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दुर्ग निगम के कर्मचारी कोरोना वारियर्स का काम करके भी हो रहे प्रशासनिक प्रताड़ना का शिकार- अजय वर्मा

05/09/2020
दुर्ग। नेता प्रतिपक्ष के आग्रह पर राज्यसभा सांसद सरोज पांडे ने जिलाधीश से चर्चा कर मानवीय दृष्टिकोण को ध्यान में रखने कहा। गौरतलब है कि विगत 5 माह से वैश्विक महामारी का कोरोना काल चल रहा है। इस बीच में निगम कर्मचारियों ने कोरोनावायरस के रूप में अपनी अहम भूमिका निभाई है, ऐसे समय में जब लोगों को जान का भय बना हुआ है तब भी निगम कर्मचारियों ने अपनी सेवाएं देकर शहर में अनिवार्य सेवा जैसे जल प्रदाय सफाई एवं बिजली जैसे कार्यों को निर्बाध रूप से दुर्ग शहर में जारी रखा है.विगत दिवस दुर्ग नगर निगम के आयुक्त  का आदेश निगम के विभिन्न विभागों में जारी हुआ कि प्रत्येक कर्मचारी प्रति घंटे अपनी उपस्थिति मोबाइल ऐप के माध्यम से दर्ज कराएं अन्यथा की स्थिति में उनका वेतन काटा जाएगा ।

क्योंकि निगम में अनेकों ऐसे कर्मचारी है जिनका प्रति घंटा उपस्थिति दर्ज कराने के लिए मोबाइल में फोटो खींचकर भेजना संभव नहीं है, क्योंकि इस दौरान कोई कर्मचारी फाइलों में ध्यान लगाना छोड़ कर या डाक बांटते समय मोटरसाइकिल चलाना छोड़ कर यह बिजली के खंभे से उतर कर अपनी हाजिरी लगाएं यह अव्यवहारिक है। नेता प्रतिपक्ष अजय वर्मा ने आगे बताया कि अनेकों चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के पास एंड्राइड मोबाइल नहीं है कई कर्मचारियों को व्हाट्सएप चलाना नहीं आता इस स्थिति में जान जोखिम में डालकर काम करने के बावजूद वेतन कटने का डर कर्मचारियों के मन में बना रहता है, कर्मचारियों का पूरा ध्यान काम करने में नहीं बल्कि मोबाइल से हाजिरी लगाने में लगा रहता है, जिससे नगर निगम कर्मचारियों की कार्य क्षमता घट रही है।

इस विषय की चर्चा नेता प्रतिपक्ष अजय वर्मा ने दो बार दुर्ग शहर के महापौर रहीं एवं वर्तमान राज्यसभा सांसद सरोज पांडे से की तब उन्होंने कर्मचारियों की पीड़ा को समझ कर जिलाधीश से चर्चा की. सरोज पांडे ने कहा कि यह उसी दुर्ग निगम के कर्मचारी हैं जिनकी मेहनत के बदौलत दुर्ग नगर निगम देश एवं प्रदेश में अनेकों क्षेत्रों में सिरमौर रहा उन्होंने जिलाधीश से कहा कि प्रशासन चलाना आपका पहलू है ,किंतु मानवीय दृष्टिकोण को ध्यान में रखकर कार्य करें। जिलाधीश ने मामले को संज्ञान में लेकर निराकरण करने की बात कही।