए. अमेरिकी सैनिकों ने लापता कमांडो की बहुत तलाश की, लेकिन उनका कोई पता नहीं चला. इस अभियान में शामिल अमेरिकी कमांडो ने गुफा में इंसानों के कंकाल देखे और आर्मी के कम्युनिकेशन सेट भी बरामद किए. उसके बाद अमेरिकी सेना आगे बढ़ी और गुफा के अंदर कुछ ऐसा दिखा जिसके बाद उनके होश उड़ गए.
उन्होंने वहां एक महादानव जैसे दिख रहे एक 15 फीट लंबे शख्स को देखा. इसके बाद अमेरिकी सैनिकों ने ताबड़तोड़ गोलीबारी कर उसे मौत के घाट उतार दिया. इसके बाद अमेरिका के सैनिकों ने बम धमाका कर उस गुफा को बंद कर दिया और इस राज को हमेशा-हमेशा के लिए दफना दिया. इस घटना के बारे में सोशल मीडिया पर कई तरह की कहानियां बताई गईं. हालांकि अमेरिका ने साल 2002 की इस घटना पर कोई बयान नहीं दिया. और ना ही इस घटना को कोई सबुत है. ना ही अमेरिकी सैनिकों ने इस बारे में कभी किसी को कोई जानकारी दी.