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गुस्ताखी माफ

26/09/2019

डोनाल्ड ट्रम्प ने खुद को साबित किया सबसे बड़ा लबाड़ ( झूठा) , मोदीजी सहित पूरा भारत हैरान 

सचमुच डोनाल्ड ट्रम्प झूठों का बादशाह है .होशियार बिल्ली की तरह भारत और पाकिस्तान के कंधों पर , अलग अलग समय हाथ रखकर, होशियारी दिखाते हुए अपने को फिर मध्यस्थ ( आर्बिट्रेटर) बनवाने का दांव चला , तो उधर अपने अगले चुनाव में अमेरिकन भारतीयों के वोट पाने के लिये भारतीयों के सबसे बड़े हितचिंतक दिखाने की कोशिश की . ह्यूस्टन शो के बाद भारत में लोग बम-बन थे कि मोदीजी ने पाकिस्तान के खिलाफ कैसी कूटनीतिक सर्जिकल स्टाइक कर दिखाई . अब इमरान खान क्या खाकर, डोनाल्ड ट्रम्प के आगे रोना रोयेंगे लेकिन अगले 24 घंटे में ही ट्रम्प ने पल्टी मारते हुए न्यूयॉर्क में इमरान खान से मुलाक़ात के बाद बताया कि पाकिस्तान के दोस्त हैं और प्रधानमंत्री इमरान खान महान नेता हैं . फिर भारत की दो टूक इच्छा व स्टैण्ड के बावजूद वह वापस बोले , कश्मीर पर भारत और पाकिस्तान में सुलह कराने के लिये तैयार, इच्छुक और समर्थÓ हूं . यदि मैं मदद करूं, मैं  ज़रूर मदद करूंगा .. यदि भारत और पाकिस्तान दोनों ने चाह तो मैं तैयार हूं . मेरे प्रधान मंत्री मोदी से अच्छे संबंध हैं . मेरे प्रधानमंत्री इमरान खान से अच्छे संबंध हैं .. मैं बहुत ही अच्छा पंच हौंगा .. मैं कभी भी बतौर आर्बिट्रेटर फेल नहीं हुआ हूं .Ó ट्रंप ने ये तमाम बातें इमरान खान से बातचीत के बाद उनके साथ प्रेस ब्रीफिंग में कहीं। जाहिर है मीडिया को, दुनिया को राष्ट्रपति ट्रंप ने हाल के दो महीने में तीसरी बार बताया है कि कश्मीर का मसला पेचीदा है और वे इस मामले में पंचायत करते हुए मध्यस्थता चाहते हैं। इतना ही नहीं डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका-पाकिस्तान के रिश्तों में पाकिस्तान को नया सर्टिफिकेट देते हुए कहा कि बेचारे पाकिस्तान के साथ उनके पूर्ववर्ती राष्ट्रपतियों ने बहुत अन्याय किया। मेरी स्थिति में रहे लोगों ने पाकिस्तान के साथ बहुत बुरा किया....। मैं पाकिस्तान पर भरोसा करता हूं लेकिन मेरे पूर्ववर्तियों ने नहीं किया और वे नहीं जानते थे कि वे क्या कर रहे हैं!Ó हां यह भी ध्यान रहे वह ईरान जो इस्लामी देशों की बिरादरी में भारत का ज्यादा मददगार रहा है।  जिससे ट्रंप प्रशासन के दबाव में पहली बार भारत ने पूरी तरह तेल खरीदना हाल में बंद किया है। भारत ने अमेरिका को खुश करने के लिए ईरान से दोस्ती घटाई लेकिन बदले में नई हकीकत देखिए कि उस ईरान से बात करने के लिए सोमवार को ट्रंप ने इमरान खान से अनुरोध किया। हां, ट्रंप की तरफ से इमरान खान ईरान से बात करने को अधिकृत हुए हैं।  ट्रंप ने सोमवार को इमरान खान से कहा कि तुम अमेरिका-ईरान रिश्तों के बीच मध्यस्थ बनो। बकौल पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी अमेरिकी राष्ट्रपति ने अमेरिका-ईरान के रिश्तों में गतिरोध खत्म कराने के लिए इमरान खान को अधिकृत किया। ह्यूस्टन के स्टेडियम में हुंकारों, आक्रामक तेवरों  के बीच मंच पर ट्रंप की लफ्फाजी को देख सवा सौ करोड़ भारतीय जनता गदगद  हो गई थी लेकिन अब उसका मुखौटा उतर गया है. मोदीजी ऐसे दोस्त से सावधान रहें ! 

मधुर चितलांग्या, संपादक, पूरब टाइम्स, भिलाई