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बाबरी विध्वंस केस में सीबीआई कोर्ट में दर्ज होंगे लालकृष्ण आडवाणी के बयान

24/07/2020
लखनऊ। बाबरी विध्वंस केस में सीबीआई की विशेष अदालत शुक्रवार को पूर्व गृह मंत्री लालकृष्ण आडवाणी का बयान दर्ज करेगी। आडवाणी वीडियो कांफ्रेंसिंग से अदालत में पेश होंगे। सीआरपीसी 313 के तहत यह बयान दर्ज किया जाएगा। कुल 32 में से 29 आरोपियों के बयान दर्ज हो चुके हैं। आडवाणी के लिए 1000 से ज्यादा सवाल सीबीआई ने तैयार किए हैं।

इससे पहले गुरुवार को सीबीआई की विशेष अदालत के समक्ष भाजपा के दिग्‍गज नेता मुरली मनोहर जोशी ने दिल्ली से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए बयान दर्ज कराया था। उन्होंने कोर्ट से खुद को निर्दोष बताते हुए कहा कि घटना के वक्त वह मौके पर मौजूद नहीं थे। यह पूरा मामला राजनीति से प्रेरित है और मुझे फर्जी तरीके से फंसाया गया है। इसके अलावा जोशी ने सीबीआई के सभी आरोपों को सिरे से नकाराते हुए गवाहों के बयान को भी झूठा बताया है।

भाजपा के दिग्‍गज नेता मुरली मनोहर जोशी ने साथ ही कोर्ट से कहा कि सबूत के तौर पर पेश वीडियो कैसेट से छेड़छाड़ हुई है, जबकि योजना के तहत कैसेट को जांच में शामिल किया गया है। इसके अलावा उन्‍होंने मुख्यमंत्री बनने के बाद कल्याण सिंह राम जन्मभूमि स्थल गए थे और उन्‍होंने वहां मंदिर निर्माण का संकल्प नहीं दोहराया था। उन्‍होंने कोर्ट से कहा कि वह अपनी बेगुनाही के सबूत समय आने पर पेश करेंगे।

आपको बता दें कि सीबीआई ने बाबरी ढांचा ध्वंस मामले में जोशी से 1050 सवाल पूछे। जी हां, सुबह करीब 11 बजे से शुरू हुआ बयान दर्ज करने का सिलसिला 3:30 बजे तक चला। बहरहाल, बाबरी मामले में अब तक 29 आरोपियों के बयान दर्ज हो चुके हैं। अब सिर्फ लाल कृष्ण आडवाणी और सतीश प्रधान के बयान होने हैं. 28 जुलाई को सतीश प्रधान के बयान वीडियो कांफ्रेंसिंग से होंगे। इस मामले में एक आरोपी ओमप्रकाश पांडे फ़रार घोषित हैं।

                                              क्या है मामला
6 दिसंबर 1942 को अयोध्या में विवादित बाबरी मस्जिद का ढांचा गिरा दिया गया था। इस मामले में बीजेपी के कई दिग्गज नेताओं को आरोपी बनाया गया था, जिसमें लाल कृष्ण आडवाणी, उमा भारती, मुरली मनोहर जोशी, कल्‍याण सिंह, जयभान सिंह पवैया समेत कई और बड़े नेता शामिल थे। इन सभी ने अदालती कार्रवाई का सामना किया. कई साल से चल रहे इस केस में कुछ आरोपियों की मृत्यु भी हो चुकी है। अब यह सुनवाई अंतिम दौर में मानी जा रही है, जिसके तहत आरोपियों के बयान दर्ज हो रहे हैं।