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छत्तीसगढ़ के पास कोवैक्सीन का दूसरा डोज लगाने की वैक्सीन नहीं,18 + आयु वर्ग के टीकाकरण पर गंभीर संकट

27/05/2021
पूरबटाइम्स रायपुर।  18 से 44 वर्ष आयु वर्ग के टीकाकरण पर गंभीर संकट खड़ा हो गया है। वैक्सीन का दूसरा डोज लगने की तारीख नजदीक आ गई है। वहीं सरकार के स्टॉक में वैक्सीन है ही नहीं। अगर समय से वैक्सीन नहीं मिली तो लोगों का पहला डोज लेना भी बेकार हो जाएगा। दरअसल राज्य सरकार ने अपने खर्च पर एक मई से 18 + का टीकाकरण शुरू किया था। पहले दिन कोवैक्सीन की 1.50 लाख डोज आई थी। पहले दिन 1945 लोगों को टीका लगाया गया। दूसरे दिन 8 हजार 579 लोगों को कोवैक्सीन दिया गया। शुरुआती दिनों में ही उस खेप से एक लाख 46 हजार 591 लोगों को टीका लगा दिया गया। दूसरी डोज के साथ जुड़े संकट के लिए ही 3 हजार 409 डोज बचा लिया गया।

कोवैक्सीन के उत्पादक भारत बायोटेक ने मई महीने में 3 लाख डोज की आपूर्ति की जानकारी दी थी, लेकिन एक मई के बाद उनकी कोई खेप नहीं पहुंची। डॉक्टरों के मुताबिक कोवैक्सीन की पहली खुराक लेने के 28 दिन बाद दूसरी खुराक लगाई जानी है। इस मान से जिन लोगों ने एक मई को कोवैक्सीन का टीका लगवाया था, उन्हें 29 मई को दूसरा टीका लगना है। राज्य टीकाकरण अधिकारी डॉ. अमर सिंह ठाकुर ने बताया, राज्य वैक्सीन भंडार में बुधवार सुबह तक कोविशील्ड के 40 हजार डोज और कोवैक्सीन के करीब 4 हजार डोज बचे थे। उसमें से कोविशील्ड को अधिकतर को जिलों में भेज दिया गया। दोनों टीका उत्पादकों ने अभी अगली खेप की कोई सूचना नहीं दी है। वहीं 45 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लिए केंद्र सरकार कोटे की 2 लाख डोज वैक्सीन आज रायपुर पहुंच रही है। यह भी कोविशील्ड वैक्सीन होगी।

केंद्र से मांगी 45 + कोटे से वैक्सीन लेने की अनुमति
टीकों की कमी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने अब सरकार ने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर मदद मांगी है। स्वास्थ्य विभाग ने वैक्सीन उपलब्ध कराने की मांग की है। कहा गया है कि अगर संभव हो तो केंद्र सरकार के चैनल से 45 + के लोगों के लिए भेजी गई वैक्सीन में से उपयोग की अनुमति दी जाए।

दो दिन से एकदम कम हो गया है टीकाकरण
टीकों की कमी की वजह से प्रदेश में टीकाकरण की रफ्तार एकदम से कम हो गई है। बुधवार रात 9 बजे तक के आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में केवल 8 हजार 704 लोगों को टीका लगाया जा सका। मंगलवार को 10 हजार 119 लोगों को टीका लग पाया था। अभी तक 7 लाख 60 हजार 21 लोगों को टीका लगाया जा चुका है।