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कोरोना रोकथाम में प्रशासन की बात नहीं मानी तो हो सकती है दो साल की जेल, जुर्माना भी देना होगा

10/03/2021
रायपुर। कलेक्टर डाॅ एस भारतीदासन ने रायपुर जिले में कोरोना वायरस (कोविड़-19) प्रकरणों की बढ़ती संख्या को देखते हुए जिला प्रशासन के प्रत्येक स्तर पर कोरोना वायरस से बचाव एवं रोकथाम के लिए योजनाबद्ध एवं नियमित रूप से कार्य करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने ये निर्देश रेडक्रास सोसायटी के सभाकक्ष में आज आयोजित जिला कोविड टास्क फोर्स की बैठक में दिए। उन्होंने कहा कि कोविड के प्रसार को रोकने के लिए सभी इंन्सिडेट कमांडर फील्ड में जाकर कार्य करें, कॉन्ट्रैक्ट ट्रेसिंग का कार्य भी प्रभावी रूप से किया जाए।

कलेक्टर ने कहा कि यह देखा जा रहा है कि लोग मास्क को लेकर गंभीर नहीं है। उन्होंने ऐसे लोगों जिनके द्वारा कोविड के लिए जारी शासन-प्रशासन के नियमों और आदेशों का पालन नही किया जा रहा है, के विरुद्ध सख्त कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा होम आईसोलेशन के दिशा-निर्देशों का पालन अनिवार्य रूप से किया जाए। कलेक्टर ने यह भी कहा कि देश के अनेक राज्यों कोरोना के प्रकरण बढ़े है और पिछले वर्ष भी इसी समय कोरोना के प्रकरणों में तेजी से वृद्वि हुई थी और आगामी समय में भी प्रकरणों की संख्या बढ़ने की आशंका है, ऐसे में सभी संबंधित अधिकारी कार्य योजना बनाकर समयसीमा में समुचित कार्रवाई करें।

कलेक्टर ने नागरिकों से अपील की वे अपनी ओर से कोरोना से बचाव और सुरक्षा के लिए कोरोना संबंधी सामाजिक व्यवहार का पालन करें। मास्क का अनिवार्य रूप से उपयोग करें, सामाजिक दूरी बना कर रखें और सेनेटाईजर आदि का उपयोग करें। कलेक्टर ने जिले में कोरोना वायरस (कोविड-19) से बचाव एवं रोकथाम कार्य में संलग्न सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों तथा सभी इंसिडेंट कमांडर को एक्टिव सर्विलांस कार्य पर व्यक्तिगत रूप से ध्यान देने को कहा तथा इसका नियमित रूप से पर्यवेक्षण और समीक्षा करने को कहा। 

कलेक्टर ने कहा कि आपदा प्रबंधन कार्य में बाधा उत्पन्न करने वाले के विरूद्ध भारतीय दण्ड संहिता, 1860 की धारा 188, आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 51-60, एपिडेमिक डिसीजेज एक्ट, 1897 यथा संशोधित 2020 के सुसंगत प्रावधान सहपठित छत्तीसगढ़, एपिडेमिक डिसीजज कोविङ-19 रेगुलेशन 2020 के रेगुलेशन 14 के अधीन संबंधित पुलिस थाना में एफ.आई.आर. दर्ज कराई जाएगी। एफ.आई.आर दर्ज कराने का उत्तरदायित्व संबंधित इंसिडेंट कमांडर का होगा, जिसके लिये इसिडेंट कमांडर द्वारा अधीनस्थ अधिकारियों को प्राधिकृत किया जा सकता है।