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एनडीआरएफ की टीम द्वारा बाढ़ प्रभावितों के बचाव एवं राहत के लिए मॉक एक्सरसाइज का रोमांचक प्रदर्शन

12/02/2021

राजनांदगांव। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन बल भारत सरकार, तीसरी बटालियन मुंडाली कटक ओडिशा की टीम द्वारा आज रानीसागर तालाब में बाढ़ प्रभावितों के बचाव एवं राहत के लिए मॉक एक्सरसाइज किया गया। इस रोमांचक प्रदर्शन में टीम के कुशल एवं प्रशिक्षित तैराक के द्वारा बाढ़ में फंसे गांव के लोगों को रेस्क्यू किया गया।

एवं उन्हें सुरक्षित निकाला गया। इसी दौरान नाव पलटने की स्थिति में रिमोट लाईफ बॉय के द्वारा ड्राय मेथड से तैरना नहीं जाने वालों को भी बचाया गया। एक व्यक्ति के गुम हो जाने पर बोट के द्वारा व्हर्लपूल बनाकर उस क्षेत्र में दबाव बनाया गया ताकि गुम हुए व्यक्ति का शरीर ढूंढा जा सके। इस विधि का प्रयोग तब किया जाता है जब पानी गहरा हो।

कुशल तैराक द्वारा पानी के अंदर जाकर गुम व्यक्ति को खोजा गया। खाली बोटल से बनी लाइफ जेकैट से भी व्यक्ति का शरीर पानी की सतह पर बना रह सकता है। जिसकी क्षमता 72 घंटे तक होती है। इसी तरह खाली जरिकेन एवं फुटबॉल तथा दो लकड़ी के बनोगो से भी व्यक्ति पानी की सतह पर बने रह सकते हैं और जान बच सकती है।

कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा ने बताया कि एनडीआरएफ की टीम द्वारा बाढ़ प्रभावितों के राहत एवं बचाव के लिए आज यहां अभ्यास किया गया है। जिसमें पुलिस प्रशिक्षण स्कूल एवं होमगार्ड के जवानों ने भी भाग लिया है। बारिश के मौसम में अधिक पानी गिरने पर बाढ़ के हालात होते हैं। तब ऐसी स्थिति में रातभर टीम को अलर्ट करना पड़ता है और गांव में मुनादी कराई जाती है।

आज जवानों ने यह सीखा है कि जब कोई बाढ़ में फंस जाए तो कैसे बचाव करना है। पुलिस प्रशिक्षण स्कूल के जवानों ने पहली बार ऐसे अभ्यास में भाग लिया है। स्वयं सेवी संस्थाओं ने ऐसी परिस्थितियों में राहत कार्यों में अपनी सहभागिता निभाई है। उन्होंने कोविड-19 महामारी के दौरान जिले में स्वयं सेवी संस्थाओं के कार्यों की सराहना की। कलेक्टर लाइफ जैकेट पहनकर मॉक एक्सरसाइज में शामिल हुए।

राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन बल भारत सरकार, तीसरी बटालियन मुंडाली कटक ओडिशा के असिस्टेंट कंमान्डेट सुरजीत सिंह ने मॉक एक्सरसाइज के दौरान जवानों को बाढ़ की स्थिति में राहत कार्य के लिए जानकारी दी। उन्होंने पुलिस प्रशिक्षण स्कूल, होमगार्ड, एनसीसी, एनएसएस एवं अन्य संस्थाओं से आए युवाओं को खाली बॉटल एवं जेरीकेन से एवं लकड़ी के गो से जान बचाने की कई युक्तियां बताई। उन्होंने सांप काटने के दौरान दिए जाने वाले फस्र्ट एड के संबंध में भी जानकारी दी।