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भिलाई नगर निगम ने वार्ड आरक्षण पर किया हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर, टल सकता है अगामी चुनाव

30/05/2021
पूरब टाइम्स भिलाई। निगम भिलाई का चुनाव अटक सकता है। दरअसल निगम के वार्ड आरक्षण को लेकर हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है। जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया है। सोमवार को इस पर सुनवाई होनी है। याचिका कर्ता ने नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 की धारा -11 एवं छत्तीसगढ़ नगर पालिका (अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग एवं महिलाओं के लिए वार्डों का आरक्षण) नियम 1994 में यह स्पष्टीकरण दिया गया है कि यदि किसी वार्ड का क्रमांक अथवा नाम परिवर्तन कर दिया जाता है।

किंतु वार्डों की सीमाएं यथावत है अर्थात वार्ड के मूल स्वरूप में कोई परिवर्तन नहीं हुआ है तो नवीन आरक्षण हेतु पूर्व वर्षों में आरक्षण स्थिति अनुसार चक्रानुक्रम लागू रहेगा। यदि कोई वार्ड को दो भागों में विभक्त कर दिए जाने से, वार्ड में नया क्षेत्र सम्मिलित हो जाने से अथवा वार्ड का पूर्व क्षेत्र कट कर दूसरे वार्ड में चले जाने से नए वार्ड बन जाते हैं तो पूर्व के वार्ड की चतुर्सीमा बदल जाने से नवगठित वार्ड बन जाने से आरक्षण के लिए चक्रानुक्रम लागू नहीं रहेगा।

ऐसे वार्डों को आरक्षण के लिए नया वार्ड माना जाएगा और लाटरी सिस्टम से आरक्षण किया जाएगा।
भिलाई निगम के सात ऐसे वार्ड हैं जो कि पहले की स्थिति में हैं जिनका जनगणना ब्लाक भी समान है और जनसंख्या भी समान है एवं सम्मिलित क्षेत्र भी समान है। जब जनसंख्या और जनगणना ब्लाक नहीं बदले हैं तो फिर इनकी चौहदी भी नहीं बदली होगी तो फिर इन वार्डो को नया वार्ड नहीं माना जा सकता है और इन सातों वार्डों का आरक्षण चक्रानुक्रम में कराया जाना था, लेकिन इन सात वार्डों को भी नया वार्ड मानते हुए लाटरी के माध्यम से आरक्षण कराया गया है जिस कारण से इन सात वार्डों के साथ-साथ और भी कई सारे वार्ड गलत आरक्षण से प्रभावित हुए हैं।