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सावन स्पैशलः महिलाओं को सावन व्रत में क्या करना चाहिए और क्या नहीं?

22/07/2021
पूरब टाइम्स। हिंदू धर्म में सावन महीने का खास महत्व है, जो 24 जुलाई से शुरू हो रहा है। हालांकि जो लोग संग्रात से सावन पर्व मनाते हैं उसके लिए 17 जुलाई से महीना शुरू हो चुका है। सावन महीने के प्रत्येक सोमवार कुवांरी लड़कियां भगवान शिव का व्रत करती हैं , ताकि उन्हें मनचाहा वर मिले। वहीं, सुहागन औरतें पति की अच्छी सेहत व लंबी उम्र के लिए व्रत रखती हैं। मगर, व्रत के दौरान कुछ नियमों का पालन करना बहुत जरूरी है। आज हम आपको यही बताएंगे कि सावन व्रत में क्या करना चाहिए और क्या नहीं?

सावन में क्‍या करना सही?
1. सुबह स्नान करने के बाद मंदिर जाकर भगवान शिव की अराधना करें। दूध, दही, घी, शहद और गंगाजल का पंचामृत बनाकर अभिषेक करें और भांग का भोग लगाएं। साथ-साथ ओम नम: शिवाय मंत्र का जप करें।
2. कथा पढ़ते समय सभी नकारात्मकता, बुरे विचार, काम, क्रोध और लोभ को दूर रखें। कथा पढ़ने के बाद व्रत का संकल्प लें।
3. व्रत रखने वाले लोगों को रोजाना कम से कम 108 बार महामृत्‍युंजय मंत्र का जप करना चाहिए।
4. ध्यान रखें कि भूलकर भी व्रत बीच में न तोड़े क्योंकि शास्‍त्रों में ऐसा करना गलत माना गया है।
5. अगर आप पूरे दिन व्रत नहीं कर सकते हैं तो एक समय फलाहार करें।
6. सुबह बड़े-बुजुर्गों के पैर छूकर उनसे आशीर्वाद जरूर लें।
7. भगवान शिव को बेलपत्र अर्पित करना चाहिए। हिंदू शास्त्रों के अनुसार, भगवान शिव को बेल के पत्ते बेहद प्रिय हैं और सावन माह के दौरान उन्हें चढ़ाने से उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है।

सावन में क्‍या न करें?
महिलाएं ना लगाएं शिवलिंग को हाथ
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शिवलिंग को छूने से माता पार्वती नाराज हो जाती हैं इसलिए महिलाओं को शिवलिंग को हाथ लगाने की मनाही होती है। मगर, ऐसा नहीं है कि महिलाएं शिवलिंग की पूजा नहीं कर सकती।

बालों को खुला छोड़ना
शास्त्रों के अनुसार, महिलाओं को बाल खुले नहीं छोड़ने चाहिए क्योंकि इससे परिवार में नाकारात्मक ऊर्जा आती है। शास्त्रों में भी जिक्र है कि विवाह के दौरान माता सीता की मां ने उन्हें हमेशा बाल बांधे रखने को कहा था। बंधे हुए बाल रिश्तों को भी बांधकर रखते हैं। साथ ही महिलाएं इस दौरान बाल-नाखून और पुरुष दाढ़ी ना कटवाएं।

शिव भगवान को हल्दी ना लगाएं
भले ही हल्दी पूजा आदि कार्यों के लिए शुभ माना जाता हो लेकिन भगवान शिव को हल्दी लगाना अशुभ माना जाता है। पूजा में शिव भगवान को भांग, धतूरा, बेलपत्र, सफेद फूल, शहद, फल आदि चढ़ाएं।

ना खाएं ये चीजें
सावन महीने में भूलकर भी शराब, मांस-मछली, तामसिक भोजन का सेवन ना करें। इस दौरान अदरक, मूली, बैंगन, लहसुन, कढ़ी, गन्ने का जूस, काली मिर्च और प्‍याज का सेवन भी वर्जित माना जाता है क्योंकि ये चीजें भगवान शिव को पसंद नहीं है।

इन बातों का भी रखें ध्यान
-सावन महीने में अपनी वाणी पर भी कंट्रोल रखें, खासकर व्रत रखने वाले लोग। इससे परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है।
-कहा जाता है कि सावन महीने में भगवान शिव धरती का भ्रमण करते हैं इसलिए इस दौरान साफ-सफाई का खास ध्यान रखें।
-व्रत रखकर दिन के समय ना सोएं क्योंकि यह भगवान शिव का अपमान माना जाता है।
-मासिक धर्म के दौरान महिलाएं शिवलिंग की पूजा ना करें क्योंरि ऐसा करना वर्जित माना जाता है।
-व्रत रखने वालों को काले कपड़े नहीं पहनने चाहिए। इससे नकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है।
-चमड़े से बनी चीजें जैसे चप्पल, बेल्ट व बैग आदि का भी यूज ना करें।
-भगवान शिव को पर्यावरण बेहद प्रिय था इसलिए पेड़ों को सिर्फ सावन ही नहीं बल्कि कभी ना काटें।
-बड़े, बुजुर्ग, छोटे बच्चों या किसी भी कांवर यात्री का अपमान न करें।