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रसोई में धूल खा रही थी पेंटिंग, बेचने पर मिले करोड़ो रुपये,यह एक विश्व रिकॉर्ड है

15/09/2021
पूरब टाइम्स। फ्रांस के उत्तरी भाग कॉम्पैनियन स्थित एक बुजुर्ग महिला की रसोई में एक 13वीं सदी की एक पेंटिंग लगी हुई थी. महिला ने इस पेंटिंग को अपने चूल्हे के ऊपर लगाया हुआ था. फ्रांस में इस पेंटिंग की नीलामी हुई. इस बुजुर्ग महिला की रसोई से मिली यह पेंटिंग € 24m यानि करीब 188 करोड़ रूपये में हुई. इससे पहले तक कोई भी मध्ययुगीन पेंटिंग नीलामी में इतनी मंहनी नहीं बिकी थी.

यह पेंटिंग साल 1960 से इस महिला के घर रसोई घर में टंगी हुई थी. इस घर की किसी भी व्यक्ति को इस पेंटिंग के बारे में कुछ नहीं पता था. महिला को लगता था कि यह रूस का कोई दुर्लभ चित्र है. लेकिस इसी साल के शुरूआत में जब महिला ने अपना घर बदला को उनका पुराना फर्नीचर का सामना खरीदने आए एक व्यक्ति की नजर इस पेंटिंग पर पड़ी, जिसके बाद इस महिला को पेंटिंग के बारे में पता चला.

 पेरिस के बाहर एक्टऑन नीलामी घर में इस पेंचिंग की नीलामी की गई. एक्टऑन नीलामी घर के डोमिनिक लेकोएंट ने इस बारे में कहा,1500 साल पूर्व किए गए काम के लिए यह बिक्री एक तरह का विश्व रिकॉर्ड है. यह एक अद्वितीय पेंटिंग है, जो शानदार और यादगार है. यह बिक्री हमारे सभी सपनों से परे है. पेंटिंग की अधिकांश राशि महिला को जल्द ही मिल जाएगी.

इस पेंटिंग का निर्माण चिमाबुए ने किया है. चिमाबुए को पुनर्जागरण काल के पिता के तौर पर याद किया जाता है. चिमाबुए ने ही इतालवी मास्टर गिओटो को शिक्षा दी थी. चिमाबुए को बीजान्टिन शैली के लिए जाना जाता है. उन्होंने मात्र 11 पेंटिंग बनाई थी जो लकड़ी पर बनाई गई थी. हालांकि किसी भी पेंटिंग पर चिमाबुए ने अपने हस्ताक्षर नहीं किए. बताया जा रहा है कि महिला को पेंटिंग मिली है वो चिमाबुए की ही है. यह पेंटिंग 26 सेंटीमीटर लंबी और 20 सेंटीमीटर चौड़ी है.

जिस बुजुर्ग महिला की रसोई से यह पेंटिंग मिली उसने बताया कि उसे इस बारे में बताया कि उसे नहीं पता कि यह कहां से आया था या परिवार के हाथों में कैसे आया था. पेरिस के ट्यूरिन में कला विशेषज्ञों ने अवरक्त प्रतिबिंबन का उपयोग करके इस बात की पुष्टि की कि यह टुकड़ा 1280 से बड़े डिप्टीच का हिस्सा था, जब चिमाबुए ने ईसा मसीह के आठ दृश्यों को चित्रित किया.