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12 सूत्रीय मांगों को लेकर शहर के सफाई कामगारों ने किया प्रदर्शन

06/11/2020

दुर्ग। दुर्ग शहर के 60 वार्डों में सफाई कामगारों द्वारा सफाई व्यवस्था बंद कर हड़ताल में जाने का निर्णय लिया गया। विदित हो कोविड 19 महामारी में भी हजारों सफाई कामगार एवं सुपरवाइजर अपनी सेवाएं लगातार निगम क्षेत्र में देते रहे हैं आज उन्होंने ज्वलंत समस्याओं का निराकरण करने हेतु निगम दफ्तर का घेराव किया। 

गौरतलब है कि सफाई कर्मियों द्वारा रविवार के दिन कार्य कराए जाने, ओवर टाइम का भुगतान नहीं होना, भाजपा शासन के समय वार्ड 1 से 10 एवं 51 से 60 तक रिक्शा चालक के रूप में कार्यरत कामगारों को सितंबर 2017 में प्लेसमेंट से एमसीसी में डाल दिया गया उन्हें पुनः प्लेसमेंट में बहाली करने, भविष्य निधि फंड, चिकित्सा फंड की निगम कार्यालय से जानकारी देने, सफाई कामगारों का पक्ष सुने बिना वेतन काटने, सफाई सुपरवाइजर को लोकेशन फोटो के माध्यम से 7 बार फोटो मंगाए जाने एवं दीवाली के अवसर पर प्रोत्साहन राशि देने जैसी मांगें आयुक्त इंद्रजीत बर्मन से पूर्व में की गई थी किन्तु सुनवाई नहीं हो सकी थी। जिसके बाद कर्मियों ने कामबंदी व घेराव का निर्णय लिया।

शहर में सफाई व्यवस्था ठप्प होने की जानकारी विधायक अरुण वोरा को मिलने पर उन्होंने महापौर एवं आयुक्त को सफाई कर्मियों की सभी जायज मांगों को तत्काल मान कर सफाई व्यवस्था बहाल करने का आग्रह करते हुए कहा कि वर्तमान में कोविड-19 महामारी के बीच दीपावली का त्यौहार सामने है जिसमें सफाई कामगारों की भूमिका महत्वपूर्ण है। कहीं भी कोरोना वारियर्स के रूप में सेवा देने वाले कर्मचारियों का अहित नहीं होना चाहिए। दिल्ली प्रवास में होने के बावजूद विधायक वोरा लगातार घटनाक्रम पर नजर रखते हुए कलेक्टर, महापौर एवं आयुक्त से फोन पर संपर्क बनाए हुए थे।

वोरा की पहल के बाद पुलिस बल द्वारा गेट पर ही रोक दिए गए हड़तालियों को अंदर बुलवाकर महापौर धीरज बाकलीवाल, सभापति राजेश यादव, आयुक्त इंद्रजीत बर्मन द्वारा कामगारों के प्रतिनिधिमंडल से सकारात्मक चर्चा की गई जिसमें ज्यादातर मांगों को मानते हुए भविष्य में ऐसी स्थिति ना उत्पन्न हो इसके लिए स्वास्थ्य प्रभारी के नेतृत्व में एक समिति गठित करने का निर्णय लिया गया। साथ ही दीवाली पर 15 प्रतिशत बोनस देने का भी आश्वासन दिया गया।