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पक्षियों की तरह घोंसले में रहते है लोग, पूर्वजों ने मंगोलों से बचने के लिए किया था निर्माण

30/08/2021
पूरब टाइम्स। हर किसी का सपना अच्छे और आलीशान घर में रहने का होता है. हर कोई चाहता है उसका अपना घर हो तथा उसमें खूब सारी जगह हो. हर कोई चाहता है कि उसका अपना घर ऐसी जगह हो जहां हरियाली हो तथा वहां सूरज की रोशनी आती रहे. जिससे कि वह अपने घर में सुकून से रह सके. हालांकि इस धरती पर एक ऐसा गांव है. जहां के लोग पिछले 700 सालों से घर में नहीं बल्कि घोसले में रहते हैं. यह घर एकदम चिड़ियों के घोंसलों की तरह दिखता है.

आप जानकर हैरान रह जाएंगे कि ये लोग एक दो साल से नहीं, बल्कि कई पीढ़ियों से ऐसे घरों में रह रहे हैं. ऐसा गांव ईरान में है. ईरान के कंदोवन गांव के लोग घोंसलानुमा घरों में रहते हैं. अपनी अजीबोगरीब परंपरा के लिए ये गांव और यहां रहने वाले लोग दुनियाभर में मशहूर हैं. इस गांव के लोग पक्षियों की तरह घोंसले बनाकर रहते हैं. आप भले ही इन घरों को आम घर समझते हैं, लेकिन इस घर की खासियत जानकर आप हैरान रह जाएंगे.

इस घर में सर्दियों में गर्मी और गर्मियों में ठंडी रहती है. ये घर देखने में भले ही अजीब लगें, लेकिन रहने में काफी आरामदायक है. यह गांव 700 साल पुराना है. यहां रहने वाले लोग न हीटर का इस्तेमाल करते हैं, न ही एसी का इस्तेमाल करते हैं. यहां गर्मी के मौसम में ठंडी रहती है, जबकि सर्दी में गर्मी रहती है. अब आप सोच रहे होंगे कि इन घरों का निर्माण कैसे और क्यों हुआ? यहां रह रहे लोगों के पूर्वजों ने मंगोलों के हमलों से बचने के लिए ये घर बनाए थे.

कंदोवन के प्रारंभिक निवासी यहां हमलावर मंगोलों से बचने के लिए आए थे. वे छिपने के लिए ज्वालामुखी चट्टानों में ठिकाना खोदा करते थे तथा वहीं उनका स्थायी घर बन जाता था. दुनियाभर में यह गांव अपने अनोखे घरों के लिए जाना जाता है.