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कोरोना की अंतरराष्ट्रीय जांच की मांग पर झल्लाया चीन बोला- कुछ नहीं होगा हासिल

28/04/2020
पेइचिंग। कोरोना वायरस का सोर्स क्या है? इस एक सवाल के कई जवाब हैं, लेकिन कोई भी जवाब पुष्ट नहीं है। ऐसे में चीन पर अंतरराष्ट्रीय जांच का दबाव बढ़ता जा रहा है। अब चीन इन मांगों से बुरी तरह से बिफर गया है और उसने सोमवार को कहा कि इस तरह की जांच का कोई कानूनी आधार नहीं है और अतीत में ऐसी महामारियों की जांच के कोई ठोस नतीजे नहीं आए हैं। कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया में करीब तीस लाख लोगों को संक्रमित किया है और इसने अब तक दो लाख से से अधिक लोगों की जान ली है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अलावा ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया और जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल ने कोविड-19 के स्रोत को लेकर चीन से अधिक पारदर्शिता की मांग की है। ट्रंप ने वायरस के स्रोत की जांच की मांग को आगे बढ़ाते हुए कहा है कि इसका पता लगाया जाना चाहिए कि क्या यह वुहान इंस्टिट्यूट ऑफ वायरोलॉजी से निकला था।

जांच नहीं चाहता चीन, ऐसे किया बचाव
यह पूछे जाने पर कि क्या चीन वायरस के स्रोत के बारे में स्वतंत्र जांच के लिए सहमत होगा, तो चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गेंग शुआंग ने कहा कि पहले भी ऐसे वायरस की जांच से बहुत अधिक हासिल नहीं हुआ। उन्होंने कहा, वायरस की उत्पत्ति का स्रोत विज्ञान का विषय है और इसका अध्ययन वैज्ञानिकों और पेशेवरों द्वारा किया जाना चाहिए। इस तरह का अनुसंधान और निर्णायक उत्तर केवल महामारी विज्ञान के अध्ययन और वायरोलॉजी अध्ययनों से सबूत प्राप्त होने के बाद ही हासिल किया जा सकता है। यह एक बहुत ही जटिल मुद्दा है, अक्सर इसमें बहुत समय लगता है और अनिश्चितता होती है।