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राजनीतिक विरासतधारी को भिलाई के बुद्धिजीवी मतदाता क्या नगर निगम की कमान सौंपेंगे ?

03/12/2020
 -क्या पार्टी कार्यकर्ता पूर्व मंत्री के सुपुत्र का नेतृत्व स्वीकार करेंगे ? जोकि पार्टी के संगठन से अलग हट अपने ताक़त दिखाने में तुले हैं 
- क्या भाजपा इस बार भिलाई निगम में राजनीतिक विरासतधारी को उतारेगी ?  क्या पिता अपने पुत्र को मैदान पर उतारने का मन बना चुके हैं ? 
- क्या जिला भाजपा का पार्टी संगठन व अन्य गुट , आसानी से , उन्हें ताक में रखने वाले की दावेदारी को समर्थन व बाद में चुनाव में साथ देंगे  

पूरब टाइम्स , भिलाई , दिसंबर माह के अंत में , भिलाई नगर पालिका निगम के चुनाव की पूर्व नियत तिथियां होनी थी परंतु अभी तक रदेश चुनाव आयुक्त व प्रदेश सरकार ने किसी भी प्रकार का कोई भी संकेत नहीं दिया है परंतु भिलाई के स्थानीय पूर्व मंत्री पुत्र , जोकि एक गैर राजनैतिक संगठन के पदाधिकारी हैं , ने एक राजनैतिक बयान देकर चुनावी आरोप प्रत्यारोप व चर्चाओं की शुरुआत कर दी है. विदित हो कि पिछले भिलाई के नगर निगम के चुनाव में भी उक्त मंत्री ने अपनी नाराजग़ी दिखाते हुए कई दिनों तक पार्टी के अधिकृत कैंडिडेट का साथ नहीं दिया था . कहा तो यहां तक जाता है कि एक निर्दलीय प्रत्याशी ,  उक्त पूर्व मंत्री के आश्वासन से ही चुनावी मैदान में अंत तक डटे रहे . अब फिर से चुनाव की बेला आ गई है और पिछले 5 सालों से गर्दिश में रह रहे , पिता –पुत्र के लिये फिर मौका आ गया है कि वे अपने राजनीतिक निर्वासन को दूर करें . ऐसे हालात में पूर्व मंत्री पुत्र द्वारा , पांच सालों तक बिना किसी राजनीतिक गतिविधि के , यकायक , वर्तमान शहर सरकार से सवाल पूछने पर लोग मज़े ले रहे हैं . पूरब टाइम्स की एक रिपोर्ट .....

पूर्व मंत्री पुत्र ने पार्षद चुनावों के बहाने अपनी पहली राजनीतिक पारी की शुरवात करने की घोषणा कर दी है , अब आगे क्या होगा ?

पूर्व मंत्री पुत्र अपने पिता के समर्थकों के विश्वास पर सवार होकर भिलाई निगम की अगली पारी में किस्मत आजमाने की सुरसुरी छोड़ कर चुका हैं लेकिन उसके बाद पूर्व मंत्री के करीबियों और समर्थकों के बीच यह चर्चा छिड़ गई है कि क्या पूर्व मंत्री पुत्र के कारण भाजपा के कई वरिष्ठ कार्यकर्ता और स्थानीय नेता महापौर बनने के अवसर से वंचित कर दिए जायेंगे ? वैसे अभी पूर्व मंत्री पुत्र की तथाकथित घोषणा की कोई अधिकृत जानकारी भाजपा की स्थानीय इकाई से प्रेस और मीडिया को नहीं मिली है इसलिए इस मामले में कई प्रकार की चर्चा चल रही है . वैसे स्थानीय कांग्रेस के लिए पूर्व मंत्री पुत्र कोई मायने नहीं रखता है इसलिए किसी ने पूर्व मंत्री पुत्र की तरफ से आने वाली तथा कथित खबरों को गंभीरता से नहीं लिए है इसलिए स्वाभाविक है कि पूर्व मंत्री पुत्र बेहद असहज महसूस कर रहा होगा .


विगत भिलाई निगम चुनाव में अपनी दावेदारी पर पार्टीगत मुहर लगवाने में विफल मंत्री पुत्र का पुन: प्रयास क्या सफल हो पायेगा ?

विगत भिलाई नगर निगम चुनाव के दौरान तत्कालीन प्रदेश भाजपा सरकार के चर्चित मंत्री पुत्र तत्कालीन भाजपा की स्थानीय इकाई ने चुनाव लडने के लिए महापौर और पार्षद दोनो निर्वाचित पदों के लिए योग्य नहीं समझा और पूर्व मंत्री पुत्र को निगम चुनावों में अपनी किस्मत आजमाने का मौका नहीं मिला . अब पुन: निगम चुनाव आ गए हैं और पूर्व मंत्री पुत्र भिलाई निगम चुनावों में अपना स्थान तलाशता नजर आ रहा है . सूत्रों के अनुसार पूर्व मंत्री के समर्थक,  मंत्री पुत्र को आश्वस्त कर दावेदारी करवा रहे हैं लेकिन सूत्र यह भी बता रहे है कि स्थानीय भाजपा इकाई के पदाधिकारी पूर्व मंत्री पुत्र को समर्थन करने के मूड में नजर नहीं आ रहें हैं .

निगम चुनावों की पहली राजनैतिक दस्तक देने वाले मंत्री पुत्रों की घोषणाओं का इंतजार खत्म हुवा,  भाजपा के पूर्व मंत्री पुत्र की पहल चर्चा में आ गई है ?

पूर्व मंत्री पुत्र को भिलाई निगम चुनाव जितने का तथाकथित आश्वासन देने वाले लोग इस चर्चा को हवा देने में सफल होते नजर आ रहे है कि पूर्व मंत्री पुत्र भिलाई निगम का सशक्त पार्षद प्रत्याशी बनेगा लेकिन अभी यह चर्चा का आधार क्या है ? इस पर से किसी ने पर्दा नहीं उठाया है . भिलाई में किसी के पास इस बात की अधिकृत जानकारी नहीं है कि पूर्व मंत्री पुत्र आखिर किस वार्ड से चुनाव लडने की तैयारी कर रहा है इसलिए पूर्व मंत्री के समर्थक होने के नाते जो लोग पूर्व मंत्री पुत्र का समर्थन भिलाई निगम चुनावों में करने की सोच रहे है, वे अभी इस प्रश्न का उत्तर भी तलाश रहे है कि पूर्व मंत्री पुत्र आखिर किस वार्ड से चुनाव लडने मैदान में उतरने वाले है .