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दुर्ग के गोंडपेन्ड्री के ग्रामीणों को हो रही है धूल से परेशानी , रोकी गाड़िया

24/12/2020
पाटन/सेलूद । दुर्ग-पाटन मुख्य मार्ग के किनारे धूल व डस्ट से परेशान गोंड़पेंड्री के ग्रामीणों ने मंगलवार को खदान की तरफ जाने वाले रोड को बैरिकेड लगाकर जाम कर दिया। महिलाएं पुरुष बड़ी संख्या में कुर्सी लगाकर बैठ गए। इससे खदान जाने वाले वाहनों का आना-जाना बंद हो गया।

मार्ग अवरुद्ध करने के बाद पहुंची उतई पुलिस द्वारा अफसरों से बात करने व हल निकालने का आश्वासन देने के बाद मामला शांत हुआ। वहीं सोमवार की सड़क दुर्घटना के बाद फूंडा के लोगों ने भी रास्ता बंद कर दिया था। दोनों गांव के लोगों को बुलाकर एसडीएम ने खदान संचालकों के साथ बैठक कर रास्ता निकाला। क्षेत्र के सेलूद, चुनकट्टा, मुड़पार, पतोरा, परसाही, गोड़पेंड्री, छाटा, ढौर, अचानकपुर में दर्जन भर से अधिक चूना पत्थर खदान संचालित है।

खदान संचालकों द्वारा मनमानी पूर्वक हैवी ब्लास्टिंग की जाती है। इससे पूरा गांव ब्लास्टिंग के कंपन व धूल से परेशान रहता है। इसी से तंग आकर गोड़पेंड्री के ग्रामीणों द्वारा टेंट लगाकार खदान प्रवेश मार्ग पर जाने वाली गाड़ियों को रोक दिया गया। ग्रामीणों ने बताया कि इससे लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है। साथ ही साथ घर की सफाई व्यवस्था भी चरमरा गई है।

पाटन में बैठक के बाद शुरू हुआ आवागमन

जैसे ही सड़क जाम करने की खबर एसडीएम को मिली तो उन्होंने ग्रामीणों से चर्चा की। ग्रामीणों के प्रतिनिधि के रूप में ग्राम पंचायत के सरपंच एवं खदान संचालकों को पाटन बुलाया। पाटन में हुई बैठक में मुख्यमंत्री के ओएसडी आशीष शर्मा भी मौजूद रहे। सभी की सहमति से यह तय हुआ कि जब तक सड़क निर्माण नहीं हो जाता तब तक धूल व डस्ट न उड़े इसके लिए सड़क पर रोज पानी का छिड़काव किया जाएगा।

इसके अलावा खदान संचालकों से भी कहा गया कि वे वाहन की गति को घनी आबादी क्षेत्र में धीरे करवाएं जिससे दुर्घटना ना हो। बैठक में एसडीएम विनय पोयम के साथ ही ग्राम पंचायत फूंडा एवं गोंडपेंड्री व छाटा के भी सरपंच मौजूद रहे। ज्ञात हो कि ग्रामीणों का कहना था कि इस मार्ग से दर्जनों वाहन चलते हैं, इस कारण यह मार्ग काफी व्यस्त मार्ग है। खदानों से गिट्टी, डामर फैक्ट्री से डामर एवं सीमेंट फैक्ट्री से सीमेंट लेकर यहां पर वाहन आते जाते हैं।

कई बार हो चुकी है सड़क दुर्घटना

भारी वाहनों के आने-जाने के कारण इस स्थान पर इससे पहले भी कई बार सड़क दुर्घटनाएं हो चुकी है। इसी स्थान पर कुछ माह पहले एक गांव के ही बुजुर्ग का ट्रक से कुचलकर मौत हो गई है। वहीं इसके पास में ही कुछ ही दूरी पर एक युवक की भी सड़क दुर्घटना में मौत हो चुकी है। अंधे मोड़ होने के कारण और भारी तेज रफ्तार से चलने के कारण यहां पर हमेशा दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है। इस कारण से भी ग्रामीण काफी भयभीत हैं।