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मंदिरों की परंपरा सदियों से है,दुनिया में कुछ ऐसे ही विचित्र मंदिर स्थापित है जानिए जिनसे जुड़ी कुछ अजीबोगरीब जानकारियां

14/09/2021
पूरब टाइम्स। यह दुनिया रहस्यमई चीजों से भरी हुई है जिन पर विश्वास करना कई बार कठिन लगता है। कई बार कुछ बातें पढ़ने-सुनने में अटपटी जरूर लग सकती हैं, लेकिन उनसे जुड़ा इतिहास और लोगों की मान्यताएं उन्हें एक मजबूत आधार प्रदान करती हैं। देश-दुनिया में मंदिरों की परंपरा सदियों से चली आ रही है। लोग अपनी मनोकामना पूर्ति और अपने आराध्य की पूजा हेतु मंदिर जाते हैं। परंतु आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि दुनिया में वह कौन से विचित्र मंदिर हैं जिनसे जुड़ी कहानियां अचरज भरी हैं:

1. चाओ माई तुप्तिम
आपको जानकर हैरानी होगी कि दुनिया में एक ऐसा मंदिर है जिसमें गुप्तचर का चढ़ावा चढ़ाया जाता है। आपको बता दें कि थाईलैंड की बैंकॉक में स्यान नदी के किनारे चाओ माई तुप्तिम नामक एक देवी का अजब-गजब मंदिर है। थाईलैंड के लोग इस देवी को प्रजनन देवी कहते हैं। उनकी अजीब मान्यता है कि अगर भक्तजन लकड़ी, धातु अथवा रबड़ आदि से बना गुप्तचर माता को चढ़ाते हैं तो उन्हें संतान की प्राप्ति हो जाती है।

2. ज्वाला देवी मंदिर
हिमाचल प्रदेश में स्थित ज्वाला देवी मंदिर रहस्यों से भरपूर माना जाता है। कहां जाता है जी जब भगवान भोलेनाथ माँ सती का जला हुआ शरीर आकाश मार्ग द्वारा ले जा रहे थे, तब माँ सती की जीभ यहाँ आकर गिर गई तथा उसी स्थान पर ज्वाला मां का मंदिर बना दिया गया। आश्चर्यजनक बात यह है कि तब से लेकर आज तक मां की जीभ से निकलने वाली वह आज बुझी नहीं है।

3. गॉड डॉग मंदिर
आपने अलग-अलग मंदिरों में तरह-तरह के भगवानों की मूर्तियां तो अवश्य देखी होंगी परंतु आपको जानकर हैरानी होगी कि मनुष्यों के प्रति हमेशा से ही वफादार पशु कहलाने वाले कुत्तों का भी एक मंदिर है। कर्नाटक राज्य के रामनगर जिले के चन्नापटना गांव में स्थित एक मंदिर में कुत्तों की भी मूर्तियां हैं। 2010 में गांव के लोगों द्वारा इस मंदिर को बनवाने के पीछे का उद्देश्य कुत्तों के प्रति प्रेम और सम्मान की भावना को बनाए रखना था। डॉग गॉड नामक इस मंदिर में कुत्तों की दो मूर्तियां रखी हुई हैं, जिनमें से एक मूर्ति सफेद और दूसरी भूरे रंग की है। आपको बता दें कि इन दोनों मूर्तियों को पोशाक, माला पहनाकर प्रतिदिन इनकी धूप, दीप आदि द्वारा विधिवत पूजा भी की जाती है।

4. अंगकोर वाट मंदिर कंबोडिया
यूनेस्को की विश्व धरोहर में सम्मिलित अंगकोर वाट मंदिर दक्षिण-पूर्वी एशिया की वास्तुकला का अनूठा और उत्कृष्ट उदाहरण है। भारत से लगभग 4800 किलोमीटर की दूरी पर कंबोडिया देश के अंकोर शहर में स्थित यह मंदिर विश्व का सबसे बड़ा हिंदू मंदिर कहलाता है। कंबोडिया देश के लोगों के लिए भगवान विष्णु का यह मंदिर इतना मान्य है कि उनके राष्ट्रीय ध्वज पर भी इसका चिन्ह अंकित है। ऐसा कहा जाता है कि स्वयं प्रभु इंद्र ने महल के तौर पर अपने पुत्र के लिए किस मंदिर को बनवाया था। अंगकोर वाट मंदिर के चारों तरफ एक विशालकाय खाई है।