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रहस्यों से भरा है गीजा का पिरामिड? क्या एलियंस ने बनाया था

29/08/2021
पूरब टाइम्स। पृथ्वी पर ऐसी कई प्राचीन संरचनाएं मौजूद हैं, जो अपने भीतर ना जाने कितने राज को दफन किए हुए हैं। उन्हीं में से एक है गीजा का पिरामिड। इनका निर्माण आज से लगभग 4 हजार साल पहले हुआ था। इजिप्ट में स्थित ये पिरामिड कई रहस्यों को अपने भीतर समेटे हुए हैं। इन पिरामिडों का लंबे समय तक अध्ययन करने के बाद भी पुरातत्वविद इस निष्कर्ष पर नहीं पहुंच पाए हैं कि उस दौर में इसे बनाया कैसे गया था? प्राचीन समय में जब इंसानी सभ्यता अपने विकास और उत्थान के मार्ग को खोज रही थी। उस वक्त इतनी विशाल संरचना को खड़ा करना वाकई ताज्जुब करने वाली बात है। लगभग 4 हजार वर्ष पहले जब इंसान के पास उत्तम किस्म के औजार तक नहीं थे। उस दौर में इतने बड़े ढांचे को बनाना बात समझ के परे है। कई विशेषज्ञों का कहना है कि गीजा का पिरामिड इंसानों ने नहीं बल्कि एलियंस ने बनाया था। हालांकि उनकी बातों में कितनी हकीकत है और कितना फसाना। ये कोई नहीं जानता। 
 
आपको बता दें कि पिरामिड में लगे हर एक मोनोलिथ ब्रिक का वजन करीब 2 टन है। वहीं कुछ मोनोलिथ ब्रिक का वजन 50 टन तक है। प्राचीन मिस्र के लोगों को उस दौरान पहिये के इस्तेमाल की जानकारी नहीं थी। ऐसे में सवाल उठता है कि उन्होंने इन भारी भरकम पत्थरों को नील नदी की दूसरी तरफ से इस तरफ लाकर कैसे पिरामिड का निर्माण किया? आपको जानकर हैरानी होगी लेकिन गीजा के तीनों पिरामिड ओरायन बेल्ट के तीनों सितारों के साथ श्रेणीबद्ध तरीके से एलाइन्ड हैं। आज से लगभग 4 या 5 हजार साल पहले प्राचीन मिस्र के लोगों को अंतरिक्ष के विषय में कुछ भी पता नहीं था। ऐसे में उन्होंने पिरामिड को ओरायन बेल्ट के इन तीन सितारों के साथ मेल बनाकर कैसे निर्मित किया? ये आज तक एक रहस्य का विषय बना हुआ है।

पिरामिड की दीवारों पर कई हीरोग्लिफ मिले हैं, जिनमें हैलिकॉप्टर, अंतरिक्षयान जैसे आधुनिक चीजें अंकित हैं। यही नहीं इनमें सबमरीन और स्पेसशिप जैसे आधुनिक वाहन भी देखे जा सकते हैं। इसी वजह से कई कॉन्सपिरेसी थ्योरिस्ट्स का कहना है कि प्राचीन मिस्र के लोगों का परग्रही जीवन के साथ संबंध था। पिरामिड के अंडरग्राउंड की दीवारों पर एक चित्र अंकित है, जिसमें ये स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि कुछ व्यक्ति बल्ब जैसे आकार की किसी चीज को उठा रखे हैं। बल्ब का आविष्कार पिछली सदी में एडीसन ने किया था। क्या प्राचीन मिस्र के लोगों को बल्ब के विषय में जानकारी थी? इस राज से भी पर्दा नहीं उठ पाया है। ऐसे ना जाने कितने रहस्य गीजा के पिरामिड के भीतर दफन हैं, जो इस ओर इशारा करते हैं कि प्राचीन मिस्र के लोगों का संपर्क परग्रही जीवन के साथ था। हालांकि इस बात में कितनी सच्चाई है ये आज भी कोई नहीं जानता।